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Fantasy ब्रह्माराक्षस

parkas

Well-Known Member
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अध्याय तेईस

जब हम दोनों मेरे घर पहुंचे तो आज मुझे प्रिया के चेहरे पर अलग ही चमक दिख रही थी आज वो जितनी खुश थी उतनी तो वो अपने जन्मदिन पर भी नहीं थी आज वो किसी बचे की तरह व्यवहार कर रही थी जिसे अपना मनपसंद गिफ्ट मिला हो

तो वही उसे हँसता देखकर मेरे दिल को भी एक अजीब सी खुशी मिल रही थी आज मुझे एहसास हो रहा था कि प्रेम किसे कहते हैं और अभी मे उसके चेहरे की मुस्कुराहट मे खोया हुआ था कि तभी मुझे अपने हाथ पर अचानक कुछ चुभन महसूस हुई जिससे मे होश में आ गया

और जब मेंने प्रिया की और देखा तो वो मेरे सामने सिर झुका कर शर्मा रही थी शायद उसने मुझे खुद को घूरते हुए देख लिया था कि तभी मेरा ध्यान उसके हाथ पर गया जहा उसके हाथ में एक पिन पकडी हुई थी शायद उसी ने वो पिन चुभाई थी और अभी मे कुछ बोलता उससे पहले ही प्रिया बोलने लगी

प्रिया :- अगर घूरने से मन भर गया हो तो जाओ फ्रेश हो जाओ में खाना मंगवाया है

प्रिया की बात सुनकर मैं बिना कुछ कहे फ्रेश होने चला गया और जब मे जा रहा था तो प्रिया के हंसने की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी शायद मेरी हालत पर ही हंस रही थी और जब मे फ्रेश होकर आया तो दंग रह गया

सामने का नजारा ही कुछ ऐसा था प्रिया बिल्कुल किसी परी के तरह दिख रही थी इतनी ख़ूबसूरत की उसे देख कर मेरा मुँह खुला ही रह गया उसने इस वक़्त एक काली जाँघों तक आती वन पीस ड्रेस जो उसके गोरे बदन से एकदम कस के चिपकी हुई थी

जिसमें से उसके शरीर का हर एक उभार में अच्छी तरह से देख पा रहा था तो वही उसके खुले काले बाल जो सिर्फ कंधो तक थे। हल्का मेकअप, होठों पर वो हल्की गुलाबी लिपस्टिक, कानों में लंबी स्टाइलिश बाली, हर जगह से वो सौंदर्य की प्रतिमा लग रही थी

खाना खाना आ आ गया गया गया गया था था और जब मेरी नजर खाने पर पडी पडी तो मेने अपना सिर पीट लिया क्यूँकी प्रिया ने खाने के साथ बियर की भी 2 बोतल मंगाई थी और और फिर उसके बाद प्रिया भी फ्रेश हो कर आ गई जिसके बाद हम दोनों ने खाना खाया और फिर बीयर पीने लगे और जब हमारी बीयर खत्म करके हुई तो हम दोनों मेरे बेड पर जाके बैठ गए

में :- मुझे मुझे लगा नहीं था कि तुम इतना पीती हो

प्रिया :- मे हर दिन नहीं पीती सिर्फ किसी खास दिन

में :- अच्छा और आज क्या खास है

प्रिया :- आज मुझे मेरा मेरा पहला प्यार मिल गया है और आज मे पूरी तरह तुम्हरी बन जाना चाहती हूं

में :- प्रिया ये कुछ जल्दी नहीं होगा मतलब

अभी मे कुछ बोलता की उसने मुझे बेड पर धक्का देके लिटाया और फिर मेरे उपर आके बैठ गयी ऊपर आके बैठ गई और फिर मेरे कानों के नज़दीक आके बोलने लगी

प्रिया :- क्या तुम मुझे नहीं चाहते हो मेरे से प्यार नहीं करते हो

इतना बोलकर वो मुझसे दूर हो गई लेकिन अभी भी मेरे उपर ही बैठी हुई थी वही आज पहली बार प्रिया को मेरे इतने करीब देख कर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था या ऐसा भी कह सकते हैं कि मे उसकी सुंदरता इतने पास से देख के ही मंत्रमुग्ध हो गया था

क्या सुन्दरता थी. वो हसीन चेहरा, पूरी इत्मीनान से तराशा गया वो बदन, वो नैन जो एक झलक में किसी की जान ले ले ऐसी सुंदर लड़की इस वक़्त मेरे ऊपर बैठी हुई थी पर ये बात भी सच थी कि वो इस वक्त पूरे होश में नहीं थी

और अगर इस वक़्त में उसके साथ कुछ भी करता तो गलत ही होता चाहे वो मेरे होने वाली बीवी ही क्यु ना हो मे अभी ये सोच ही रहा था कि तभी वो नीचे झुकी और फिर एक बार मेरे चेहरे के पास अपना चेहरा लाई उसकी गरम गरम सासे मेरे चेहरे पर पड़ रही थी

जो मुझे कुछ गलत करने पर मजबूर करती जा रही थी अब मेरे ऊपर तो पहले से ही कामोत्तेजना का बवंडर मंडरा रहा था और ऊपर से बीयर का नशा आखिर कब तक ही रोक पाता मे खुदको उसने बड़े ही प्यार से मेरे गाल पर अपना एक अंगूठा फिराया और मेरे चेहरे को निहारने लगी,

लड़की :- मे हमेशा ये सीन अपने सपने मे देखती थी जिसमें हम दोनों सारे बंधनों को तोड़ कर एक हो जाएंगे

और अगले ही पल उसने झुकते हुए मेरे होंठ अपने गुलाबी होठों में भर लिए

दोनों के होंठ आपस में मिलते ही एक जोरदार झटका दोनों के ही शरीर को लगा

ये एहसास इतना अद्भुत था कि किसी को भी इसकी लत लग जाए लेकिन अब मेरे उपर भी बीयर और कामवासना का नशा पूरा चढ़ गया था मे चाह कर के भी खुदको रोक नहीं पाया और जी भर के प्रिया के के होंठ चूमने लगा

मे नहीं चाहता था कि मे कभी भी इस फीलिंग को भूल जाऊँ और इसलिए मे जी भर के प्रिया के होंठ चूसने लगा जब दोनों के होंठ एक दूसरे से अलग हुए तो दोनों की सासें फुल रही थी जिस वजह से प्रिया के स्तन भी उपर नीचे हो रहे थे

ये दृश्य देखकर मेरी नजर प्रिया पर ही टिकी हुई थी इस वक़्त तक हम दोनों भी बीयर और कामवासना के नशे मे पूरी तरह से डूब गए थे अब हमे ना किसी और चीज की समझ थी ना ही हम कुछ और समझना चाहते थे

वहीं जब प्रिया ने मुझे उसके स्तनों को घूरते देखा तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने स्तनों पर रख दिया और फिर मेरे कानों में गरम सास छोड़ते हुए बोली

प्रिया (कामुक आवाज में) :- ये तुम्हारें ही है सिर्फ देखो मत ब्लकि मसलों इन्हें

जब उसने ऐसा कहा तो मेंने भी बिना समय गवाए और बिना हिचकिचाटे हुए प्रिया के स्तनों को ड्रेस के ऊपर से ही ज़ोर से भींचते हुए उन्हें निचोड़ना शुरू कर दिया जिससे प्रिया के शरीर को एक झटका सा लगा

अब वो लंबी लंबी सिस्किया लेने लगी फिर मेंने उसे पकड़ते हुए अपने ऊपर से हटा के उसे मेरे बगल में लिटाया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया और ऐसा होते ही प्रिया के चेहरे के भाव ही बदल गए जहा उसके चेहरे पर कामवासना के भाव थे वही अब उसके चेहरे पर शर्माहट साफ़ देखी जा सकती थी साथ ही साथ उसका जोश भी उतना ही चढ़ा हुआ था

ये उसके लिए किसी सपने से बढ़कर नहीं था तो वही वही मेरा भी ये दूसरा मौका ही था इसीलिए मुझे भी इसमे बिल्कुल वैसा ही मजा आ रहा था कि मानो ये मेरा भी पहली बार ही है फिर में धीरे धीरे प्रिया के चेहरे की तरफ झुकने लगा और नीचे झुकते हुए उसके गोरे कंधों को चूमना शुरू कर दिया

और धीरे-धीरे ऊपर जाते हुए मे उसकी गर्दन को अपनी चुम्मियों से गीला करने लगा जिसके बाद मेने अपने हाथों का इस्तमाल करते हुए पल भर में ही प्रिया के उस काली ड्रेस को उसके शरीर से दूर कर दिया और अब प्रिया मेरे सामने केवल एक पैंटी मे थी जो कि उसके ड्रेस से बिल्कुल काली थी

वो ड्रेस ही ऐसा था कि जिसमें ब्रा ना पहननी पड़े जिस वजह से उसकी गोरी नर्म चूचियों के दर्शन मुझे हो गए और फिर अगले ही पल उसने अपना मुंह खोल एक चूचा मुंह में भर लिया प्रिया सिस्की लेते हुए अपने हाथों को मेरे सर के पीछे लपेट ली और मेरे बालो में अपनी उंगलियां फेरते हुए मुझे अपनी ओर खींचते हुए अपने स्तनों पर मेरा सर रख दबाव बढ़ाने लगी

जेसे कहना चाह रही हो कि चूसो इन्हें जी भर के चूसो और मेंने भी उसके मन की बात सुन ली थी और फिर मेने ठीक वही किया मे उन नर्म नर्म चुचियों को जी भर के चूस रहा था , उन्हें निचोड़ रहा था , दबा रहा था और निपल्स के साथ खेल रहा था जो मेरे मन में आये कर रहा था

जो प्रिया को दर्द और मजे की नयी ऊंचाई पर पहुंचा रहा था क्यूंकि कभी मे उन्हें काटता तो कभी उनपे जीभ फिरता, कभी मुँह में भरता तो कभी दातो तले दबा के उसे खीचता जिससे अब प्रिया पूरी तरह मदहोश हो गई थी मेरा हर प्रहार पर प्रिया सिहर के रह जाती थी

तो वही वो मेरे गरदन को ऐसी चूस रही थी मानो जैसे खा ही जाएगी अब हमारा हाल ऐसा हो गया था था कि हम दोनों कब पूरी तरह से नग्न हो गए हमे भी पता नहीं चला और जब मेने प्रिया की योनि के दर्शन किए तो पल भर के लिए तो मे बस देखता ही रहा क्या अध्भुत दृश्य था वो

चिकनी पतली सी गोरी चूत मुझे उकसा रही थी जैसे कह रही थी कि आओ और चूसो इसे तबाह कर दो इसे इतनी पतली गुलाबी चूत और उससे आ रही सुगंध मुझे हर पल मदहोश करती जा रही थी प्रिया भी मुझे इतनी नशीली आँखों से देख रही थी जो मुझको बेकाबू कर रहा था

फिर मे अपना चेहरा प्रिया के चुत के पास ले गया और पहले उसमे से आ रही खुशबु को एक बार ज़ोर से सूंघा और उसे अपने दिलोदिमाग मे बसा लिया और फिर अपना मुँह खोल प्रिया की चूत को अपने मुँह में भर लिया

मेरे ऐसा करते ही प्रिया की आंखें फटी रह गईं और उसने अपनी टांगें जोर से मेरे सर पर इरद गिर्द कस ली उसके चेहरे से ही लग रहा था कि ऐसा एहसास प्रिया को आज तक नहीं हुआ था वो तो बस अलग ही दुनिया में जा चुकी थी

जिसका सबूत था कि कुछ ही मिनट की चुत चुसाई के बाद उसकी चूत रस छोड़ने लगी और फिर प्रिया का शरीर भी अकड़ने लगा लेकिन मे रुका नहीं जिससे जल्द ही उसका शरीर झटके खाते हुए झड़ने लगा

जिसके बाद मेने अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर सेट करते हुए मेंने एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे मेरे लंड का टोपा झट से चूत में प्रवेश कर गया तो वही ऐसे एकदम धक्का मारने से प्रिया की हालत खराब हो गई दर्द के मारे बेचारी प्रिया की जोरदार चीख निकलने वाली थी

लेकिन इसके पहले कि वो ज़ोर से चिल्लाती है, मेने उसके मुँह पर हाथ रख उसकी आवाज़ को रोक दिया और वैसे ही कुछ देर रुक गया फिर कुछ देर बाद मेंने फिर दो धक्के मारे जिससे अब मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में जा चुका था

तो वही हल्के हल्के आसु प्रिया की कोमल पलकों को भिगोने लगे थे जिसे देखकर मे फ़िर एक बार रुक गया और कुछ देर यू ही बिना हिले डुले मे अपना लंड उसकी योनि के अंदर ही रखा रहा और जब प्रिया शांत हुई तो

मेने हौले हौले ही अपने लिंग को आगे पीछे करना शुरू कर दिया प्रिया की चूत अंदर से इतनी गर्म थी कि ऐसा लग रहा था मानो मेरा लंड उसी वक़्त जल जाएगा किसी भट्टी से कम नहीं थी तो वही चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड बड़ी ही मुश्किल से अंदर बाहर हो रहा था

चुत के अंदर की दीवारे मेरे लंड को कस कर पकड़ रही थी और अपने तपमान से मेरे लंड को किसी गरम लोहे की रॉड में बदल रही थी अब पूरे कमरे में चुड़ाई की आवाज कमरे में फेल हो गई

और इस अदभुत चुदाई के बाद अब मुझसे और काबु करना मुश्किल हो रहा था और अगले ही पल मेंने अपना लंड बाहर निकाला अपने वीर्य की एक तेज़ पिचकारी छोरी, जो सीधी प्रिया की नंगी चुचियो, उसकी छाती, और उसके पैर पर जाके गिरी जिसके बाद मे और प्रिया वैसे ही एक

दूसरे के बाहों में सो गए

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आज के लिए इतना ही

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Bahut hi shaandar update diya hai VAJRADHIKARI bhai....
Nice and lovely update....
 

kas1709

Well-Known Member
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अध्याय तेईस

जब हम दोनों मेरे घर पहुंचे तो आज मुझे प्रिया के चेहरे पर अलग ही चमक दिख रही थी आज वो जितनी खुश थी उतनी तो वो अपने जन्मदिन पर भी नहीं थी आज वो किसी बचे की तरह व्यवहार कर रही थी जिसे अपना मनपसंद गिफ्ट मिला हो

तो वही उसे हँसता देखकर मेरे दिल को भी एक अजीब सी खुशी मिल रही थी आज मुझे एहसास हो रहा था कि प्रेम किसे कहते हैं और अभी मे उसके चेहरे की मुस्कुराहट मे खोया हुआ था कि तभी मुझे अपने हाथ पर अचानक कुछ चुभन महसूस हुई जिससे मे होश में आ गया

और जब मेंने प्रिया की और देखा तो वो मेरे सामने सिर झुका कर शर्मा रही थी शायद उसने मुझे खुद को घूरते हुए देख लिया था कि तभी मेरा ध्यान उसके हाथ पर गया जहा उसके हाथ में एक पिन पकडी हुई थी शायद उसी ने वो पिन चुभाई थी और अभी मे कुछ बोलता उससे पहले ही प्रिया बोलने लगी

प्रिया :- अगर घूरने से मन भर गया हो तो जाओ फ्रेश हो जाओ में खाना मंगवाया है

प्रिया की बात सुनकर मैं बिना कुछ कहे फ्रेश होने चला गया और जब मे जा रहा था तो प्रिया के हंसने की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी शायद मेरी हालत पर ही हंस रही थी और जब मे फ्रेश होकर आया तो दंग रह गया

सामने का नजारा ही कुछ ऐसा था प्रिया बिल्कुल किसी परी के तरह दिख रही थी इतनी ख़ूबसूरत की उसे देख कर मेरा मुँह खुला ही रह गया उसने इस वक़्त एक काली जाँघों तक आती वन पीस ड्रेस जो उसके गोरे बदन से एकदम कस के चिपकी हुई थी

जिसमें से उसके शरीर का हर एक उभार में अच्छी तरह से देख पा रहा था तो वही उसके खुले काले बाल जो सिर्फ कंधो तक थे। हल्का मेकअप, होठों पर वो हल्की गुलाबी लिपस्टिक, कानों में लंबी स्टाइलिश बाली, हर जगह से वो सौंदर्य की प्रतिमा लग रही थी

खाना खाना आ आ गया गया गया गया था था और जब मेरी नजर खाने पर पडी पडी तो मेने अपना सिर पीट लिया क्यूँकी प्रिया ने खाने के साथ बियर की भी 2 बोतल मंगाई थी और और फिर उसके बाद प्रिया भी फ्रेश हो कर आ गई जिसके बाद हम दोनों ने खाना खाया और फिर बीयर पीने लगे और जब हमारी बीयर खत्म करके हुई तो हम दोनों मेरे बेड पर जाके बैठ गए

में :- मुझे मुझे लगा नहीं था कि तुम इतना पीती हो

प्रिया :- मे हर दिन नहीं पीती सिर्फ किसी खास दिन

में :- अच्छा और आज क्या खास है

प्रिया :- आज मुझे मेरा मेरा पहला प्यार मिल गया है और आज मे पूरी तरह तुम्हरी बन जाना चाहती हूं

में :- प्रिया ये कुछ जल्दी नहीं होगा मतलब

अभी मे कुछ बोलता की उसने मुझे बेड पर धक्का देके लिटाया और फिर मेरे उपर आके बैठ गयी ऊपर आके बैठ गई और फिर मेरे कानों के नज़दीक आके बोलने लगी

प्रिया :- क्या तुम मुझे नहीं चाहते हो मेरे से प्यार नहीं करते हो

इतना बोलकर वो मुझसे दूर हो गई लेकिन अभी भी मेरे उपर ही बैठी हुई थी वही आज पहली बार प्रिया को मेरे इतने करीब देख कर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था या ऐसा भी कह सकते हैं कि मे उसकी सुंदरता इतने पास से देख के ही मंत्रमुग्ध हो गया था

क्या सुन्दरता थी. वो हसीन चेहरा, पूरी इत्मीनान से तराशा गया वो बदन, वो नैन जो एक झलक में किसी की जान ले ले ऐसी सुंदर लड़की इस वक़्त मेरे ऊपर बैठी हुई थी पर ये बात भी सच थी कि वो इस वक्त पूरे होश में नहीं थी

और अगर इस वक़्त में उसके साथ कुछ भी करता तो गलत ही होता चाहे वो मेरे होने वाली बीवी ही क्यु ना हो मे अभी ये सोच ही रहा था कि तभी वो नीचे झुकी और फिर एक बार मेरे चेहरे के पास अपना चेहरा लाई उसकी गरम गरम सासे मेरे चेहरे पर पड़ रही थी

जो मुझे कुछ गलत करने पर मजबूर करती जा रही थी अब मेरे ऊपर तो पहले से ही कामोत्तेजना का बवंडर मंडरा रहा था और ऊपर से बीयर का नशा आखिर कब तक ही रोक पाता मे खुदको उसने बड़े ही प्यार से मेरे गाल पर अपना एक अंगूठा फिराया और मेरे चेहरे को निहारने लगी,

लड़की :- मे हमेशा ये सीन अपने सपने मे देखती थी जिसमें हम दोनों सारे बंधनों को तोड़ कर एक हो जाएंगे

और अगले ही पल उसने झुकते हुए मेरे होंठ अपने गुलाबी होठों में भर लिए

दोनों के होंठ आपस में मिलते ही एक जोरदार झटका दोनों के ही शरीर को लगा

ये एहसास इतना अद्भुत था कि किसी को भी इसकी लत लग जाए लेकिन अब मेरे उपर भी बीयर और कामवासना का नशा पूरा चढ़ गया था मे चाह कर के भी खुदको रोक नहीं पाया और जी भर के प्रिया के के होंठ चूमने लगा

मे नहीं चाहता था कि मे कभी भी इस फीलिंग को भूल जाऊँ और इसलिए मे जी भर के प्रिया के होंठ चूसने लगा जब दोनों के होंठ एक दूसरे से अलग हुए तो दोनों की सासें फुल रही थी जिस वजह से प्रिया के स्तन भी उपर नीचे हो रहे थे

ये दृश्य देखकर मेरी नजर प्रिया पर ही टिकी हुई थी इस वक़्त तक हम दोनों भी बीयर और कामवासना के नशे मे पूरी तरह से डूब गए थे अब हमे ना किसी और चीज की समझ थी ना ही हम कुछ और समझना चाहते थे

वहीं जब प्रिया ने मुझे उसके स्तनों को घूरते देखा तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने स्तनों पर रख दिया और फिर मेरे कानों में गरम सास छोड़ते हुए बोली

प्रिया (कामुक आवाज में) :- ये तुम्हारें ही है सिर्फ देखो मत ब्लकि मसलों इन्हें

जब उसने ऐसा कहा तो मेंने भी बिना समय गवाए और बिना हिचकिचाटे हुए प्रिया के स्तनों को ड्रेस के ऊपर से ही ज़ोर से भींचते हुए उन्हें निचोड़ना शुरू कर दिया जिससे प्रिया के शरीर को एक झटका सा लगा

अब वो लंबी लंबी सिस्किया लेने लगी फिर मेंने उसे पकड़ते हुए अपने ऊपर से हटा के उसे मेरे बगल में लिटाया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया और ऐसा होते ही प्रिया के चेहरे के भाव ही बदल गए जहा उसके चेहरे पर कामवासना के भाव थे वही अब उसके चेहरे पर शर्माहट साफ़ देखी जा सकती थी साथ ही साथ उसका जोश भी उतना ही चढ़ा हुआ था

ये उसके लिए किसी सपने से बढ़कर नहीं था तो वही वही मेरा भी ये दूसरा मौका ही था इसीलिए मुझे भी इसमे बिल्कुल वैसा ही मजा आ रहा था कि मानो ये मेरा भी पहली बार ही है फिर में धीरे धीरे प्रिया के चेहरे की तरफ झुकने लगा और नीचे झुकते हुए उसके गोरे कंधों को चूमना शुरू कर दिया

और धीरे-धीरे ऊपर जाते हुए मे उसकी गर्दन को अपनी चुम्मियों से गीला करने लगा जिसके बाद मेने अपने हाथों का इस्तमाल करते हुए पल भर में ही प्रिया के उस काली ड्रेस को उसके शरीर से दूर कर दिया और अब प्रिया मेरे सामने केवल एक पैंटी मे थी जो कि उसके ड्रेस से बिल्कुल काली थी

वो ड्रेस ही ऐसा था कि जिसमें ब्रा ना पहननी पड़े जिस वजह से उसकी गोरी नर्म चूचियों के दर्शन मुझे हो गए और फिर अगले ही पल उसने अपना मुंह खोल एक चूचा मुंह में भर लिया प्रिया सिस्की लेते हुए अपने हाथों को मेरे सर के पीछे लपेट ली और मेरे बालो में अपनी उंगलियां फेरते हुए मुझे अपनी ओर खींचते हुए अपने स्तनों पर मेरा सर रख दबाव बढ़ाने लगी

जेसे कहना चाह रही हो कि चूसो इन्हें जी भर के चूसो और मेंने भी उसके मन की बात सुन ली थी और फिर मेने ठीक वही किया मे उन नर्म नर्म चुचियों को जी भर के चूस रहा था , उन्हें निचोड़ रहा था , दबा रहा था और निपल्स के साथ खेल रहा था जो मेरे मन में आये कर रहा था

जो प्रिया को दर्द और मजे की नयी ऊंचाई पर पहुंचा रहा था क्यूंकि कभी मे उन्हें काटता तो कभी उनपे जीभ फिरता, कभी मुँह में भरता तो कभी दातो तले दबा के उसे खीचता जिससे अब प्रिया पूरी तरह मदहोश हो गई थी मेरा हर प्रहार पर प्रिया सिहर के रह जाती थी

तो वही वो मेरे गरदन को ऐसी चूस रही थी मानो जैसे खा ही जाएगी अब हमारा हाल ऐसा हो गया था था कि हम दोनों कब पूरी तरह से नग्न हो गए हमे भी पता नहीं चला और जब मेने प्रिया की योनि के दर्शन किए तो पल भर के लिए तो मे बस देखता ही रहा क्या अध्भुत दृश्य था वो

चिकनी पतली सी गोरी चूत मुझे उकसा रही थी जैसे कह रही थी कि आओ और चूसो इसे तबाह कर दो इसे इतनी पतली गुलाबी चूत और उससे आ रही सुगंध मुझे हर पल मदहोश करती जा रही थी प्रिया भी मुझे इतनी नशीली आँखों से देख रही थी जो मुझको बेकाबू कर रहा था

फिर मे अपना चेहरा प्रिया के चुत के पास ले गया और पहले उसमे से आ रही खुशबु को एक बार ज़ोर से सूंघा और उसे अपने दिलोदिमाग मे बसा लिया और फिर अपना मुँह खोल प्रिया की चूत को अपने मुँह में भर लिया

मेरे ऐसा करते ही प्रिया की आंखें फटी रह गईं और उसने अपनी टांगें जोर से मेरे सर पर इरद गिर्द कस ली उसके चेहरे से ही लग रहा था कि ऐसा एहसास प्रिया को आज तक नहीं हुआ था वो तो बस अलग ही दुनिया में जा चुकी थी

जिसका सबूत था कि कुछ ही मिनट की चुत चुसाई के बाद उसकी चूत रस छोड़ने लगी और फिर प्रिया का शरीर भी अकड़ने लगा लेकिन मे रुका नहीं जिससे जल्द ही उसका शरीर झटके खाते हुए झड़ने लगा

जिसके बाद मेने अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर सेट करते हुए मेंने एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे मेरे लंड का टोपा झट से चूत में प्रवेश कर गया तो वही ऐसे एकदम धक्का मारने से प्रिया की हालत खराब हो गई दर्द के मारे बेचारी प्रिया की जोरदार चीख निकलने वाली थी

लेकिन इसके पहले कि वो ज़ोर से चिल्लाती है, मेने उसके मुँह पर हाथ रख उसकी आवाज़ को रोक दिया और वैसे ही कुछ देर रुक गया फिर कुछ देर बाद मेंने फिर दो धक्के मारे जिससे अब मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में जा चुका था

तो वही हल्के हल्के आसु प्रिया की कोमल पलकों को भिगोने लगे थे जिसे देखकर मे फ़िर एक बार रुक गया और कुछ देर यू ही बिना हिले डुले मे अपना लंड उसकी योनि के अंदर ही रखा रहा और जब प्रिया शांत हुई तो

मेने हौले हौले ही अपने लिंग को आगे पीछे करना शुरू कर दिया प्रिया की चूत अंदर से इतनी गर्म थी कि ऐसा लग रहा था मानो मेरा लंड उसी वक़्त जल जाएगा किसी भट्टी से कम नहीं थी तो वही चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड बड़ी ही मुश्किल से अंदर बाहर हो रहा था

चुत के अंदर की दीवारे मेरे लंड को कस कर पकड़ रही थी और अपने तपमान से मेरे लंड को किसी गरम लोहे की रॉड में बदल रही थी अब पूरे कमरे में चुड़ाई की आवाज कमरे में फेल हो गई

और इस अदभुत चुदाई के बाद अब मुझसे और काबु करना मुश्किल हो रहा था और अगले ही पल मेंने अपना लंड बाहर निकाला अपने वीर्य की एक तेज़ पिचकारी छोरी, जो सीधी प्रिया की नंगी चुचियो, उसकी छाती, और उसके पैर पर जाके गिरी जिसके बाद मे और प्रिया वैसे ही एक

दूसरे के बाहों में सो गए

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आज के लिए इतना ही

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Nice update....
 

dhparikh

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अध्याय तेईस

जब हम दोनों मेरे घर पहुंचे तो आज मुझे प्रिया के चेहरे पर अलग ही चमक दिख रही थी आज वो जितनी खुश थी उतनी तो वो अपने जन्मदिन पर भी नहीं थी आज वो किसी बचे की तरह व्यवहार कर रही थी जिसे अपना मनपसंद गिफ्ट मिला हो

तो वही उसे हँसता देखकर मेरे दिल को भी एक अजीब सी खुशी मिल रही थी आज मुझे एहसास हो रहा था कि प्रेम किसे कहते हैं और अभी मे उसके चेहरे की मुस्कुराहट मे खोया हुआ था कि तभी मुझे अपने हाथ पर अचानक कुछ चुभन महसूस हुई जिससे मे होश में आ गया

और जब मेंने प्रिया की और देखा तो वो मेरे सामने सिर झुका कर शर्मा रही थी शायद उसने मुझे खुद को घूरते हुए देख लिया था कि तभी मेरा ध्यान उसके हाथ पर गया जहा उसके हाथ में एक पिन पकडी हुई थी शायद उसी ने वो पिन चुभाई थी और अभी मे कुछ बोलता उससे पहले ही प्रिया बोलने लगी

प्रिया :- अगर घूरने से मन भर गया हो तो जाओ फ्रेश हो जाओ में खाना मंगवाया है

प्रिया की बात सुनकर मैं बिना कुछ कहे फ्रेश होने चला गया और जब मे जा रहा था तो प्रिया के हंसने की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी शायद मेरी हालत पर ही हंस रही थी और जब मे फ्रेश होकर आया तो दंग रह गया

सामने का नजारा ही कुछ ऐसा था प्रिया बिल्कुल किसी परी के तरह दिख रही थी इतनी ख़ूबसूरत की उसे देख कर मेरा मुँह खुला ही रह गया उसने इस वक़्त एक काली जाँघों तक आती वन पीस ड्रेस जो उसके गोरे बदन से एकदम कस के चिपकी हुई थी

जिसमें से उसके शरीर का हर एक उभार में अच्छी तरह से देख पा रहा था तो वही उसके खुले काले बाल जो सिर्फ कंधो तक थे। हल्का मेकअप, होठों पर वो हल्की गुलाबी लिपस्टिक, कानों में लंबी स्टाइलिश बाली, हर जगह से वो सौंदर्य की प्रतिमा लग रही थी

खाना खाना आ आ गया गया गया गया था था और जब मेरी नजर खाने पर पडी पडी तो मेने अपना सिर पीट लिया क्यूँकी प्रिया ने खाने के साथ बियर की भी 2 बोतल मंगाई थी और और फिर उसके बाद प्रिया भी फ्रेश हो कर आ गई जिसके बाद हम दोनों ने खाना खाया और फिर बीयर पीने लगे और जब हमारी बीयर खत्म करके हुई तो हम दोनों मेरे बेड पर जाके बैठ गए

में :- मुझे मुझे लगा नहीं था कि तुम इतना पीती हो

प्रिया :- मे हर दिन नहीं पीती सिर्फ किसी खास दिन

में :- अच्छा और आज क्या खास है

प्रिया :- आज मुझे मेरा मेरा पहला प्यार मिल गया है और आज मे पूरी तरह तुम्हरी बन जाना चाहती हूं

में :- प्रिया ये कुछ जल्दी नहीं होगा मतलब

अभी मे कुछ बोलता की उसने मुझे बेड पर धक्का देके लिटाया और फिर मेरे उपर आके बैठ गयी ऊपर आके बैठ गई और फिर मेरे कानों के नज़दीक आके बोलने लगी

प्रिया :- क्या तुम मुझे नहीं चाहते हो मेरे से प्यार नहीं करते हो

इतना बोलकर वो मुझसे दूर हो गई लेकिन अभी भी मेरे उपर ही बैठी हुई थी वही आज पहली बार प्रिया को मेरे इतने करीब देख कर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था या ऐसा भी कह सकते हैं कि मे उसकी सुंदरता इतने पास से देख के ही मंत्रमुग्ध हो गया था

क्या सुन्दरता थी. वो हसीन चेहरा, पूरी इत्मीनान से तराशा गया वो बदन, वो नैन जो एक झलक में किसी की जान ले ले ऐसी सुंदर लड़की इस वक़्त मेरे ऊपर बैठी हुई थी पर ये बात भी सच थी कि वो इस वक्त पूरे होश में नहीं थी

और अगर इस वक़्त में उसके साथ कुछ भी करता तो गलत ही होता चाहे वो मेरे होने वाली बीवी ही क्यु ना हो मे अभी ये सोच ही रहा था कि तभी वो नीचे झुकी और फिर एक बार मेरे चेहरे के पास अपना चेहरा लाई उसकी गरम गरम सासे मेरे चेहरे पर पड़ रही थी

जो मुझे कुछ गलत करने पर मजबूर करती जा रही थी अब मेरे ऊपर तो पहले से ही कामोत्तेजना का बवंडर मंडरा रहा था और ऊपर से बीयर का नशा आखिर कब तक ही रोक पाता मे खुदको उसने बड़े ही प्यार से मेरे गाल पर अपना एक अंगूठा फिराया और मेरे चेहरे को निहारने लगी,

लड़की :- मे हमेशा ये सीन अपने सपने मे देखती थी जिसमें हम दोनों सारे बंधनों को तोड़ कर एक हो जाएंगे

और अगले ही पल उसने झुकते हुए मेरे होंठ अपने गुलाबी होठों में भर लिए

दोनों के होंठ आपस में मिलते ही एक जोरदार झटका दोनों के ही शरीर को लगा

ये एहसास इतना अद्भुत था कि किसी को भी इसकी लत लग जाए लेकिन अब मेरे उपर भी बीयर और कामवासना का नशा पूरा चढ़ गया था मे चाह कर के भी खुदको रोक नहीं पाया और जी भर के प्रिया के के होंठ चूमने लगा

मे नहीं चाहता था कि मे कभी भी इस फीलिंग को भूल जाऊँ और इसलिए मे जी भर के प्रिया के होंठ चूसने लगा जब दोनों के होंठ एक दूसरे से अलग हुए तो दोनों की सासें फुल रही थी जिस वजह से प्रिया के स्तन भी उपर नीचे हो रहे थे

ये दृश्य देखकर मेरी नजर प्रिया पर ही टिकी हुई थी इस वक़्त तक हम दोनों भी बीयर और कामवासना के नशे मे पूरी तरह से डूब गए थे अब हमे ना किसी और चीज की समझ थी ना ही हम कुछ और समझना चाहते थे

वहीं जब प्रिया ने मुझे उसके स्तनों को घूरते देखा तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने स्तनों पर रख दिया और फिर मेरे कानों में गरम सास छोड़ते हुए बोली

प्रिया (कामुक आवाज में) :- ये तुम्हारें ही है सिर्फ देखो मत ब्लकि मसलों इन्हें

जब उसने ऐसा कहा तो मेंने भी बिना समय गवाए और बिना हिचकिचाटे हुए प्रिया के स्तनों को ड्रेस के ऊपर से ही ज़ोर से भींचते हुए उन्हें निचोड़ना शुरू कर दिया जिससे प्रिया के शरीर को एक झटका सा लगा

अब वो लंबी लंबी सिस्किया लेने लगी फिर मेंने उसे पकड़ते हुए अपने ऊपर से हटा के उसे मेरे बगल में लिटाया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया और ऐसा होते ही प्रिया के चेहरे के भाव ही बदल गए जहा उसके चेहरे पर कामवासना के भाव थे वही अब उसके चेहरे पर शर्माहट साफ़ देखी जा सकती थी साथ ही साथ उसका जोश भी उतना ही चढ़ा हुआ था

ये उसके लिए किसी सपने से बढ़कर नहीं था तो वही वही मेरा भी ये दूसरा मौका ही था इसीलिए मुझे भी इसमे बिल्कुल वैसा ही मजा आ रहा था कि मानो ये मेरा भी पहली बार ही है फिर में धीरे धीरे प्रिया के चेहरे की तरफ झुकने लगा और नीचे झुकते हुए उसके गोरे कंधों को चूमना शुरू कर दिया

और धीरे-धीरे ऊपर जाते हुए मे उसकी गर्दन को अपनी चुम्मियों से गीला करने लगा जिसके बाद मेने अपने हाथों का इस्तमाल करते हुए पल भर में ही प्रिया के उस काली ड्रेस को उसके शरीर से दूर कर दिया और अब प्रिया मेरे सामने केवल एक पैंटी मे थी जो कि उसके ड्रेस से बिल्कुल काली थी

वो ड्रेस ही ऐसा था कि जिसमें ब्रा ना पहननी पड़े जिस वजह से उसकी गोरी नर्म चूचियों के दर्शन मुझे हो गए और फिर अगले ही पल उसने अपना मुंह खोल एक चूचा मुंह में भर लिया प्रिया सिस्की लेते हुए अपने हाथों को मेरे सर के पीछे लपेट ली और मेरे बालो में अपनी उंगलियां फेरते हुए मुझे अपनी ओर खींचते हुए अपने स्तनों पर मेरा सर रख दबाव बढ़ाने लगी

जेसे कहना चाह रही हो कि चूसो इन्हें जी भर के चूसो और मेंने भी उसके मन की बात सुन ली थी और फिर मेने ठीक वही किया मे उन नर्म नर्म चुचियों को जी भर के चूस रहा था , उन्हें निचोड़ रहा था , दबा रहा था और निपल्स के साथ खेल रहा था जो मेरे मन में आये कर रहा था

जो प्रिया को दर्द और मजे की नयी ऊंचाई पर पहुंचा रहा था क्यूंकि कभी मे उन्हें काटता तो कभी उनपे जीभ फिरता, कभी मुँह में भरता तो कभी दातो तले दबा के उसे खीचता जिससे अब प्रिया पूरी तरह मदहोश हो गई थी मेरा हर प्रहार पर प्रिया सिहर के रह जाती थी

तो वही वो मेरे गरदन को ऐसी चूस रही थी मानो जैसे खा ही जाएगी अब हमारा हाल ऐसा हो गया था था कि हम दोनों कब पूरी तरह से नग्न हो गए हमे भी पता नहीं चला और जब मेने प्रिया की योनि के दर्शन किए तो पल भर के लिए तो मे बस देखता ही रहा क्या अध्भुत दृश्य था वो

चिकनी पतली सी गोरी चूत मुझे उकसा रही थी जैसे कह रही थी कि आओ और चूसो इसे तबाह कर दो इसे इतनी पतली गुलाबी चूत और उससे आ रही सुगंध मुझे हर पल मदहोश करती जा रही थी प्रिया भी मुझे इतनी नशीली आँखों से देख रही थी जो मुझको बेकाबू कर रहा था

फिर मे अपना चेहरा प्रिया के चुत के पास ले गया और पहले उसमे से आ रही खुशबु को एक बार ज़ोर से सूंघा और उसे अपने दिलोदिमाग मे बसा लिया और फिर अपना मुँह खोल प्रिया की चूत को अपने मुँह में भर लिया

मेरे ऐसा करते ही प्रिया की आंखें फटी रह गईं और उसने अपनी टांगें जोर से मेरे सर पर इरद गिर्द कस ली उसके चेहरे से ही लग रहा था कि ऐसा एहसास प्रिया को आज तक नहीं हुआ था वो तो बस अलग ही दुनिया में जा चुकी थी

जिसका सबूत था कि कुछ ही मिनट की चुत चुसाई के बाद उसकी चूत रस छोड़ने लगी और फिर प्रिया का शरीर भी अकड़ने लगा लेकिन मे रुका नहीं जिससे जल्द ही उसका शरीर झटके खाते हुए झड़ने लगा

जिसके बाद मेने अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर सेट करते हुए मेंने एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे मेरे लंड का टोपा झट से चूत में प्रवेश कर गया तो वही ऐसे एकदम धक्का मारने से प्रिया की हालत खराब हो गई दर्द के मारे बेचारी प्रिया की जोरदार चीख निकलने वाली थी

लेकिन इसके पहले कि वो ज़ोर से चिल्लाती है, मेने उसके मुँह पर हाथ रख उसकी आवाज़ को रोक दिया और वैसे ही कुछ देर रुक गया फिर कुछ देर बाद मेंने फिर दो धक्के मारे जिससे अब मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में जा चुका था

तो वही हल्के हल्के आसु प्रिया की कोमल पलकों को भिगोने लगे थे जिसे देखकर मे फ़िर एक बार रुक गया और कुछ देर यू ही बिना हिले डुले मे अपना लंड उसकी योनि के अंदर ही रखा रहा और जब प्रिया शांत हुई तो

मेने हौले हौले ही अपने लिंग को आगे पीछे करना शुरू कर दिया प्रिया की चूत अंदर से इतनी गर्म थी कि ऐसा लग रहा था मानो मेरा लंड उसी वक़्त जल जाएगा किसी भट्टी से कम नहीं थी तो वही चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड बड़ी ही मुश्किल से अंदर बाहर हो रहा था

चुत के अंदर की दीवारे मेरे लंड को कस कर पकड़ रही थी और अपने तपमान से मेरे लंड को किसी गरम लोहे की रॉड में बदल रही थी अब पूरे कमरे में चुड़ाई की आवाज कमरे में फेल हो गई

और इस अदभुत चुदाई के बाद अब मुझसे और काबु करना मुश्किल हो रहा था और अगले ही पल मेंने अपना लंड बाहर निकाला अपने वीर्य की एक तेज़ पिचकारी छोरी, जो सीधी प्रिया की नंगी चुचियो, उसकी छाती, और उसके पैर पर जाके गिरी जिसके बाद मे और प्रिया वैसे ही एक

दूसरे के बाहों में सो गए

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आज के लिए इतना ही

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Nice update....
 
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