PAKK HI RAHA HAI, ALMOST READYPakaa lo ache se....
Garma garam khane ka alag hi swag hai.....
आआह्हह बड़ी ही मस्त शुरुवात है मां बेटी के नए रिश्ते कीमॉम : “चलो अब, आकर पीछे भी मसाज कर दो, दर्द तो पीछे हो रहा है”
मैने झेंपते हुए उन्हे लेटने को कहा, इतने बड़े बूब्स के साथ उल्टा लेटना भी कितना मुश्किल होता है, ये मॉम को देखकर मुझे समझ आ रहा था
खैर, मैने उनकी कमर पर बॉम लगाना शुरू किया
पहले साइड में बैठकर और फिर उनके उपर सवार होकर
जैसे बचपन में हुआ करती थी
उनकी उभरी हुई गांड पर बैठकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी गद्दी पर बैठ गयी हूँ
वहां बैठकर आराम से उनकी कमर पर उपर से नीचे तक मालिश करने लगी
मॉम को भी आराम आ रहा था
वो आँखे बंद करके ऊँघने लगी
मैं जिस मोशन में आगे पीछे होकर उन्हे उपर से नीचे तक मसाज दे रही थी, मेरी चूत उनके पिछवाड़े पर अच्छी तरह से रगड़ खा रही थी
मेरी भी आँखे बंद होने लगी
चूत तो पहले से ही गीली थी
ऐसे घिसने से उसका गीलापन बाहर निकलने लगा और वो रिसकर मॉम की पायजामी को गीला करने लगी
उन्हे शायद मेरी हालत का आभास हो गया था, उन्होने कहा : “शायद थोड़ा और नीचे मसाज करने की ज़रूरत है, रूको मैं अपनी स्लेक्स निकाल देती हूँ ”
इतना कहते हुए उन्होने अपनी स्लेक्स की इलास्टिक पकड़कर नीचे कर दी और मुझे उसे खींचकर निकालने को कहा क्योंकि वो तो उल्टी लेटी थी
मैने जब उसे पकड़कर नीचे करना शुरू किया तो मुझे एहसास हुआ की उन्होने उसके अंदर पेंटी नही पहनी हुई है…
यानी मॉम अपने ऑफीस में बिना पेंटी के गयी थी
कितना रोमांचक है ये
क्योंकि मैं भी कई बार बिना पेंटी के स्कूल गयी थी
पेंटी और ब्रा को ना पहनने से जो रोमांच मिलता है उसका कोई मुकाबला नही है
स्लेक्स को उतारने के बाद उनका विशाल पिछवाड़ा मेरे सामने था
जितने खूबसूरत उनके बूब्स थे उतनी ही सुंदर उनकी गांड थी
मोटे-2 गद्देदार चूतड़
जैसे बर्फ के दो गोले सज़ा दिए हो
उनकी पतली कमर और फिर नीचे फेले हुए कूल्हे इतने सैक्सी लग रहे थे की मेरा मन उन्हे चूमने का कर गया
पर डर के मारे मैं नही कर पाई
पता नही वो क्या सोचेगी
![]()
पर जब मैं फिर से मालिश करने बैठी तो मेरा गीलापन सीधा उन्हे अपने बम पर महसूस हो रहा था
हालाँकि अभी थोड़ी देर पहले ही मैं जम कर झड़ी थी
पर ऐसी हालत में आकर मैं फिर से उत्तेजित हो रही थी..
मॉम ने धीरे से पीछे मुँह किया और बोली : “अनु, तुम मुझे मुझे भिगो रही हो…एक काम करो तुम भी उतार दो..’’
इतनी बड़ी बात ऐसे आराम से बोलकर वो फिर से मुँह अपनी बाहो के तकिये पर रखकर सो गयी.
मैं कुछ देर तक ऐसे ही बैठी रही पर फिर उनकी बात मानकर उठी और अपनी टी शर्ट और शॉर्ट्स उतार कर पूरी नंगी हो गयी
![]()
और उनके उपर जाकर बैठ गयी
हालाँकि उन्होने मुझे सिर्फ़ शॉर्ट्स उतारने को बोला था,
पर मैने अपने आप ‘पूरी नंगी होज़ा ‘ समझ लिया
और अब पूर्ण रूप से अपने कपड़े निकालकर उनपे बैठी थी
और अब मेरी नंगी रिस रही चूत उनकी रसीली गांड पर एकदम चिपक कर पड़ी थी
मुझे मेरे दिल की धड़कन अपनी चूत तक महसूस हो रही थी
मॉम की कमर के नीचे तो तेल लगाने की ज़रूरत ही नही थी
मेरी चूत से निकल रहा रस तेल बनकर उनकी गांड को चाँद की तरह चमका रहा था.
मॉम का तो पता नही पर मेरा मन डाँवाडोल हो रहा था अब
पता नही क्या होगा आज की रात
Awesome updateमॉम : “चलो अब, आकर पीछे भी मसाज कर दो, दर्द तो पीछे हो रहा है”
मैने झेंपते हुए उन्हे लेटने को कहा, इतने बड़े बूब्स के साथ उल्टा लेटना भी कितना मुश्किल होता है, ये मॉम को देखकर मुझे समझ आ रहा था
खैर, मैने उनकी कमर पर बॉम लगाना शुरू किया
पहले साइड में बैठकर और फिर उनके उपर सवार होकर
जैसे बचपन में हुआ करती थी
उनकी उभरी हुई गांड पर बैठकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी गद्दी पर बैठ गयी हूँ
वहां बैठकर आराम से उनकी कमर पर उपर से नीचे तक मालिश करने लगी
मॉम को भी आराम आ रहा था
वो आँखे बंद करके ऊँघने लगी
मैं जिस मोशन में आगे पीछे होकर उन्हे उपर से नीचे तक मसाज दे रही थी, मेरी चूत उनके पिछवाड़े पर अच्छी तरह से रगड़ खा रही थी
मेरी भी आँखे बंद होने लगी
चूत तो पहले से ही गीली थी
ऐसे घिसने से उसका गीलापन बाहर निकलने लगा और वो रिसकर मॉम की पायजामी को गीला करने लगी
उन्हे शायद मेरी हालत का आभास हो गया था, उन्होने कहा : “शायद थोड़ा और नीचे मसाज करने की ज़रूरत है, रूको मैं अपनी स्लेक्स निकाल देती हूँ ”
इतना कहते हुए उन्होने अपनी स्लेक्स की इलास्टिक पकड़कर नीचे कर दी और मुझे उसे खींचकर निकालने को कहा क्योंकि वो तो उल्टी लेटी थी
मैने जब उसे पकड़कर नीचे करना शुरू किया तो मुझे एहसास हुआ की उन्होने उसके अंदर पेंटी नही पहनी हुई है…
यानी मॉम अपने ऑफीस में बिना पेंटी के गयी थी
कितना रोमांचक है ये
क्योंकि मैं भी कई बार बिना पेंटी के स्कूल गयी थी
पेंटी और ब्रा को ना पहनने से जो रोमांच मिलता है उसका कोई मुकाबला नही है
स्लेक्स को उतारने के बाद उनका विशाल पिछवाड़ा मेरे सामने था
जितने खूबसूरत उनके बूब्स थे उतनी ही सुंदर उनकी गांड थी
मोटे-2 गद्देदार चूतड़
जैसे बर्फ के दो गोले सज़ा दिए हो
उनकी पतली कमर और फिर नीचे फेले हुए कूल्हे इतने सैक्सी लग रहे थे की मेरा मन उन्हे चूमने का कर गया
पर डर के मारे मैं नही कर पाई
पता नही वो क्या सोचेगी
![]()
पर जब मैं फिर से मालिश करने बैठी तो मेरा गीलापन सीधा उन्हे अपने बम पर महसूस हो रहा था
हालाँकि अभी थोड़ी देर पहले ही मैं जम कर झड़ी थी
पर ऐसी हालत में आकर मैं फिर से उत्तेजित हो रही थी..
मॉम ने धीरे से पीछे मुँह किया और बोली : “अनु, तुम मुझे मुझे भिगो रही हो…एक काम करो तुम भी उतार दो..’’
इतनी बड़ी बात ऐसे आराम से बोलकर वो फिर से मुँह अपनी बाहो के तकिये पर रखकर सो गयी.
मैं कुछ देर तक ऐसे ही बैठी रही पर फिर उनकी बात मानकर उठी और अपनी टी शर्ट और शॉर्ट्स उतार कर पूरी नंगी हो गयी
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और उनके उपर जाकर बैठ गयी
हालाँकि उन्होने मुझे सिर्फ़ शॉर्ट्स उतारने को बोला था,
पर मैने अपने आप ‘पूरी नंगी होज़ा ‘ समझ लिया
और अब पूर्ण रूप से अपने कपड़े निकालकर उनपे बैठी थी
और अब मेरी नंगी रिस रही चूत उनकी रसीली गांड पर एकदम चिपक कर पड़ी थी
मुझे मेरे दिल की धड़कन अपनी चूत तक महसूस हो रही थी
मॉम की कमर के नीचे तो तेल लगाने की ज़रूरत ही नही थी
मेरी चूत से निकल रहा रस तेल बनकर उनकी गांड को चाँद की तरह चमका रहा था.
मॉम का तो पता नही पर मेरा मन डाँवाडोल हो रहा था अब
पता नही क्या होगा आज की रात
masti to har rishte me hoti hai, bas shuru hone ki der haiआआह्हह बड़ी ही मस्त शुरुवात है मां बेटी के नए रिश्ते की
उम्मम्