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Incest मां की ममता

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paarth milf lover

I m a big big milf and shayari lover💕♥️
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" 🌹 तुमसे मोहब्बत होती तो , शायद तुम्हे भुला भी देते ...!!!
इबादत की है , मरते दम तक सजदे करेंगे करते रहेंगे 🌹!!!!!!!!!"
 

gaurav5050

Pyar do or pyar lo
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मैं नीचे आया डायनिंग टेबल पर देखा तो सामने पर पापा और उसके दाई साइड पीहू और बाई साइड मुस्कान बैठे थे मां किचेन से खाना निकालकर टेबल पर रख रही थी और कामिनी प्लेट्स रेडी करके सबको डायनिंग टेबल पर प्लेट्स बढ़ा कर दे रही थी मैं भी पीहू के बगल में ही बैठ गया था अब कामिनी जब मेरी प्लेट मुझे देने को हुई तो उसे ज्यादा झुकना पड़ा क्युकी मैं दूर बैठा था और उसके झुकने के कारण उसकी बड़ी बड़ी चूचियां ऐसे झूल गई जैसे वो अभी गिरकर प्लेट में आ जायेंगी अब मेरी नजर तो वही पर ही गड़ गई जब मैने कुछ देर तक प्लेट को नहीं पकड़ा तो कामिनी ने मेरी ओर देखा और मेरी नजरो का पीछा किया तो पाया की में उसकी चूचियों में खोया हुआ हूं।

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कामिनी ने जैसे ही ये देखा उसकी आंखे लाल हो गई वो नहीं चाहती थी की उसका प्यारा देवर अभी इस उम्र में ये सब करे और अपना जीवन नष्ट करले यही सब सोचकर उसने प्लेट वही रखी लेकिन प्लेट के रखने से आवाज कुछ ज्यादा ही आई सभी कामिनी को देखने लगे लेकिन कामिनी अपने पैर पटकते हुए वहा से निकल गई। खैर अभी कुछ छड़ बीते ही होंगे की मां और कामिनी भी आ गई खाना खाने और जहा मां मेरी बगल में बैठ गई वही पर कामिनी मेरे सामने और मुस्कान के बगल में बैठ गई लेकिन कामिनी खाना कम और मुझे खाए जाने वाली नजरों से देखे जा रही थी बाकी सभी लोग अपने अपने खाने का आनंद ले रहे थे।
पापा- बेटा लव तुम क्या कर रहे हो?
पापा के इस सवाल से मैं डर गया और सोचने लगा कही पापा को पता तो नहीं चल गया और कामिनी को देखा जहा कामिनी के चेहरे पर मुस्कान फैल गई जब उसने मेरा ऐसा डरा और सहमा सा चेहरा देखा, लेकिन अब जवाब तो देना ही था तो अपने आप को नियंत्रण करके मैंने पापा से कहा जी पापा मैं कुछ समझा नहीं आप किस बारे में पूछ रहे है।

पापा फिर से बोले मैं बेटा ये कह रहा हूं की अगर आज कल तुम्हारे कॉलेज की पढ़ाई अगर तुम कवर कर लो और थोड़ा सा फ्री टाइम निकाल लो तो तुम गांव हो चले जाव अपने बड़े पापा और छोटे चाचा से भी मिल लेना और अपनी पुरानी जमीन है जो की बंजर है उसके पेपर बनवा लाओ मुझे पैसों की कुछ जरूरत है तो मैं उस जमीन को बेंच कर मैं यहां एक और प्लाट लेना चाहता हूं।

क्या तुम कुछ दिन वहा रुककर यह काम कर पाओगे?

मैं कुछ देर चुपचाप बैठा रहा और फिर बोला पापा वैसे कितने दिन का काम है और कितने रुकना होगा वहा?
पापा ये तो तुम पर और वहा के कर्मचारियों पर निर्भर है वैसे अगर काम होता है तो 3 से 5 दिन तक का समय लग सकता है।
मैं फिर सोचने लगा लेकिन फिर मुझे आइडिया आया की क्यूं ना मैं लाइव क्लास अटेंड कर लूं।
और फिर मैंने गांव जाने का निर्णय ले लिया पापा बहुत खुश हुए।
अगले दिन सुबह जल्दी ही मुझे पहले ट्रेन से और फिर बस से सफर करना था।
मैं अपना डिनर समाप्त कर ऊपर अपने रूम में चला गया।

मेरे मकान की बनावट कुछ इस प्रकार है

Ground floor - पहले बड़ा सा मैन गेट उसके बाद पार्किंग जो की खुला सा मैदान है उसके बाद बड़ा सा बरामदा और उससे लगा हुआ बड़ा सा हॉल उसके बाद तीन कमरे और उनसे अटैच बाथरूम और उसके एक साइड किचेन
पहला कमरा पापा का दूसरा कमरा गेस्ट का और तीसरा कमरा स्टोर के लिए यूज किया जाता है।
Fisrt floor - यहां भी 3 कमरे और उनसे अटैच बाथरूम थे और एक बड़ा सा हॉल था इसमें पहला कमरा मुस्कान का दूसरा कमरा कामिनी का और तीसरा कमरा मेरा था।
Secound floor - तीसरे फ्लोर पर एक ही कमरा था जो की स्टोर के लिए यूज किया जाता हैं।

मैं मेरे कमरे में आकर लेट गया और अपने दोस्तों से बात की और उनको अपने स्कूल ना आने के बारे में बताया वो थोड़ा तो मायूस हुए लेकिन फिर बाय बोल कर फोन काट दिया और फिर मैं यूट्यूब पर अपनी क्लॉस के लेक्चर के बारे में सर्च किया तो मुझे अनेकों वीडियो मिल गए मैं समझ गया की अगर मैं डेली अपने दोस्तों से क्लास के टॉपिक डिस्कस कर लूंगा तो मुझे किस टॉपिक की वीडियो देखनी ये मालूम हो जायेगा और ऐसे मेरी क्लास भी मिस नहीं होगी और मैं ज्यादा दिन तक रुक सकूंगा।

इसके बाद मैं जल्दी ही सो गया क्युकी अगले दिन मुझे जल्दी निकलना था।
अभी मैं कुछ देर ही सोया था की मेरी नींद प्यास और गर्मी से खुल गई।
मैने जब आंख खोली तो देखा की मेरे कमरे में कुछ जलने की गंध आ रही थी और साथ में धुआं भी हो रहा था मैंने अपने कमरे का लॉक खोला तो देखा हॉल में लाइट जल रही थी तो मुझे समझ आया की मेरे रूम में शॉर्ट सर्किट हुआ है खैर अब रात में कर ही क्या सकते थे।
इस लिए मैंने सोचा मैं गेस्ट रूम में जाकर सो जाता हूं, और यही सोचकर मैं नीचे आ गया।
सबसे पहले किचेन में जाकर फ्रिज से बॉटल निकाल कर पानी पिया और फिर मैं गेस्ट रूम को जाने लगा।
अभी मैं रूम के पास जाकर मैं गेट को खोलने ही वाला था की मुझे किसी की सिसकियों की आवाज आई।

मैं एक पल वही रुक गया मैने सोचा इतनी देर रात को कौन सिसक रहा है पहले तो मुझे डर लगा कही कोई भूत तो नहीं लेकिन सोचा यार ये भूत वूत तो होते नहीं तो फिर ये आवाज किसकी है और कहा से आ रही है जब मैने आवाज का पीछा किया तो पता चला ये आवाज तो गेस्ट रूम से ही आ रही है
मैं सोच में पड़ गया की इतनी रात को गेस्ट रूम में कौन हो सकता है।

अब मुझे रूम के अंदर देखना था लेकिन देखू तो देखू कैसे कुछ देर इधर से उधर करने पर मुझे आइडिया आया और मैंने तुरंत अपनी एक आंख चाभी वाली से छोटे से छेद में लगा दी और अंदर का नजारा देखकर तो मेरा गला ही सूख गया मुझे उस किय हॉल से बेड का कुछ हिस्सा ही दिखा जिसके उपर एक साइड की भारी भारी मोटी जांघें एक दम नंगी नजर आ रही थी और उसकी हाहाकारी गांड़ का साइड व्यू ही दिख रहा था उसके पीछे किसी की नंगी कमर उससे चिपकी बार बार आगे पीछे हो कर धक्के लगाए जा रही थी।

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जिसे देखकर मैं समझ गया की यहां पर चुदाई चल रही है ये सब देखकर मेरा भी लंड अब खड़ा होने लगा था।

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अंदर उसकी बड़ी बड़ी मासंल्या जांघें और भारी भरकम गांड़ जिसपे हर एक धक्के से ठप्प ठप्प की आवाज आ रही थी और वो औरत कुत्ते की मुद्रा में झुकी हुई सिसकियां लिए जा रही थी जबकि वो आदमी उसकी जवानी और उसकी कसी हुई बुर की तारीफे किए जा रहे थे और उसे तरह तरह की गालियों से बुला रहे थे उस आदमी की आवाज को सुनकर पहचान लिया था की ये कोई और नहीं मेरे पापा ही है लेकिन ये औरत कौन है क्युकी वो अभी तक कुछ भी नहीं बोली थी और ये सब देखकर मेरा लंड अपने पूरे उठान पर आ चुका था और उसे मैं बराबर हिलाए जा रहा था।

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पापा- मेरी जान मेरी बुर चोदी रण्डी क्या कसी हुई माल है तू जी करता है की तुझे हमेशा अपने पास नंगी ही रख्खू और हमेशा अपना लंड तेरी बुर में डाल रख्खू और तेरी चुदाई जमके करता रहूं। ऐसी ही बाते करते करते वो झड़ने के करीब आ गए और फिर अपना लंड निकालकर उसकी चूत पर गिराने लगे।

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और फिर कुछ पल बाद दोनो ही वही ढेर हो गए इधर मेरा तो कुछ हुआ ही नहीं लेकिन अब और अधिक हिलाने की इच्छा मेरी भी खत्म हो गई इसलिए मैं वहा से सीधा मां के कमरे में जाने की सोचा और उस कमरे की ओर चल पड़ा कमरे के दरवाजे के पास गया और गेट को खोलने के लिए धक्का दिया तो गेट खुल गया और मैं अंदर गया और बेड पर जब नजर गई तो मैं तो पूरा का पूरा हिल गया मेरी स्थिति ऐसी हो गई की काटो तो खून नही बात ये थी की बेड पर मां गहरी निद्रा में घोड़े बेच कर सो रही थी और बस यही देखकर मेरा पूरा शरीर सुन्ना पड़ गया की अगर मां यहां पर तो गेस्ट रूम में पापा के साथ कौन होगा?

मैं वहा से निकला और उपर की ओर भागा ये देखने की मेरे घर में औरते तो सिर्फ 3 है तो फिर ये कौन सी औरत है जो की पापा से चुदती है।

सबसे पहले मुस्कान का कमरा ही पड़ता है तो मै उसे ही देखना चाहा मगर देख ना पाया क्यूंकि कमरे की लाइट बंद थी फिर मैने अपने जेब से मोबाइल निकाला और टॉर्च ऑन किया और पाया मुस्कान अपने कमरे में नहीं है और मैं उसे वहा ना पाकर एक दम दंग रह गया ये क्या मुस्कान अपने कमरे में नही है तो क्या इसका मतलब मुस्कान ही पापा से चुदाई करवा रही थी ये सोचकर ही मैं हिल गया।

नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता एक बाप अपनी ही बेटी को कैसे चोद सकता है,यही सब सोचकर मैं नीचे जाने लगा लेकिन फिर एक बार भाभी को भी देखने का मन हुआ तो भाभी के कमरे के पास गया तो मैं और भी हिल गया भाभी के कमरे में सिर्फ पीहू ही अकेले सो रही थी लेकिन एक बात यहां भी एक ही जैसी थी की भाभी के भी कमरे की लाइट नहीं जल रही थी।

उसके बाद मैं नीचे चला गया और मां के साथ उसके बगल में ही लेट गया अभी मुस्किल से 15 से बीस मिनट ही गुजरे होंगे की मम्मी का एक हाथ मेरे शरीर पर था और वह कुछ ढूंढ रहा था कुछ बाद मम्मी का हाथ एक जगह पर आके रुक गया और मेरी धड़कन भी रुक गई क्यूंकि मम्मी का हाथ सीधे मेरे लंड पर था और वो उसे मेरे शॉर्ट के उपर से ही मसले जा रही थी कुछ देर बाद अब मां का हाथ मेरे शॉर्ट के अंदर जाने लगा था और एक पल ऐसा आया जब मां ने मेरे नंगे लंड को अपने हाथ से पकड़ रक्खा था अब मां उसे अच्छे से सहलाए और मसले जा रही थी।

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अभी कुछ छड़ ही बीते थे मैं सोच ही रहा था की मां को मैं जगा देता हूं और यही सोचकर मैं उनका हाथ पकड़ने ही वाला था की मां ने कुछ ऐसा बोला जिसे सुनकर मेरे पैरों तले जमीन ही खिसक गई मां मेरे पड़ोसी शर्मा जी का नाम लेकर मेरा लंड मसल रही थी अब सच में मुझे घुटन जैसी होने लगी थी ये मेरे घर में चल क्या रहा है मां शर्मा जी से और दीदी या भाभी में से कोई एक पापा के साथ चुदाई कर रही है मेरा मन कर रहा था की काश मैं अपनी जान दे दू लेकिन ये सब सिर्फ कहना आसान होता है फिलहाल मैं मां का हाथ हटाना चाहता था इसलिए एक बार फिर से मेरा हाथ मेरी मां के हाथ के पास जाने लगा लेकिन मां ने फिर शर्मा जी के बारे में कुछ बोला जिसे सुनकर मैं दंग रह गया अब मैंने अपने हाथ को रोक लिया और सुनने लगा की आखिर मां और शर्मा जी के बीच मां का कितना गहरा रिश्ता है लेकिन अब एक तरफ मेरा लंड भी फिर से खड़ा हो गया था और मां उसे बड़े चाव से मसले जा रही थी अब मैं भी मां के द्वारा अपने लंड को सहलाने पर गर्म होने लगा था और अब मेरे हाथ भी मेरी मां के ओर बढ़ने लगे थे मैने डरते डरते अपना एक हाथ मां के पेट और उनके सीने के बीच रखा और फिर बहुत ही हल्के हाथों से सहलाने लगा अब मेरा लंड ठुमके मारने लगा था एक तो पापा की चुदाई देखकर मैं गर्म था दूसरा मां अब मेरा लंड मसले जा रही थी तो और अब मैं जल्द ही अंतिम पड़ाव की ओर बड़ रहा था मेरी हथेली अब मां की बड़ी बड़ी विशाल पर्वत जैसी चूचियों के उपर ही थी जिसे मैं हल्के हाथों से सहलाए जा रहा था इधर मां शर्मा जी से अपनी ओर शर्मा जी के चुदाई की दस्ता बताए जा रही थी और कहे जा रही थी की उनका लंड बहुत ही मस्त है जब जब वह उसकी चूत की गहराई में जाता है तो मां को बड़ा सुकून मिलता है मां की सारी गर्मी शर्मा जी के लंड से दूर हो जाती है।
जहा एक समय मुझे ये सारी बाते दुख दे रही थी वही अब ये सब बातें मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर रही थी और उत्तेजना वश अब मेरा माल निकलने के बहुत ही करीब आ गया था और फिर मेरा गाढ़ा माल निकलकर बेड पर और मेरे ऊपर और मां के हाथों पर भी गिरने लगा था मैने भी उत्तेजना और आर्गैज़्म के कारण मां की एक चूची को ज्यादा जोर से दबा दिया जिससे उनकी नींद खुल गई लेकिन मां की नींद खुलने से पहले ही मैंने अपना हाथ उनके सीने से तुरंत हटा लिया था जब मां की नींद खुली तो थोड़ी देरी के बाद ही उनको अहसास हुआ की उनका हाथ कहा पर है और क्या कर रहा है लेकिन मां ने अपना हाथ निकला नहीं बल्कि और मजबूती से मेरे लंड को पकड़ लिया और मादक आवाज में बोली लव के पापा आप भी और इतना कहकर मां मेरे और करीब आ गई अब उनका हाथ अच्छे से मेरे पूरे लंड पर उपर नीचे हो सकता था और जैसे उन्होंने मेरे लंड को अच्छे से पकड़ा और उसे उपर से नीचे तक किया उनको अहसास हुआ की आज लव के पापा का लंड कुछ ज्यादा ही बड़ा और मोटा महसूस हो रहा है उन्होंने एक से दो बार उसे अच्छे से उपर नीचे किया फिर उनको अहसास हो गया की ये कोई और ही है और वो तुरंत अपने बेड से उठी और ट्यूबलाइट ऑन की जैसे ही उनकी नजर ने मुझे वहा पर देखा एक पल के लिए तो उनको चक्कर से आने जैसा हुआ लेकिन जब उनकी नजर मेरे लंड पर गई जिसने अभी अभी अपना माल निकला था उन्होंने उसे उसे देखकर वो ये ही भूल गई की आखिर ये लंड है किसका अब वो उसे उपर से नीचे तक घूरे जा रही थी लेकिन विश्वाश ही नहीं हो रहा था की जिस लंड का अभी माल निकल गया हो उसके वाबजूद भी वो अभी तक का माया के जीवन का सबसे बड़ा लंड था अब माया का गला सूखने लगा था उसे शारीरिक और भोगनात्मक प्यास दोनो ही परेशान करने लगी जिस कारण वो मुझे उसी हाल में छोड़ कर किचेन में चली गई पानी पीने इधर मैं बहुत देर से एक ही मुद्रा में लेते रहने के कारण मेरी पीठ दर्द करने लगी तो मैने करवट लेली लेकिन अपने लंड को बाहर ही रहने दिया उसी हाल में और सोचने लगा की क्या मैं सही कर रहा हूं लेकिन कुछ भी कहो मां के हाथो का स्पर्श बहुत ही मस्त था मेरे रोम रोम में एक आनद की लहर सी दौड़ गई थी इसलिए मैंने सोचा जो होगा देखा जायेगा लेकिन अपने लंड को बाहर ही रहने दिया उधर मां किचेन में जाकर पानी पी और सोचने लगी की ये वो क्या कर रही थी अच्छा हुआ की मेरा बेटा सोया हुआ था नहीं तो वो मेरे बारे में क्या क्या सोचता की मैं कैसी मां हूं उसकी जो अपने ही बेटे के लंड को सहला रही थी और फिर वो अपने उस हाथ को देखने लगी जिससे उसने मेरा लंड हिलाया था अभी भी उस हांथ में मेरा वीर्य लगा हुआ था मां उसे अपने पास लाई और जैसे ही उसकी खुशबू मां के नथुने से होकर अंदर गई मां की आंखों में वासना की डोरे नजर आने लगी
और सोचने लगी माया तूने देखा नहीं क्या......तेरा बेटा एक असली मर्द है जिस प्रकार के मर्द की तुझे तलाश थी ये तेरा बेटा वैसा ही तो है एक विशालकाय लंड जो की तेरे पूरे हाथ में नहीं आ रहा था सोच अगर यही लंड तेरी बुर में जाए तो क्या होगा तेरी बुर का.......... तेरी बुर की तो धज्जियां उड़ जायेंगी और माया की एक सिसकी निकल गई और फिर ऐसी ही सोच मां के अंदर आने लगी

लेकिन मां को कुछ पल बाद ये अहसास हुआ की आखिर वो क्या कर रही है और किसके बारे में ऐसा सब सोच रही है अब उसे बुरा भी लग रहा था की वो मेरी मां है वो कैसे मेरे बारे में ऐसा सोच सकती है फिर वो पानी पीकर और अपने हाथ को धोकर रूम में आई एक बार तो फिर से उनकी नजर मेरे लंड पर पड़ी जो की मेरे फिर से सीधा लेटे रहने के कारण साफ साफ देखा जा सकता था लेकिन फिर मां ने झट लाइट बंद की ओर मेरे पास आकर लेट गई फिर वो सोचने लगी की अब मेरी अंडरवियर कैसे उपर करे मेरे लंड को फिर से कैसे अंदर डाले और अगर वो ऐसा नहीं करती है तो फिर सुबह जब मेरी आंख खुलेगी तब मैं क्या सोचूंगा यही सब सोच कर अब मां अपना हाथ धीरे धीरे मेरे लंड के पास लाई लेकिन फिर से उन्होंने अपना हाथ पीछे खींच लिया ऐसा उन्होंने 2 से 3 बार किया लेकिन अंतत उन्होंने अपनी हिम्मत जुटाई और सोचा की वो मेरे लंड को ना छूकर सीधा कपड़े को पकड़ कर ऊपर कर देंगी और यही सोच वो अपना हाथ आगे लाने लगी लेकिन जैसे ही उन्होंने मेरे अंडरवियर को पकड़ना चाहा अंधेरा होने के कारण मां के हाथ में फिर से मेरा लंड एक बार आ गया लेकिन इस बार मां ने अपनी मातृ शक्ति पर नियंत्रण रखा और मेरे लंड को तुरंत ही मेरी कच्छी में घुसा कर अपना हाथ बाहर निकल लिया और एक साइड करवट ले कर सोने लगी लेकिन अब उन्हें इतनी जल्दी नींद कहा आने वाली थी और चूत का हाल तो और भी बुरा हो गया अपने ही बेटे का लंड सहनाया और उसका पानी निकाल दिया ऐसा सोच सोच कर ही उनकी बुर पानी बहाए जा रही थी और लेकिन वह मन ही मन अपने आपको कोसे जा रही थी इधर जब कुछ देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो मैं भी अब सोने की कोशिश करने लगा और अगली सुबह मुझे जल्दी निकलना भी था।
 
Last edited:

Rudransh120

The Destroyer
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Bhai story to badhiya ja rahi he par incest rakho to aur maja aayega please kisi baharwale ko na add kare maa ko yaa pariwar walo ka kisi bahar ke aadmiyon ke sath na dikhaye....

Aur ho sake to ek ko hi hero rakhiye to jyadda maja aayega...

Baki Apki iccha agle update ki pratiksha rahegi....
 
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