imaamitrai
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Nisha ko meetha pasand hai , isliye uske hisaab se likha, aap shahad ko namkeen samjho aur maja loIsme ek bat ki thodi sujav है मेरा
जो आपने संजू का शहद लिखा है वो दर असल नमकीन और तीखी चटनी है।।
जो सिर्फ वही है उत्पाद होती है स्वाद (नमकीन तीखी
सी चटनी) और सुगंध (मछली जैसी) जब सिर्फ गालों पे भी लग जाए तो पूरा दिन उसकी गंध नही जाती
हल्की हल्की महेक उफ्फ
thanksAre wah
Jungle m mingle.....
Lajawab update....
Aur sudhir sir ne kya dimag chalaya hai....
Shandaar update
thanksBahut hi mazedaar, shaandaar,
Maza aa gaya.
Bahut hi sexy writer ji.
ummmmmmm- wow .... bade dino bad ek dhamakedar story mili haiउसने निशा की टाई निकाल फेंकी उसने और उसके उपर के 2 बटन खोल दिए, जिससे उसकी क्लिवेज दिखाई देने लगी, उसे देखकर संजू और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया
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उन्हे मेरे वहाँ होने से भी कोई फ़र्क नही पड़ रहा था, दोनो एक दूसरे के होंठो को बुरी तरह से चूस रहे थे.
तभी निशा ने अपना फोन निकाला और मुझे देते हुए बोली : “अच्छा सुन ना, ये फोन पकड़ और हमारी एक वीडियो बना दे, इसे देखकर बाद में टाइम पास कर लिया करूँगी “
ओह्ह, तो ये काम था उसे मुझसे
मेरे साथ -2 संजू भी हैरान रह गया, ये काम तो अक्सर लड़के किया करते है,
भला निशा की चूत में ऐसी कौन सी खुजली है जो वो इन पलों को अपने मोबाइल में सॅंजो कर रखना चाहती है,
खैर मुझे क्या प्राब्लम हो सकती थी,
मैने फोन लिया और एच डी क़्वालिटी में उनकी वीडियो बनाने लगी
वीडियो ओन होते ही निशा में जैसे किसी पोर्नस्टार की आत्मा घुस गयी,
वो खुद ही संजू के सिर को पकड़ कर अपनी छाती पर घिसने लगी,
और उसने अपनी दरियादिली का परिचय देते हुए अपने बूब्स बाहर निकाले और चूसने के लिए संजू को दे दिए
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एक दम गोरे , भरे हुए बूब्स थे उसके और उनपर लगा हुआ चैरी के दाने जैसा उसका पिंक निप्पल
संजू पूरा मुँह खोलकर उसे चूस रहा था, मुँह के अंदर की लार निकल-2 कर उसके कपड़ो पर गिर रही थी, इसलिए निशा ने अपनी शर्ट और ब्रा भी निकाल फेंकी और ऐसा करते हुए उसे बिल्कुल भी शर्म नही आई
ना तो मेरी वजह से और ना ही उस खुले माहौल की वजह से
मैं होती तो शायद इस जंगल में टॉपलेस होने के बारे में सोचती भी नही
पर निशा ने जिस तरह से अपनी शर्ट निकाल फेंकी थी उससे सॉफ पता चल रहा था की उसका क्या हाल हो रहा होगा अंदर से
शायद जिसपर बीतती है वही जान सकता है की क्या फील होता है ऐसे मौके पर
अभी भले ही मुझे ये सही नही लग रहा था पर हो सकता है की कोई मेरे बूब्स भी इस तरह से यहाँ चूसे तो मैं भी टॉपलेस हो जाऊँ
अगर संजू मुझे पकड़ कर मेरे बूब्स इस वक़्त चूसे तो क्या मैं मना कर पाऊँगी ?
ये सोचते ही मेरे निप्पल्स ब्रा और शर्ट का परदा फाड़कर बेशर्मी से चमकने लगे
संजू देख लेता तो पक्का घसीट लेता मुझे अपने साथ
पर इस वक़्त तो वो निशा के नशीले बूब्स को चूसने खोया हुआ था
क्या कमाल के बूब्स थे उसके
मैने भी पहली बार ही देखे थे उसके बूब्स
ब्रा में उनका साइज़ सही से पता नही चलता पर 32 से तो उपर ही थे
एकदम सख़्त और तने हुए
पिंक कलर के निप्पल्स
उन्हे देखकर मेरे मुँह में भी पानी आ गया
काश मैं भी चूस पाती उन बेहतरीन बूब्स को
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संजू ने उसकी स्कर्ट को उपर करना चाहा पर निशा ने रोक दिया
और बोली : “डार्लिंग, अभी के लिए सिर्फ़ उपर से ही, इस काम के लिए पर्फेक्ट जगह मिलेगी, तब करेंगे”
संजू थोड़ा मायूस सा हो गया
निशा बोली : “तुम्हे ऐल्लॉव नही है नीचे जाना, पर मैं तो जा सकती हूँ ना…”
इतना कहते हुए उसने जीन्स के उपर से ही संजू का फड़फडाता हुआ लॅंड पकड़ लिया
संजू के साथ -2 मैं भी चिहुंक उठी
और अगले ही पल निशा अपने पंजो पर नीचे बैठ गयी और उसकी जीन्स और अंडरवीयर एक झटके में नीचे खींच दिया
निशा का तो पता नही पर मेरी साँसे रुक गयी, अपनी लाइफ का पहला तगड़ा लॅंड देखकर
वो किसी नागमणि की तरह चमक रहा था निशा के हाथो में
और झटके मारकर अपनी जवानी का प्रदर्शन कर रहा था
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निशा भी उसे 1 मिनट तक एकटक देखती रही , फिर मेरी और देखकर कन्फर्म किया की वीडियो बन रहा है ना
मेरे सिर हिलाते ही उसने अपना मुँह खोला और गर्म लार में लिसडी लपलपाति जीभ निकाल कर उसके लॅंड के अगले हिस्से पर रख दी
सैंकड़ो चिड़ियों के साथ-2 संजू भी चिहचिहा उठा जंगल में
निशा उसके लॅंड से खेल रही थी
उसकी लंबाई पर मुट्ठी रखकर उसे आगे पीछे कर रही थी
दोनो हाथो से उसकी मोटाई नाप कर मज़ा ले रही थी
और जब उसने सब पैंतरे आजमा लिए तो अपना मुँह पूरा खोला और धीरे-2 उस अजगर को निगलने लगी
उफफफफ्फ़ क्या सीन था
मेरे तो हाथ काँप रहे थे
मेरा एक हाथ अपने आप चूत की तरफ गया और उस बहती हुई चूत को मैने स्कर्ट के उपर से ही ज़ोर से दबा दिया
ऐसा लगा जैसे कॉटन के कपड़े में लिपटा ताज़ा दही निचोड़ दिया हो
कच्छी से छनकर ढेर सारा रस बाहर निकल आया
डार्क कलर था स्कर्ट का वरना उसपर लगा धब्बा सॉफ नज़र आ जाता
अब मेरा एक हाथ अपनी चूत पर था और दूसरा मोबाइल पर
निशा पूरे शबाब पर आ चुकी थी
बीच जंगल में अपने पंजो पर टॉपलेस होकर वो संजू के लॅंड को बावली कुतिया बने चूसे जा रही थी
उसके चूसने की गति इतनी तेज थी जैसे गन्ने को मशीन में लंड डाल दिया हो
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संजू पंजो पर खड़ा सिसक रहा था
उसने एक नज़र भरकर मुझे भी देखा
मेरे चेहरे पर वासना के बादल छाए हुए थे
वो चाहता तो मुझे भी बुला लेता और शायद मैं मना ना करती पर पहली बार थी और शायद निशा का भी डर था उसे
कही ऐसा ना हो की दूसरी के चक्कर में पहली भी हाथ से जाए
एक तो पहले से संजू उसकी जवानी को देखकर पागल हुआ जा रहा था उपर से मेरे दूसरे हाथ को अपनी चूत रगड़ता देखकर वो और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया
अब उससे सब्र करना मुश्किल था
उसके लॅंड ने सफेद शहद उगलना शुरू कर दिया
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निशा के चहरे पर जब उसके लॅंड की पिचकारी पड़ी तो वो भी सिसक उठी
तब मुझे पता चला की उसका भी एक हाथ अपनी कच्छी में था
संजू का लॅंड चूसते हुए वो अपना अंगूरी दाना भी सहला रही थी
और जब उसके चेहरे और मुँह में ढेर सारा रस गिरा तो बचा हुआ रस संजू ने उसकी नंगी छातियो पर गिरा दिया
पता नही इन लड़को को लड़कियों की छाती पर माल गिराने में क्या मज़ा मिलता है
शायद मुझपर गिरेगा तब मैं जान पाऊं
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पर अभी के लिए तो मैं भी अपनी मुनिया को बुरी तरह से रगड़ रही थी और निशा के साथ-2 मैं भी संजू के लॅंड का कमाल देखकर झड़ने लगी
कुछ पलों के लिए सब शांत हो गया
जंगल में एक गहरी खामोशी छा गयी
मैने वो वीडियो भी ऑफ कर दिया
20 मिनट का एमएमएस बन चुका था
जिसे देखकर निशा बाद में रातो को जागकर मज़ा लेने वाली थी
पर अभी के लिए घर जाना ज़रूरी था
निशा और संजू ने फटाफट अपने-2 कपड़े पहने,
दोनो ने जाने से पहले एक बार फिर से चूसम चुसाई की
और फिर हम तीनो जिस रास्ते से आए, वहीं से होते हुए बाहर आ गये
वहां से निशा संजू के साथ और मैं ऑटो लेकर अपने घर आ गयी
आज के लिए मेरे पास काफ़ी मसाला था अपनी मुनिया को मज़ा देने के लिए.
Need bigger updates .....पता नही क्या-2 बड़बडाए जा रही थी वो
निशा के मुँह के बाद उसकी छातियों पर भी संजू ने चित्रकारी की और अनु ने उसकी देखा देखी अपने देसी घी में डूबे खीरे को बाहर निकालकर अपने छाती पर लगे लच्छे परांठों पर चोपड़ दिया
और उसे अपने खड़े निप्पल्स पर रगड़ते-2 कब वो नींद की आग़ोश में पहुँच गयी, उसे भी पता नही चला..
आज की इस हस्तमैथुन क्रिया ने उसके शरीर को तोड़ कर रख दिया था,
जैसे पहली चुदाई के बाद होता है ठीक वैसा
ओर्गास्म के बाद भी वो उलटी लेती हुई अपनी चूत से रिस रही आखरी बूंदो को अपनी उँगलियों से मसल कर आनंद का मज़ा ले रही थी
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एक तो जंगल में निशा का खेल देखने के चक्कर में वो पहले से ही लेट आई थी, उपर से एक्सट्रा टाइम लेकर आज जो खेल उसने घर पर खेला था, शाम कब हो गयी उसे पता ही नहीं चला
और तब टाइम हो गया अनु की मॉम शेफाली के घर आने का
शेफाली जब दरवाजे तक पहुँची तो हेंडल घूमते ही दरवाजा खुलता चला गया
वो बुदबुदाती हुई अंदर दाखिल हो गयी की कितनी लापरवाह है ये लड़की भी, दरवाजा भी लॉक करके नही रखती अंदर से
अब उसे क्या पता था की वो दरवाजा तो क्या, खुद को खोले बैठी है अंदर
अंदर पहुँचते ही उसे सामने फर्श पर जो नज़ारा दिखा, उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी
स्कूल के फेले कपड़ो के बीच उसकी फूल सी बेटी पूरी नंगी होकर लेटी थी
माहौल में एक अजीब सा सोंधापन था
अनु के एक हाथ में खीरा और दूसरे में मोबाइल था
शेफाली को समझते देर नही लगी की वहां क्या चल रहा था
एक पल के लिए तो उसे बहुत गुस्सा आया पर अगले ही पल उसने खुद को अपनी बेटी की जगह रख कर देखा
वो भी इस उम्र से गुजर चुकी थी
ऐसी उम्र में तो वो चुद चुकी थी , जिस उम्र में उसकी बेटी शायद मास्टरबेट करना सीख रही थी
वो जानती थी की उसकी बेटी अभी उन पछड़ो से दूर है, वरना उसकी पारखी नज़र एक बार में ही पकड़ लेती की उसने सैक्स करना स्टार्ट कर दिया है
लेकिन ये लापरवाही भी तो सही नही है ना
पर देखो तो ज़रा
कितनी मासूम लग रही है
और सैक्सी भी
वॉव
ऐसा नशीला बदन तो उसका भी नही था
एकदम पर्फेक्ट बूब्स
पतली कमर
और थोड़ा फेला हुआ नितंब वाला हिस्सा
चिकनी और कसी हुई चूत
और सबसे ख़ास बात उसका क्यूट सा फेस
ऐसी हालत में कोई लड़का अगर इसे देख ले तो पेंट में ही झड़ जाए
अपने प्रॉडक्ट पर नाज़ हो रहा था उसे
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और साथ ही साथ उसके नंगे बदन को देखकर उसके शरीर में चींटियां भी रेंग रही थी
काश वो भी अपने कपड़े उतारकर उसके साथ फर्श पर लेट पाती
अपनी बेटी के नंगे जिस्म को अपनी बाहों में लेकर उसे प्यार कर पाती
पर अगले ही पल उसने इस ख्याल को अपने दिमाग़ से छिटक कर निकाल फेंका
और एक जोरदार आवाज़ लगाकर उसने अनु को उसकी गहरी नींद से जगाया
अनु ने जब मोंम की आवाज़ सुनी तो हड़बड़ाकर आँखे खोली
पहले तो उसे कोई बुरा सपना लगा, क्योंकि जिस हालत में वो थी , वो पकड़े जाना नही चाहती थी
मॉम इतनी जल्दी कैसे आ गयी, दरवाजा किसने खोला
पर जब उसने घड़ी का टाइम देखा और खुद उसे अपना दरवाजा बंद ना करना आया तो उसके पसीने छूट गये
शेफाली : “अब बैठी -2 क्या घूर रही है अनु, चलो खड़े हो जाओ और ये सब सॉफ करो”
इतना कहकर शेफाली अपने रूम में चली गयी
अनु ने अपना सिर पीट लिया
वो इस हालत मे पकड़ी जाएगी उसने सोचा भी नही था
वो जल्दी से उठी, अपने कपड़े समेट कर रूम में रखे, खीरा डस्टबिन में फेंका
एक शॉर्ट और टी शर्ट पहनी और पोछा लेकर ड्रॉयिंग रूम का फर्श सॉफ किया
कुछ ही देर में उसने सब ठीक कर दिया
पर वो जानती थी की सब पहले जैसा नही है
मॉम भले ही उसे नॉर्मल दिख रही थी, आज से पहले उसने ऐसी कोई हरकत नही की थी जिससे उसकी मॉम को उसपर कोई शक होता
पर आज के काँड ने तो उसे मॉम की नज़रों के सामने गिरा दिया था
वो मॉम से कैसे नज़रें मिलाएगी, वो नही जानती थी
पर मिलानी तो पड़ेंगी ही ना
उनके अलावा कोई नही था उसका
इसलिए धड़कते दिल से वो मॉम के कमरे की तरफ चल दी उनसे माफी माँगने
पर वो नही जानती थी की आज उस कमरे में क्या होने वाला है