• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery प्यार या धोखा (Completed)

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
Last edited:

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
अध्याय 1
“तुम कहना क्या चाहते हो गौरव ,क्या ये हमारे जीवन के लिए एक जरूरी फैसला नही है “
मेरी बात से पूर्वी बहुत ही गुस्से में दिख रही थी
“मैंने ये तो नही कहा ना जान लेकिन ...लेकिन आखिर रोहन की ही कंपनी क्यो???”
मेरा ये सवाल बेहद ही अटपटा था लेकिन फिर भी ये ना जाने कैसे मेरे होठो से फिसल ही गया…
पूर्वी मेरे सवाल से बिल्कुल ही अचंभित मालूम हो रही थी ,वो मुझे अजीब सी नजरो से घूर रही थी जैसे उसे भरोसा ही नही हुआ जो मैंने उससे कहा था..
“रोहन की कंपनी क्यो???...तुम सुनना क्या चाहते हो गौरव..???..और क्या तुम मुझ पा शक कर रहे हो या ये बस एक पति वाली जलनखोरी है…”
उसका लहजा ठंडा था,लेकिन उसके बातों की गर्मी से मेरे पसीने ही निकल गए...जलन या शक ,मुझे चुनना था की आखिर मेरे अंदर क्या हो रहा है,मेरे एक जवाब में मेरी शादीशुदा जीवन का भविष्य छिपा हुआ था..
मैं बड़ी से मुश्किल से ही सही लेकिन मुस्कुराया..और पूर्वी के कंधे पर अपना हाथ रख दिया..
“पागल हो गई हो क्या जो मैं तुम्हारे ऊपर शक करूंगा,हा ये तो तुम भी जानती हो की रोहन से मुझे थोड़ी सी जलन होती है,और हो भी क्यो ना,वो साला मेरी बीवी के बचपन का दोस्त है जिसने कालेज में उसे डेट भी किया था,और वो है भी मुझसे ज्यादा हेंडसम और पैसे वाला…”
मेरी इन बातों से आखिर पूर्वी के चहरे में थोड़ी मुस्कान आ ही गई ..
उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे सोफे में बिठा दिया और खुद को मेरे सीने में छिपा लिया..
“तुम सच में पागल ही हो और पागल ही रहोगे,तुम्हे रोहन से नही बल्कि रोहन को तुमसे जलना चाहिए...हा वो मेरे बचपन का दोस्त है और मुझे कालेज के समय में डेट भी कर रहा था लेकिन फिर भी आखिर मैं प्यार में तो तुम्हारे ही पड़ी ना.उसके पिता और मेरे पापा दोनों ही अच्छे दोस्त है,और तुम्हे भी पता है की हमारे परिवार को हमेशा से यही लगता था की रोहन और मैं एक दूसरे के लिए बने है,सब को यही लगता था की हम दोनों शादी करेंगे,इसलिए जब मैंने पाप को तुम्हारे बारे में बताया था तो वो इतना गुस्सा हुए थे,मैंने तुम्हारे लिए अपने परिवार से झगड़ा किया,सारे ऐशोआराम और पापा के 8 हजार करोड़ की दौलत को लात मार कर तुम्हारे पास चली आयी,हा रोहन हेंडसम भी है,मुझसे प्यार भी करता है और पापा की तरह उसके पास बेसुमार दौलत भी है ,लेकिन फिर भी मैंने तुम्हे चुना,तुमसे प्यार किया,और तुम इतने पागल हो की इन सबके बाद भी तुम्हे लगता है की तुम्हे रोहन से जलना चाहिए…”
मेरे मन में एक अजीब सी ग्लानि से जन्म लिया ,हा शायद मैं जल ही नही रहा था,असल में मेरी मानसिकता और मेरी परवरिश ही ऐसी हुई थी की मैं किसी लड़के और लड़की को दोस्त की तरह नही देख सकता था,मैं जानता था की रोहन अब भी पूर्वी से बहुत प्यार करता है,और पूर्वी के दिल में भी उसके लिए एक प्यार है ,भले ही वो प्यार कितना भी पवित्र क्यो ना हो लेकिन फिर भी मेरी मानसिकता के कारण मैं इस रिश्ते को गलत निगाहों से ही देखता था,मैं लाख कोसिस करके भी खुद को शक करने से नही रोक पाता था और मेरे लाख छिपाने पर भी ये शक पूर्वी के समझ में आ जाता,
पूर्वी एक ऐसी लड़की जिसने समाज से सिर्फ मेरे लिए बगावत कर दी,उसके पापा के पास इतनी दौलत और रुतबा होने के बावजूद भी मेरा कुछ नही बिगड़ पाए उसका कारण यही था की पूर्वी मेरे बचाव के लिए हमेशा से ही खड़ी रही ,मैं एक गरीब तो नही लेकिन सामान्य सा कालेज का प्रोफेसर हु,और वो महलों की रानी थी ,फिर भी उसने मुझे अपनाया,मुझे प्यार दिया ,और खुद सारे ऐशोआराम छोड़ कर मेरी सामान्य सी जीवन में खुद को एडजेस्ट कर लिया,अब वो मेरी आर्थिक मदद करना चाहती थी,ताकि हम अपने बल बूते पर एक अच्छी जिंदगी जी सके,उसने अपने सारे अमीरों वाले शौक को मेरे कारण ही छोड़ दिया था ,हमारी शादी को डेड साल हो चुके थे और उसने मुझे कभी इसकी शिकायत नही की ,सच में मैं पागल ही हु ,उसने अब जॉब करने का फैसला किया,मुझे ऐसे तो कोई दिक्कत नही थी लेकिन मैं यही सोचता ताकि आखिर वो ऐसा करेगी कैसे,जो लड़की खुद कई कंपनी की मालकिन हो वो किसी के अदंर कैसे नॉकरी कर पाएगी,फिर भी मैंने अपनी हामी भर दी,लेकिन जब मुझे पता चला की रोहन ने ही उसे जॉब का ऑफर दिया है तो मेरी थोड़ी जल गई ,और मैं फिर से अपनी जान पर शक कर बैठा…
“तो कब से जॉइन कर रही हो ..???”
मैं पूर्वी के बालो को सहला रहा था..
“कल से ही ,और तुम्हारे सवाल का जवाब ये है की रोहन मुझे अच्छी सैलरी दे रहा है,हा वो मेरा दोस्त है लेकिन फिर भी उसने वादा दिया है ऑफिस में हमारा रिश्ता प्रोफेशनल होगा,और जैसे ही थोड़े पैसे जमा हो जाए मैं उसका जॉब छोड़कर स्टार्टअप शुरू कर करूंगी,यार कब तक दूसरे की नॉकरी करना “
उसका कांफिडेंस मुझे हमेशा से ही भाता था,वो अब भी उसी आत्मविस्वास से लबरेज थी ,मेरी पूर्वी जिसने कभी भी अपने आत्मसम्मान से
कोई भी समझौता नही किया,उसके पिता ने उसे कई ऑफर दिए ,मुझे कई ऑफर दिए लेकिन उसने मेरे और खुद के आत्मसम्मन के लिए पिता की कोई भी मदद नही ली..
“ओक्के तो काम क्या रहेगा..”
मुझे उसके कारपोरेट वाले काम की ज्यादा समझ तो नही थी फिर भी पूछने में क्या जाता है ..
“वही जो पापा की कंपनी में करती थी ,क्लाइंट से मीटिंग्स वगैरह..”
वो थोड़ी देर चुप ही रही ..
“यार गौरव एक काम वाली बाई रखनी पड़ेगी ,यू नो ना की मैं अब तुम्हारे लिए रोज खाना भी नही बना पाऊंगी ..”
उसकी बात सुनकर मैं हंस पड़ा ..और उसके होठो को चूम लिया..
“लव यू मेरी जान ..”मैंने उसके चहरे को देखा वो मुस्कुरा रही थी..
“लव यु बाबू ..”
उसने मुझे अपने बांहों में भर लिया…
 

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
अध्याय 2
पूर्वी का काम बहुत ही अच्छे से चल रहा था,वो कभी कभी लेट हो जाया करती थी लेकिन फिर भी मेरा ध्यान रखने में उसने कभी भी कोई कमी नही दिखाई…
मुझे भी एक रिसर्च पेपर में काम करना था,मै भी उसमें बिजी रहने लगा था ,कुछ दो ही महीने हुए थे की ममेरे डिपार्टमेंट की HOD ने बुलाया..
“हैल्लो गौरव कैसा चल रहा है तुम्हारा काम ..”
“कुछ खास नही मेम मुझे लगता है मुझे एक असिस्टेंड की जरूरत है ..”
“हा वो तो है लेकिन तुम्हे कोई पसंद आये तब ना,ऐसे मेरे दिमाग में कोई है ..”
मैं उन्हें देखता रह गया,प्रोफेसर मालती की उम्र कुछ 50 साल की होगी ,आंखों में चश्मा लगाए हुए और बल खुले किये इस उम्र में भी कातिल लगती है ,उन्होंने शादी नही की और दिन रात अपने काम में ही लगी रहती ,मैं उनके साथ कई रिसर्च का काम कर चुका हु ,वो मुझे बहुत पसंद करती थी,वो कभी मेरी टीचर भी थी और मेरा पहला क्रश भी ...आज भी उन्हें देखकर मुझे वही आकर्षण दिखाई देता है जो कभी उन्हें पहली बार देखकर दिखा था..
स्लेवलेस ब्लाउज और बिल्कुल हल्के रंग की साड़ी उनकी खासियत थी,जिसमे उनका दूधिया बदन चमक कर दिखाई देता,
“अरे क्या देख रहे हो ..”
मैं चौका ,और उनके अधरों में फिर से वही प्यारी मुस्कान ने घर कर लिया,
“तो मैं कह रही हु की मेरे नजर में कोई है जो तुम्हारी असिस्टेंट बनने के काबिल है ..”
उन्होंने मुझे भेदक नजर से देखा मैं अपने ही ख्यालों में गुम था,
“अगर आप सपना की बात कर रहे हो तो नही ..”
मैंने सीधे शब्दो में कह दिया,सपना मेरी स्टूडेंट रह चुकी थी,अभी वो मालती मेडम के अंडर PhD कर रही थी,मेडम चाहती थी की मैं उसे अपने साथ अपने रिसर्च में रख लू लेकिन मुझे सपना का नकचढ़ा व्यवहार बिल्कुल भी पसंद नही था,उसका टीचर रहते भी मेरी उससे नही बनती थी ,लेकिन एक चीज उसमें थी वो था उसका दिमाग ,बेहद ही तेज दिमाग …
“अरे एक बार साथ काम करके तो देखो,मैं भी उसकी गाइड बनने को तैयार हुई ना..”
“आपकी बात और है मेम ,वो आपकी बात सुनती है लेकिन आपके सिवा वो और किसी की बात नही सुनती,आप तो जानती हो की रिसर्च कितने पेसेंस का काम है और वो मुझे पागल कर देगी ,नही नही वो तो बिल्कुल नही …”
मालती मेडम ने मुझे थोड़ी देर ध्यान से देखा और बड़े ही शांत लहजे में बोली
“देखो गौरव ,मैं तुम्हे जानती हु सपना भी तुम्हारी ही तरह मेरी सबसे फेवरेट स्टूडेंट और अब पीएचडी स्कॉलर है ,उसके व्यवहार को छोड़ दो तो तुम्हे भी पता है की वो कितनी टैलेंटेड और सोर्स वाली है ,वो तुम्हारे लिए वो डेटा ला सकती है जो तुम लाख कोशिस के बाद भी नही पा सकते,वो तुम्हारा कई काम आसान कर देगी,और इस प्रोजेक्ट में तुम्हे ऐसे ही किसी की जरूरत है ,मेरी बात को मान लो ,सपना इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे सही असिस्टेंट है ,और वो तुम्हारे साथ इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए मरी जा रही है,दिन में 10 बार वो मुझसे रिक्वेस्ट करती है की तुम्हे बोलकर तुम्हारा असिस्टेंट बना दु ,वो लायक है और मैं कब तक उसे मना कर पाऊंगी ,मान जाओ इससे सबका फायदा होगा,”
मैं थोड़ी देर तक सोचता रह गया फिर कुछ सोचकर बोला
“लेकिन मेम आप जानती है ना हमारे बीच क्या हुआ था ..”
मेडम जोरो से हँस पड़ी
“तो क्या हुआ तुमने भी तो मुझे प्रपोज किया था,ऐसे उम्र में ये सब होता है ..”
मैं शर्म से पानी पानी हो गया,
“लेकिन मेरी बात अलग थी मेडम,मैं उस समय नादान था,लेकिन सपना तो मेरे घर तक आ गई थी ,इतना बखेड़ा मचा दिया था,पूर्वी से झगड़ा किया,अब अगर पूर्वी को पता चलेगा की मैं उसके साथ काम कर रहा हु तो वो तो मुझे मार ही डालेगी “
मेरी बात सुनकर मेडम की जोरदार हँसी कमरे में गूंज गई
“अच्छा तो इसलिए इतना डर रहे हो ,फिक्र मत करो मैं पूर्वी से बात कर लुंगी तुम भी जानते हो की वो मेरी बात कभी नही टलेगी,और उसे ये भी बता दूंगी की तुम उससे कितना डरते हो ,इससे वो खुश भी हो जाएगी “
अब मेरे पास कहने के लिए कुछ भी नही था सिवाय इसके की मैं मेडम की बात मान लू,तभी मेडम ने एक फोन किया और थोड़े ही देर में कमरे का दरवाजा खुला,सपना के अंदर आते ही माहौल कुछ अलग ही हो गया था,उसके तेवर आज भी वैसे ही थे,उसने बस मुझे एक नजर देखा और फिर मेडम की ओर रुख किया,वही तेज गोरा चहरा ,वही टाइट जीन्स और टीशर्ट जिसमे उसके उभार सामने गर्व से उठे हुए होते थे,कमर की वो गोलाई और उसके नीचे मटकों से उठे हुए उसके चूतड़ जो जीन्स को फाड़ देने को बेताब लगते थे, दिखाने में भले ही ये कितने भी सुंदर क्यो ना हो लेकिन किसी बम से भी ज्यादा खतरनाक थे ,जिसने भी उन्हें छुवा या छूने की कोशिस की सपना ने उसके परखच्चे ही उड़ा दिए…
बेहद अमीर बाप की नकचढ़ी लेकिन टैलेंटेड बेटी जो कभी मेरे पीछे पागल थी,पता नही मुझ गरीब में ऐसा क्या था जो इन अमीर बाप की बेटियों को मैं पसंद आ जाता हु ,
मुझे तो नही समझ आया लेकिन ऐसा था जरूर…
“तो गौरव सर मान ही गए “
सपना ने आते ही कहा
“मान तो ये गया है लेकिन तुम्हे इससे अच्छे से पेश आना होगा,बी प्रोफेसनल ओके…”मेडम थोड़ा स्ट्रिक्ट होते हुए बोली
“ह्म्म्म ओके ..”
बस इतना ही बोलकर वंहा से निकल गई ,मैंने उसका तेवर देखकर मेडम को इशारा किया और मेडम ने मुझे बस एक आंख मार दी ...
 

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
अध्याय 3
“तो तुम उस चुड़ैल के साथ काम करने वाले हो “
पूर्वी थोड़ी गुस्से में थी शायद मालती मेडम ने उससे बात की थी..
वो अभी अभी तो ऑफिस से आयी थी और अभी ही शुरू हो गई ..
“अरे जान बैठ भी जाओ ,थोड़ा पानी वानी तो पी लो “
मैं हंसता हुआ बोला
“नही पीना है कुछ ,अब मैडम ने फोन किया तो मुझे भी इजाजत देनी पड़ी ..”
“और मेडम ने ये नही बताया की तुम्हारा पति तुमसे कितना डरता है …”
पूर्वी के होठो पर एक प्यारी सी मुस्कान खिल गई
“बताया ,लेकिन जान आप तो सपना को जानते हो ना,वो हमेशा से मुझसे कंपीटिशन करने में लगी रहती है ,हम दोनों के पिता भी बिजनेस कॉम्पिटिटर थे,स्कूल हो या कालेज सभी जगह वो उसने मुझे परेशान किया और जब कालेज में हमारे बीच प्यार हुआ तो वो भी आपको मुझसे छिनने में लग गई ,अब आप ही बताओ मैं गुस्सा ना करू तो क्या करू साली अब भी आपके पीछे लगी हुई है ..”
उसका मुह फूल चुका था,
“अरे मेरी जान मैं तब भी तुम्हारा था और आज भी तुम्हारा हु और जीवन भर तुम्हारा ही रहूंगा ,अपने प्यार पर इतना तो यकीन करो “
उसने मुझे गीली आंखों से देखा
“आप पर पूरा यकीन है लेकिन उस सपना पर नही ,कालेज की तरह अकेला पाकर उसने अपने कपड़े उतार दिए तो ..”
मेरे सामने वो मंजर तैर गया जब सपना और पूर्वी दोनों ही एक ही क्लास में हुआ करते थे और मैं उनका टीचर था,पूर्वी और सपना दोनों को ही मुझसे प्यार हो गया ,दोनों के बीच जैसे एक कंपीटिशन चल पड़ा था मुझे पाने के लिए,मैं पूर्वी से प्यार करता था लेकिन सपना ये बात मानने को राजी ही नही थी ,और एक दिन उसने वो किया जो कोई सोच भी नही सकता था,मैं अपने लेब में काम कर रहा था और उसने मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतार दिए,उसका मादक जिस्म मेरे सामने खुला हुआ था,उसने खुद को भोगने का खुला आमंत्रण दिया था ,लेकिन वो पूर्वी का प्यार ही था जिसने मुझे बचा लिया,लेब का दरवाजा अंदर से लगा था और मैं पसीने से भीग चुका था ,लेकिन मेरे अंदर से आवाज उठी की भाग जा और मैं भागा,दरवाजा खोल कर सीधे पूर्वी को ढूंढने भागा और उसे सब कुछ बता दिया..
इस बात से सपना का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुच चुका था उसे लगाने लगा जैसे मैंने उसकी और उसके हुस्न की बेज्जती कर दी ,उस समय तक पूर्वी मेरे बारे में उतनी सीरियस नही थी ,उसका ब्रेकअप रोहन से हो चुका था ,हमारे रिश्ते को भी 6 महीने ही हुए थे और वो सीरियस नही होना चाहती थी,अभी एक दूसरे को समझने में ही समय बिता रहे थे लेकिन सपना के इस काम से पूर्वी के मन में मुझे खो देने का भाव जाग उठा और वो मेरे लिए बहुत ही डिस्प्रेट हो गई ,कालेज खत्म होते ही उसने अपने घर में शादी की बात कर दी और कुछ ही दिनों में उसने घर वालो से बगावत कर मुझसे शादी कर ली …
एक ही क्षण में मेरे सामने सारी बाते घूम गई और साथ ही सपना को वो रूप भी ,चाहे जैसा भी हो लेकिन वो थी बेहद ही सेक्सी जिस्म की मलिका,इस घटना के बाद उसका पूर्वी और मुझसे झगड़ा हो गया और उसके बाद हमने कभी भी बात नही किया,हा उसने हमारी शादी तोड़ने की कोशिश जरूर की थी ,लेकिन पूर्वी के सामने कुछ नही कर पाई…
पूर्वी मुझे सोच में डूबा हुआ देखकर फिर से बोल उठी
“क्या हुआ मैं कुछ पूछ रही हु ,अगर उसने फिर से कपड़े खोल दिए तो ,और अब तो मैं भी नही होंगी आपको बचने के लिए”
मैं उसके प्यारे चहरे को ध्यान से देखने लगा..
“पगली उस समय मेरे जीवन में तेरा प्यार घुला नही था और मैं तब नही बहका तो अब तो मेरे जीवन में तेरा प्यार घुल चुका है तुझे लगता है की मैं अब बहक जाऊंगा ..”
उसकी आंखों में पानी आ गए थे और उसने मुझे जोरो से जकड़ लिया..
“आई लव यू जान ..”
मैने उसके होठो में अपने होठो को मिला दिया
“लव यू बाबू…”
लेकिन मेरा दिमाग अब भी उस बात को लेकर बेचैन था की आखिर मैं सपना का सामना कैसे करूंगा….

************
मैं अपने लेब में बैठा हुआ डेटा को जांच रहा था ,तभी सपना वंहा आयी ..वो आज थोड़े अलग अवतार में थी ,आज उसने जीन्स टॉप की जगह सलवार कमीज पहन रखी थी और बहुत ही शांत लग रही थी शायद मेडम ने इसे ऐसा करनी की एडवाइस दी हो ..
“गुड आफ्टरनून सर “
उसकी आवाज थोड़ी नरम थी ..
“ह्म्म्म चलो काम में लग जाओ ,अभी तक के सारे डिटेल्स मैंने तुम्हे भेज दिए थे आई थिंक की तुमने सभी पढ़ लिए होंगे..”
“जी ,”
“तो तुम्हे क्या लगता है की हम कितने सक्सेजफुल होंगे..”
“सर सक्सेज फूल हो हम हो जाएंगे लेकिन हमे वालेंटियर चाहिए होंगे….जिनके ऊपर हम ये सब केमिकल टेस्ट करे “
“अभी तो चूहों पर ही करना पड़ेगा ,बाद में वालेंटियर ढूंढेंगे..”
“आप बोलो तो मैं कुछ का जुगाड़ कर सकती हु ..”
मैने उसे ध्यान से देखा
“तुम मुझे जेल कार्रवाओगी क्या ,ये कानूनी रूप से गलत होगा..”
वो जोरो से हँस पड़ी
“सर यंहा कानून को कौन मानता है ..”
“नही सपना अभी नही ,जब जरूरत होगी तब ले आना ,चलो काम पर लगो ..”
वो आश्चर्यजनक रूप से मुस्कुराई
“सर क्यों ना हम फिर से नई शुरुवात करे ..बीती बातों को भूलकर ..”
उसने अपना हाथ मेरे सामने किया ..
मैं भी रात भर से यही सोच रहा था की आखिर मैं सपना से कैसे डील करूंगा ,नई शुरुवात का आईडिया मुझे पसंद आया और मैंने अपना हाथ आगे कर दिया …
“ऐसे सुना है पूर्वी आजकल रोहन के साथ काम कर रही है ..”
सपना काम करते हुए अचानक ही बोल पड़ी …
मैंने उसे घूरा ..
“सम्हाल कर रहिएगा सर ,रोहन है बड़ा ही कमीना ..”
“मैं भी तो तुम्हारे साथ काम कर रहा हु और तुम कौन सी सीधी हो ..फिर भी पूर्वी ने इसकी इजाजत दी ना..”
सपना मेरी बात सुनकर खिलखिला कर हँस पड़ी ..
“आप दोनों के बीच बहुत ही भरोसा है सर शायद इसलिए आप दोनों ने एक दूसरे को पुराने प्रेमियों के साथ काम करने की इजाजत दे दी ..”
उसकी आंखे अजीब से भाव से भर गई थी ,जो मुझे अंकम्फर्टबल कर रहा था..
“पहली बात की हा हमे एक दूसरे पर पूरा भरोसा है ,और दूसरी बात की तुम मेरी प्रेमिका नही थी …”
मैंने स्पष्ट शब्दो में कहा,सपना की आंखे अब भी मुझपर गड़ी हुई थी .
“लेकिन मैं तो आज भी आपसे उतनी ही मोहोब्बत करती हु “
उसने बहुत ही हल्के आवाज में कहा लेकिन लेब की खामोशी में उसकी आवज मुझे सुनाई दे गई ..
“सपना ...ये तुम्हारी नई शुरुवात है ,तुम आज भी उन्ही बातों को लेकर बैठी हो …”
मैं चिल्लाया
वो झेंप गई ..
“सॉरी सॉरी सर ..”
अब मैं भी शांत था ,मुझे लगा जैसे सच में सपना बहुत ही बदल गई है …..
 

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
अध्याय 4
पूर्वी का सर मेरे सीने में था,अभी अभी हम दोनों ने एक दूजे के जिस्म को भोगा था,और एक दूसरे से लिपटे हुए सोए थे..
“लगता है आजकल आप टेंशन में रहते हो ..”पूर्वी मेरे छाती के बालो से खेलते हुए बोली
“ऐसा क्यो ???”
“जल्दी गिर जाते हो “
वो हल्के से हँस पड़ी और मुझे याद आया की मैं कुछ दिनों से सच में उसे पूरी तरह से संतुष्ट नही कर पा रहा हु..
“सॉरी जान ..”
“अरे इसमें सॉरी वाली क्या बात है ,मन में कोई बात हो तो बताओ यू टेंशन में रहने से क्या फायदा होगा ,”
“कोई खास बात नही है लेकिन मुझे दुख होता है जब मैं तुम्हे पूरी तरह से संतुष्ट नही कर पाता,ये रिसर्च साला दिमाग खराब कर रखा है ..’
वो खिलखिलाई और मेरे सीने को एक किस किया ..
“पागल हो आप ,इसमें दुखी होने वाली कोई बात नही है ,सिर्फ शारीरिक संतुष्टि मायने थोड़ी रखती ,हमारे बीच इतना प्यार वही मायने रखता है “
“हा लेकिन संतुष्टि भी तो जरूरी है ना”
पूर्वी मेरी आंखों में देखते हुए मुस्कुराई
“अरे रोज रोज थोड़ी चाहिए रहता है सप्ताह में दो दिन ओर्गास्म हो काफी है ,और उसके लिए मेरे पास रोहन का दिया गिफ्ट है ना “
पहले तो मैं आश्चर्य से भर गया फिर मुझे याद आया की वो किसकी बात कर रही है ,जब रोहन उसका बॉयफ्रेंड था तब उसने पूर्वी को एक डिल्डो गिफ्ट किया था,पूर्वी ने मुझसे ये बात नही छिपाई थी लेकिन मुझे पता नही था की शादी के बाद उसका क्या हुआ ...शादी से पहले पूर्वी फोन सेक्स के समय उसका यूज़ किया करती थी …
“तुम्हारे पास वो अब भी है …”
“हा मेरे प्यारे दोस्त ने दिया था कैसे फेक देती ,”उसने मुझे चिढ़ाते हुए कहा
“ओह तो मेडम आज भी उसका यूज़ करती है ..”
“नही शादी के बाद उसकी जरूरत नही पड़ी ,आप को ही सम्हालना मुश्किल होता था मेरे लिए लेकिन अब लग रहा है की फिर से उस तेल लगा कर तैयार करना होगा …”
पूर्वी की बातों और आंखों में शरारत ही शरारत थी,वो कभी कभी बेहद ही नॉटी हो जाती थी,बट आई लाइक इट ..
और मैंने फिर से उसे दबोच लिया,वो खिलखिलाने लगी ,हमारे होठ फिर से मिले और उसने मेरे लिंग को सहलाना शुरू कर दिया ,उसके हाथो की कोमलता को पाकर मेरा लिग फिर से फुंकार मारने लगा और पूर्वी ने अपने हाथो से उसे अपने नाजुक और गीले योनि में प्रवेश करवाया ,उसका अहसास ही मेरी उत्तेजना को बढ़ाने को काफी था,हम दोनों फिर से एक दूसरे में घुलने लगे और एक दूसरे की चमड़ी को अपनी चमड़ी से घिसने लगे,
इस बार मैं थोड़ी देर तक टिका और आखिर में अपना लावा मेरी जान के गर्भ में छोड़ दिया …
हम फिर से एक दूसरे से लिपटे हुए पड़े थे,लिंग अभी भी थोड़ी उत्तेजित अवस्था में पूर्वी के योनि से सटा हुआ था और मेरा ही वीर्य उसके गीलेपन से मिलकर मुझे सुखद अहसास दे रहा था…
वो मेरे सिने को सहला रही थी ..
“तो ..सपना से मिले आज ..”
“ह्म्म्म”
“क्या कहा उसने “
“कुछ नही मुझे लगता है अब वो बदल गई है ,वो पहले वाली सपना नही रही “
“वो चुड़ैल कभी बदलने वाली नही है “
मैं पूर्वी की बात सुनकर हँस पड़ा..
“ऐसे क्यो हँस रहे हो आप,इस बार तो उसने अपने कपड़े नही उतारे ना..”
वो थोड़े गुस्से में बोली
“कम ऑन यार पूर्वी ,तुम भी ना…”
“क्या आप उसके साथ काम कर रहे हो और मेरी जान निकली रहती है साली ना जाने फिर क्या कर दे ..”
मैं फिर थोड़ा हँसा
“तू भी ना पूर्वी ऐसे रोहन ने भी तो तुम्हारे सामने अपने कपड़े निकाले थे इफेक्ट तुम्हारे भी थोड़े निकाल ही दिए थे,फिर भी आज तुम उसके साथ काम कर रही हो ,है ना..”
मैं हंसते हुए बोला और पूर्वी झूठा गुस्सा दिखाते हुए मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे बालो को अपने मुठ्ठी में पकड़ लिया..
“यू….उसकी बात अलग है ओके ..तब वो मेरा बॉयफ्रेंड था ,और ऐसे भी उस रात हमारे बीच कुछ नही हुआ था,मैंने अपनी वर्जिनिटी आपको ही दी है ..वो बेचारा तो आज भी मुझे करने को तरस रहा है ..”
“आज भी ???”मेरे मुह से अनायास निकल गया..
पूर्वी भाव के आवेग में आ के बोल तो गई लेकिन फिर उसे अहसास हुआ की वो क्या बोल गई …
उसने अपनी नजर झुका ली ..
“तुमने मुझे कुछ बताया क्यो नही ,क्या उसने तुम्हारे साथ कुछ जबरदस्ती …”
पूर्वी ने अपना चहरा ऊपर किया और मेरे आंखों में देखने लगी ..
“ओहो आपको लगता है की वो मेरे साथ कुछ जबरदस्ती करने की कोशिश करेगा,झापड़ खायेगा,बस मुझे उसकी आंखों से लगता है ,जैसे वो मुझे घूरता है कभी कभी ...यंहा को तो कभी यंहा को ..”
पूर्वी ने फिर से बेहद ही शरारत के साथ अपने बूब्स और चूतड़ की तरफ इशारा किया ..
और हँस पड़ी ..
“उसे जलाने में मुझे मजा आता है जान ,”
“इतना भी मत जलाओ की उसके सब्र का बांध ही टूट जाए,”
“आप फिक्र मत करो मैं उसे सम्हाल लुंगी ,अभी तक तो सम्हालते आयी हु ना आगे भी सम्हाल लुंगी डोंट वरी अबाउट इट..”
पूर्वी ने फिर से अपने होठो को मेरे होठो से मिला दिया और हम एक बार फिर इस एक दूसरे में घुलने को तैयार हो गए……..
 

Chutiyadr

Well-Known Member
16,889
41,096
259
अध्याय 5

लेब में काम करते हुए अचानक से ही सपना का पेन गिर गया था,वो उसे उठाने के लिए झुकी थी लेकिन औसत से कुछ ज्यादा देर लगा रही थी,उसके दिमाग में क्या चल रहा था ये तो में नही कह सकता लेकिन हा मेरी नजर उसके टाइट लेगिंस से झांकते हुए चूतड़ों में कुछ देर के लिए टिक गई,वो जैसे दिल का सेप बना रहे थे,मांसल और भारी पिछवाड़े वाली सपना जब भी टाइट कपड़े पहनती थी तो कई लड़के अपना सीने का और टांगो के बीच वाला दिल हार बैठते थे ,कुछ ही सेकंड के लिए सही लेकिन मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल हो गया था, पतले कपड़े से उसकी पेंटी का रंग तक मुझे दिखाई दे रहा और साइज तो …….वाह..

मैंने अपना सर झटका और फिर से अपनी किताब की ओर देखने लगा,सपना खड़ी हो चुकी थी और मेरी नजर बचाती हुई नजरो को समझने में उसने बिल्कुल भी देर नही की ,उसके होठो की मुस्कान ही ये बता रही थी की उसे पता है की मेरी नजर कहा टिकी हुई थी …

थोड़े देर तक कमरे में खामोशी ही छाई रही ..

“सर देखना है तो खुल कर देख लिया करो मैं किसी से नही कहूंगी ..”सपना की शरारत से भरी हुई आवाज मेरे कानो में पड़ा और मैं फिर से बुरी तरह से झेंप गया..

“सपना मैंने कहा था की नो मोर फ्लर्टिंग ..”मैंने आवाज को थोड़ा सख्त किया

“अरे सर देखने और दिखाने में क्या है ,अब पूर्वी भी तो कभी रोहन को कुछ दिखाने में नही शर्माती ,और रोहन भी भूखे कुत्ते की तरह उसे घूरता रहता है “

सपना की बात से मुझे पूर्वी की कल वाली बात याद आ गई..की रोहन आज भी उसके जिस्म को घूरता है,लेकिन साथ ही साथ मेरे नशों में खून का प्रवाह भी तेज हो चुका था,मेरा चहेरा लाल हो गया..

“गेट आउट ..”मैं जोर से चिल्लाया..

“इसीलिए मैं तुम्हे इतने दिनों से इग्नोर कर रहा था,तुम आज भी मेरे और पूर्वी के बीच आना चाहती हो ,तुम वो जगह कभी भी नही ले सकती सपना ..”

मेरे चिल्लाने का जैसे सपना पर कोई भी असर नही हुआ था,वो अब भी मंद मंद मुस्कुरा रही थी ..

“सर जी आप तो गुस्सा ही हो गए ..थोड़ी मोड़ी फ्लर्टिंग तो वर्क प्लेस में होती ही है ,इससे काम का बोझ भी हल्का रहता है ,और क्या आपको सच में लगता है की पूर्वी ऐसा कुछ नही करती होगी ..”

मैं बुरी तरह से झल्ला गया था..

“वो तुम्हारे जैसे नही है सपना जो किसी गैर मर्द के सामने अपने जिस्म की नुमाइश करे ..”

वो खिलखिला कर हंसी

मैं उसे बुत बना देख रहा था,हसने के बाद उसने बहुत ही ठंडे लहजे में कहा

“ना आप मेरे लिए कोई गैर मर्द है ना ही रोहन पूर्वी के लिए”

वो अपना पर्स उठा कर वंहा से इतने तेजी से निकली की मुझे कुछ कहने का मौका ही नही दिया ,वही मैं बस खड़ा हुआ उसकी बातों को सोचता रह गया ……..
 

Leviathan

Member
103
200
58
भाई आपकी ही राह देख रहा था इस फोरम पे, बहुत खुशी हुई आपको यहा देखके वो भी नई बेहतरीन कहाणी के साथ। बहुत स्वागत है आपका ।
नई काहाणी के लीिये बहूुुत शुभकामनाये।
 
Top