Incest गन्ना का खेत

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Hkgg

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ये कहानी है भारत के एक छोटे से गाँव की।एक छोटा मगर बेहद खूबसूरत गांव में रहता है ।

देवा

२० साल का ये गबरू जवान।।अपने १० एकड के खेत में खूब दिल लगा के मेहनत करता है । उसे न शराब का शौक है न चरस गांजे का।
बचपन से उसे कसरत और कुश्ती का बहुत शौक रहा है पर सबसे ज़्यादा चाह है उसे चूत की हालाँकि अभी तक उसे ये मिला नहीं है।।
देवा।अपनी माँ रत्ना और उसकी दो बहने रमिया और ममता के साथ रहता है।
बाप का साया देवा के सर से पांच साल पहले ही उठ गया था।

रत्ना


एक गदराई हुई ४० साल की खूबसूरत औरत जो पिछले 5 साल से अपनी चूत की आग अपनी उँगलियों से तो कभी बैगन मूली से शांत करते आ रही है।।पति तो उसका रहा नहीं और बाहर वालो को वो देना नहीं चाहती।।

अपने बेटे देवा को खेती बाड़ी में हाथ बटाने वाली रत्ना बहुत हँसमुख है पर उसकी हँसी के पीछे के दर्द को कोई नहीं समझता उसका अपना बेटा देवा भी नही।

ममता

देवा की बड़ी बहन।।


एक 22 साल की चंचल खुबसुरत कुँवारी लड़की है जो अपना समय दिन भर अपने सहेलीयों के साथ बातें करने में गुजारती है उन बातों में सिर्फ सेक्स की बाते होती है।।जल्द से जल्द लंड लेने की उसकी चाह ने उसके दोनों आमो को वक़्त से पहले ही पका दिया है।
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रमिया

देवा की छोटी बहन।

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देवा का एक दोस्त है।।


पप्पु



18 साल के पप्पू को बचपन में बैल ने ऐसा लात मारा की उसके पप्पू में हिलने डुलने की ताकत नहीं रही।जीस्म तो अपनी उम्र के हिसाब से बढ़ता गया पर औज़ार छोटा का छोटा रह गया।

पप्पू की माँ

शालु



एक गरम खून वाली 38 साल की औरत है।जिसका पति
हरिया उस गाँव का सबसे चुड़क्कड़ आदमी था और ना जाने कितनी औरतो को चोद चुका था आज वह 45 साल का था लेकिन आज भी उसका लंड चोदने के लिए खड़ा ही रहता था, लेकिन हरिया की एक बात यह भी थी कि वह गाँव मे किसी से ज़्यादा बातचीत नही करता था पर ना जाने क्यो हरिया को रामू से कुछ ज़्यादा ही लगाव था,



हरिया और शालू कि दो बेटियां है।
एक चंदा

उमर 18 साल अपनी माँ की तरह मदमस्त रहने वाली लड़की।



दूसरी बेटी
नीलम

एक खामोश तबियत वाली। अपनी दुनिया में जीने वाली लड़की को जब भी कोई देखता है यही कहता है ये साली शालु के पति की नहीं हो सकती।


देवा अपनी मस्ती मे चला जा रहा था तभी अपने खेत की खटिया पर बैठे हुए हरिया काका ने उसे आवाज़ दी

हरिया- अरे देवा बेटवा कहा चले जा रहे हो, आजकल तो तुमने मेरे पास आना ही बंद कर दिया,


देवा - अरे काका, ठहरो अभी आ रहा हू,

दोपहर के 2 बज रहे थे देवा अपने गन्नो के खेतो की ओर चला जा रहा था लेकिन उसके खेत से थोड़ी पहले ही हरिया काका का खेत आ जाता था जहाँ हरिया काका ने बहुत सारी हरी सब्जिया लगा रखी थी और दिन रात वह उन सब्जियो की रखवाली के लिए वही पड़ा रहता था, हरिया काका के खेत से थोड़ा आगे ही देवा न्नो का खेत था वही रामू ने अपने सोने के लिए एक झोपड़ी बना रखी थी उसी झोपड़ी के भीतर उसने बोरिंग करवा था

जब देवा हरिया काका के पास जाकर बैठ जाता है तो हरिया काका अपनी खत के नीचे से चिलम निकाल कर पीते हुए कहा तो रामू आजकल का चल रहा है तुम तो कुछ दिनो से यहाँ फटकते भी नही हो, का दिन भर घरे मे घुसे रहते हो,

देवा- अरे नही काका घर मे रुकने की फ़ुर्सत कहाँ है, बस यह इतफ़ाक़ है कि मे इधर से जब भी गुज़रता हू तुम नज़र नही आते,

हरिया- चलो कोई बात नही बेटवा, और फिर चिलम का गहरा कस खीच कर देवा को देते हुए, ले बेटा तू भी आज तो लगा ले

देवा - अरे नही काका हम इसे पी लेते है तो फिर काम मे मन नही लगता है

हरिया- मुस्कुराते हुए, पर बेटा इसको पी कर एक काम मे बड़ा मन लगता है

देवा - वो कौन से काम मे

हरिया- मुस्कुराते हुए अरे वही चुदाइ के काम मे


देवा - काका अब अपनी उमर का भी लिहाज करो 45 साल के हो गये हो फिर भी मन नही भरा है

हरिया- अरे बेटवा इन चीज़ो से किसी का कभी मन भरा है भला, अब तुमका देखो इस उमर मे तुमका एक मस्त चूत मिल जाना चाहिए तो तुम्हारे चेहरे पर कुछ निखार आए पर तुम हो की बस काम के बोझ के तले दबे जा रहे हो,

देवा- तो काका चोदने के लिए एक औरत भी तो होना चाहिए अब तुम ही बताओ हम किसे चोदे

हरिया-मुस्कुराते हुए तुम्हारे आस पास बहुत माल है बेटा ज़रा अपनी नज़रो से पहले उन माल को देखो तो सही तुम्हारा मन अपने आप उन्हे चोदने का होने लगेगा,

देवा- अच्छा काका तुम्हारी नज़र मे ऐसी कौन सी औरत है जिसकी में चूत मार सकता हू

हरिया- मुस्कुराते हुए, देखा देवाहम तुमको बहुत मस्त उपाय बता सकते है पर पहले तुमको हमारे साथ दो -चार चिलम मारना पड़ेगी तभी तुमको हमारी बात सुनने मे मज़ा आएगा, अगर तुम्हारा मन हो तो शाम को आ जाना हम तुमको मस्त कर देंगे,

दोनो की बाते चल रही थी तभी हरिया की बेटी जो खेतो मे कुछ काम कर रही थी, हरिया ने उसे आवाज़ देकर कहा

हरिया- अरे चंदा बिटिया ज़रा गिलास मे पानी तो भर कर ले आ बड़ी देर से गला सूख रहा है,


चंदा जो कि हरिया की 16 साल की लड़की थी वही एक छोटा सा घाघरा और सफेद शर्ट पहने उठ कर आई और पानी भर कर जैसे ही उसने कहा लो बाबा पानी

हरिया ने जैसे ही उसके हाथ से गिलास लिया चंदा एक दम से चीखते हुए अपनी चूत को घाघरे के उपर से पकड़ कर चिल्लाने लगी, हरिया और रामू एक दम से खड़े हो गये

हरिया- अरी क्या हुआ क्यो चिल्ला रही है

चंदा-आह बाबा लगता है कुछ काट रहा है तभी हरिया ने उसका घाघरा उपर करके नीचे बैठ कर देखने लगा उसके साथ ही देवा भी बैठ कर देखने लगा, चंदा की बिना बालो वाली गोरी गट चिकनी चूत देख कर तो के देवा मुँह मे पानी आ गया वह हरिया अपनी बेटी की चूत को अपने मोटे-मोटे हाथो से खूब उसकी फांके फैला-फैला कर देखने लगा हरिया जैसे ही उसकी फांके फैलता देवा का मोटा लंड तन कर झटके मारने लगता, हरिया उसकी चूत के पास से एक चींटे को पकड़ लेता है जो मसल्ने की वजह से मर चुका था उसके बाद अपनी बेटी को दिखाते हुए देख यह काट रहा था तुझे,

अब जा आराम से काम कर में बाद मे दवा लगा दूँगा,

चंदा को जाते हुए हरिया और देवा देख रहे थे जो कि अपनी मोटी कसी हुई गान्ड मटका कर जा रही थी तभी देवा ने हरिया की ओर देखा जो अपनी धोती के उपर से अपने मोटे लंड को मसलता हुआ काफ़ी देर तक अपनी बेटी को जाते हुए देखता रहा,

फिर उसकी नज़र जब देवा पर पड़ी तो उसने मुस्कुराते हुए अपने लंड से हाथ हटाकर कहने लगा मादर्चोद ने लंड खड़ा कर दिया,

देख ले देवा जब यह चिलम कस कर पी लो ना तब आसपास बस चूत ही चूत नज़र आने लगती है



देवा - पर काका तुम्हारा लंड तो अपनी बिटिया को देख कर ही खड़ा हो गया

हरिया- अरे देवा तूने उसकी चूत नही देखी कितनी चिकनी है और उसका गुलाबी छेद, मेरे मुँह मे तो पानी आ गया और तू कहता है आपका लंड खड़ा हो गया, अरे चूत मे का किसी का नाम लिखा होता है कि यह बेटी की है कि यह मा की, हम तो जब ऐसी गुलाबी और चिकनी चूत देख लेते है तो फिर बिना चोदे नही रह पाते है, अब देखो हमारे इस मूसल को जब तक यह कोई चूत पा ना जाएगा तब तक चैन से बैठेगा नही,

आज शाम को तुम आओ फिर मे तुम्हे ऐसी चिलम पिलाउन्गा कि तुम जिसको भी देखोगे उसे चोदने का मन करेगा समझे,

देवा का मोटा लंड पूरी तरह तन चुका था चंदा की चूत का वह गुलाबी छेद उसे पागल कर गया था और वह भी अब चूत चोदने के लिए पागल हो उठा था, वह यह कह कर चल दिया की वह शाम को उनके पास आएगा और फिर वह वहाँ से चल देता है, आस पास गन्ने के खेत होने की वजह से हरिया की खत जहाँ लगी थी वहाँ से सिर्फ़ उसकी झोपड़ी ही नज़र आती थी बाकी सारे खेत खड़े होने पर ही नज़र आते थे


देवा चलते-चलते सोचने लगा, कही ऐसा तो नही कि हरिया काका उसके आने के बाद उसकी बेटी के साथ कुछ कर रहा हो और यह सोचते ही देवा का लंड फिर से खड़ा होने लगा था वह चुपचाप दबे पाँव गन्ने के पीछे से छुपता हुआ वहाँ तक आ गया जहाँ से उसे हरिया की खाट नज़र आने लगी थी, और उसने जब वहाँ देखा तो वह देखता ही रह गया,

हरिया काका खाट पर पेर फैलाए लेटा हुआ था और अपने हाथो मे अपना मोटा लंड लेकर उसे मसल रहा था और उसकी नज़रे खेत मे काम कर रही अपनी बेटी चंदा की ओर थी

चंदा बार-बार झुक-झुक कर घास उठा-उठा कर इकट्ठा कर रही थी और हरिया काकी अपनी 16 साल की चिकनी लोंड़िया की उठती जवानी देख-देख कर अपना काला मोटा लंड अपने हाथ से खूब मसल रहा था, उसके बाद हरिया काका ने अपनी चिलम मुँह मे लगाकर जब एक तगड़ा कस मारा तो हरिया काका की आँखे एक दम लाल हो चुकी थी और फिर हरिया काका बैठ कर अपने दोनो परो को फैलाकर अपने मोटे लंड को खूब हिलाते हुए अपनी बेटी चंदा की मोटी गुदाज गान्ड को देखने लगा,

देवा गन्नो के बीच छुपा हुआ हरिया काका को लंड मसल्ते हुए देख रहा था, वैसे चंदा की मटकती गान्ड और कसी जवानी ने उसका भी लंड खड़ा कर दिया था, तभी हरिया काका ने चंदा को आवाज़ दी, अरे बिटिया यहाँ आओ,

चन्दा दौड़ कर अपने बाबा के पास आ कर क्या है बाबा

हरिया- ज़रा दिखा तो बेटी चिंता जहाँ काटा था,

चंदा- पर बाबा चीटा तो निकल गया ना

हरिया-अपने लंड को मसल्ते हुए, अरे बिटिया हमे दिखा तो कहीं सूजन तो नही आ गया,

चंदा-अच्छा बाबा दिखाती हू और चंदा ने अपने बाबा के सामने अपना घाघरा जैसे ही उँचा किया, हरिया ने अपनी बेटी की नंगी गान्ड पर पीछे से हाथ भर कर उसकी मोटी गान्ड को दबोचते हुए जब अपनी बेटी की कुँवारी चूत पर हाथ फेरा तो जहाँ हरिया का लंड झटके मारने लगा वही रामू का मोटा और काला लंड भी उसकी धोती से बाहर आ गया था रामू गन्ने के बीच चुपचाप बैठा था और उसकी धोती के साइड से उसका मोटा और काला लंड जो कि 9 इंच लंबा था बाहर निकल आया था और रामू अपने लंड को सहला कर उन दोनो को देख रहा था,

हरिया-अपनी बेटी की चूत को अपनी मोटी-मोटी उंगलियो से सहलाते हुए, अरे बिटिया इसमे तो बहुत सूजन आ गई है,

चंदा- अपना सर झुका कर अपनी चूत को देखने की कोशिश करती हुई, हा बाबा मुझे भी सूजन लग रही है,

हरिया-अच्छा मे खाट पर लेट जाता हू तू मेरी छाती पर अपने चूतड़ रख कर मुझे ज़रा पास से अपनी चूत दिखा, देखु तो सही सूजन ही है या दर्द भी है,

चंदा- बाबा दर्द तो नही लग रहा है बस थोड़ी खुजली हो रही है,

हरिया- बेटी खुजली के बाद दर्द भी होगा इसलिए पहले ही देखना पड़ेगा कि कही चीटे का जहर तो नही चला गया इसके अंदर,

चंदा अपने बाबा की छाती के दोनो ओर पेर कर लेती है और हरिया अपने घुटनो को मोड़ कर अपनी बेटी के सर को तकिये जैसे सहारा देकर उसकी दोनो मोटी जाँघो को खूब फैला कर उसकी चूत को बिल्कुल करीब से अपने मुँह के पास लाकर देखने लगता है, देवा चंदा की गुलाबी रसीली चूत देख कर पागल हो जाता है, हरिया अपनी बिटिया की गुलाबी चूत की फांको को अपनी मोटी-मोटी उंगलियो से अलग करके उसकी चूत के छेद मे अपनी एक मोटी उंगली पेल देता है और चंदा आह बाबा बहुत दर्द हो रहा है,

हरिया- मे ना कहता था दर्द होगा पर तू सुन कहाँ रही थी अब इसका जाहंर जो अंदर घुस गया है उसको बिना चूसे नही निकाला जा सकता है, तू अपनी चूत को थोड़ा और फैला कर मेरे मुँह मे रख मुझे इसका सारा जाहंर अभी चूस-चूस के निकालना पड़ेगा,

चंदा- अपने बाबा की बात सुन कर अपनी गुलाबी चूत को उठा कर अपने बाबा के मुँह के पास लाती है और हरिया अपनी बेटी की गुलाबी कुँवारी चूत को सूंघ कर मस्त हो जाता है उसका लंड पूरी तरह तना रहता है अपनी बेटी की कच्ची गुलाबी चूत देख कर उसकी आँखे लाल सुर्ख हो जाती है और वह अपनी लपलपाति जीभ अपनी बेटी की चूत मे रख कर उसकी गुलाबी चूत को पागलो की तरह चूसने लगता है और चंदा अपने बाबा के सीने पर अपनी गान्ड इधर उधर मतकते हुए आह बाबा आह बाबा बहुत गुदगुदी हो रही है,

हरिया-बेटी तू बिलिकुल चुपचाप ऐसे ही बैठी रहना मे 10 मिनिट मे सारा जाहंर चूस-चूस कर निकाल दूँगा, फिर हरिया अपनी बेटी की रसीली बुर को खूब ज़ोर-ज़ोर से फैला-फैला कर चूसने लगता है, चंदा की कुँवारी बुर अपने बाबा के मुँह मे पानी छ्चोड़ने लगती है, हरिया खूब ज़ोर-ज़ोर से अपनी बेटी की चूत चूस-चूस कर लाल करने लगता है, कुछ देर बाद
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चंदा-हे बाबा मे मर जाउन्गि आह आह ओह बाबा बहुत अच्छा लग रहा है बाबा आह आह बाबा छ्चोड़ दो बाबा मुझे पेशाब लगी है, ओह आ आ

चंदा-बाबा का मुँह पकड़ कर हटाती हुई बाबा छ्चोड़ दो मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी है,

हरिया- बेटी यह तुझे पेशाब नही लगी है उस जाहंर के निकलने के कारण तुझे ऐसा लग रहा है जैसे तेरा मूत निकलने वाला है अब अगर ऐसा लगे कि तुझे खूब ज़ोर से पेशाब लगी है तो तू ज़ोर लगा कर यही मेरे मुँह पर कर देना,

चंदा- हाफ्ते हुए पर बाबा आपके मुँह पर मे कैसे मुतुँगी

हरिया- पगली मे कह तो रहा हू तुझे मूत नही आएगा बस तेरे जाहंर निकलने के कारण ऐसा लगेगा कि तुझे पेशाब आ रही है तब अपनी आँखे बंद करके मेरे मुँह मे ही कर देना बाकी सब मे सम्हाल लूँगा,

चंदा- मस्ती से भरपूर लाल चेहरा किए हुए थोड़ा मुस्कुरा कर बाबा अच्छा तो बहुत लग रहा है पर मे तुम्हारे मुँह मे पेशाब कर दूँगी तो बाद मे मुझे डांटना मत.

हरिया- अरे मेरी प्यारी बिटिया मे भला तुझे क्यो डाटूंगा चल अब अपनी चूत अपने दोनो हाथो से फैला कर मेरे मुँह मे रख दे मे बचा हुआ जाहंर भी चूस लू, उसका इतना कहना था कि चंदा ने अपने दोनो हाथो से अपनी छूट की फांको को खूब फैलाकर अपनी रस से भीगी गुलाबी चूत को अपने बाबा के मुँह पर रख दिया और हरिया पागलो की तरह अपनी बेटी की गुलाबी चूत को खूब दबोच-दबोच कर चूसने लगा,

हरिया अपनी बेटी की चूत चूसे जा रहा था और चंदा ओह ओह आह बाबा मे मर जाउन्गा आह आह करने लगती है हरिया जब अपनी जीभ को उसकी गुदा से चाटता हुआ उसकी चूत के उठे हुए दाने तक लाता है तो चंदा बुरी तरह अपनी पूरी चूत खोल कर अपने बाबा के मुँह मे रगड़ने लगती है, हरिया लपलप अपनी बेटी की रसीली बर को खूब ज़ोर-ज़ोर से पीने लगता है और चंदा आह आह करती हुई ओह बाबा ओह बाबा मे गई मे आपके मुँह मे मूत दूँगी बाबा आह आह और फिर चंदा एक दम से अपने पापा के मुँह मे अपनी चूत का सारा वजन रख कर बैठ जाती है और गहरी-गहरी साँसे लेने लगती है,

कुछ देर तक हरिया और उसकी बेटी साँसे लेती रहती है और उधर रामू अपने लंड को मुठिया-मुठिया कर लाल कर लेता है, कुछ देर बाद चंदा अपने बाबा से मुस्कुरा कर बाबा जाहंर निकल गया कि और भी चतोगे मेरी चूत को

हरिया- देख बेटी जाहंर तो निकल गया है पर तेरे अंदर जो दर्द है उसे मिटाना पड़ेगा नही तो यह बाद मे बहुत तकलीफ़ देगा,

चंदा-अपने हाथ से अपनी चूत को मसल्ति हुई, पर बाबा अब तो दर्द नही हो रहा है,

हरिया-बेटी दर्द ऐसे मालूम नही पड़ेगा देख मे बताता हू कि तेरे अंदर दर्द भरा है या नही और फिर हरिया अपनी बेटी की चूत को खोल कर उसके अंदर अपनी बीच की सबसे मोटी उंगली डाल कर जैसे ही ककच से दबाता है चंदा के पूरे बदन मे एक दर्द की लहर दौड़ जाती है और वह अपनी चूत को कसते हुए आह बाबा बड़ा दर्द है अंदर तो,

हरिया-अपनी उंगली निकाल कर चाटता हुआ, तभी ना कह रहा हू बेटी इसके अंदर का दर्द अच्छे से साफ करना पड़ेगा और उसके लिए इसके अंदर कुछ डालना पड़ेगा,

चंदा- अपने बाबा को देखती हुई क्या डालोगे बाबा

हरिया-बेटी इसमे कुछ डंडे जैसा डालना पड़ेगा तभी इसका दर्द ख़तम होता है,

चंदा- बाबा गन्ने जैसा डंडा डालना पड़ेगा क्या

हरिया-मुस्कुराता हुआ, बेटी गन्ने जैसा ही लेकिन चिकना होना चाहिए नही तो तुझे खरॉच आ जाएगी

चंदा- तो फिर क्या डालोगे बाबा

हरिया- जा पहले झोपड़ी मे से तेल की कटोरी उठा कर ला फिर बताता हू क्या डालना पड़ेगा,

चंदा तेल लेने के लिए झोपड़ी मे जाती है और हरिया अपनी चिलम जला कर एक तगड़ा कस खीचता है और उसकी आँखे पूरी लाल हो जाती है, चंदा अंदर से तेल की कटोरी उठा लाती है और हरिया अपने दोनो पेर खाट से नीचे लटका कर बैठ जाता है,

हरिया अपनी बेटी को अपनी जाँघ पर बैठा कर बेटी मेरे पास जो डंडा है उसे डालने पर बहुत जल्दी तेरा दर्द ख़तम हो जाएगा,

चंदा- तो बाबा दिखाओ ना आपका डंडा कहाँ है

हरिया ने अपनी बेटी की तरफ अपनी लाल आँखो से देखा और फिर अपनी धोती हटाकर अपना मोटा काला लंड जैसे ही अपनी बेटी को दिखाया, अपने बाबा का विकराल लंड देख कर चंदा के चेहरे का रंग उड़ गया, तभी हरिया ने चंदा की चूत को सहलाना शुरू कर दिया और चंदा के हाथो मे अपना लंड थमा दिया,

हरिया - बेटी ऐसे क्या देख रही है पहले कभी किसी का डंडा नही देखा क्या

चंदा- अपना थूक गटकते हुए, बाबा देखा तो है पर यह तो बहुत मोटा और लंबा है,

हरिया- बेटी इस डंडे को जितना ज़ोर से हो सके दबा तभी यह तेरी चूत के अंदर घुस कर तेरा सारा दर्द ख़तम कर देगा,

चंदा-अपने बाबा का लंड सहलाने लगती है और हरिया अपनी बेटी की कुँवारी गुलाबी चूत को सहलाने लगता है चंदा की चूत मे खूब चुदास पैदा हो जाती है और वह अब अपने मनमाने तरीके से अपने बाबा का लंड कभी मसल्ने लगती कभी उसकी चॅम्डी को उपर नीचे करके उसके टोपे को अंदर बाहर करती और कभी अपने बाबा के बड़े-बड़े गोटू को खूब अपने हथेलियो मे भर कर सहलाने लगती हैं
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हरिया - बेटी कभी गन्ना चूसा है कि नही

चंदा- हाँ बाबा खूब चूसा है

हरिया-बेटी अपने बाबा का डंडा चूस कर देख गन्ना चूसने से भी ज़्यादा मज़ा आता है

चंदा- हस्ते हुए क्या इसको भी चूसा जाता है

हरिय - एक बार चूस कर देख फिर बता कैसा लगता है

चंदा अपने बाबा की बात सुन कर उसके मोटे लंड को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगती है उसके मुँह मे अपने बाबा का मोटा लंड मुश्किल से समा रहा था वह पहले धीरे-धीरे अपने बाबा का लंड चुस्ती है और फिर जब उसे बहुत अच्छा लगने लगता है तब वह हा बाबा आपका डंडा तो बहुत अच्छा लग रहा है और फिर चंदा उसे खूब कस-कस कर चूसने लगती है.



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जब चंदा चूस-चूस कर थक जाती है तब हरिया उसे तेल की कटोरी दे कर ले बेटी इसमे से तेल लेकर मेरे लंड पर अच्छे से लगा दे अब यह तेरी चूत के अंदर जाकर उसका सारा दर्द दूर करेगा,

चंदा- अपनी मस्ती मे आ चुकी थी और अपने बाबा के मोटे लंड पर खूब रगड़-रगड़ कर तेल लगाने लगती है, जब हरिया का लंड तेल से पूरा गीला हो जाता है तब हरिया अपनी बेटी को खाट पर लेटा कर उसकी दोनो जाँघो को उठा लेता है और अपने लंड को अपनी बेटी की गुलाबी चूत मे लगा कर अपने लंड के टोपे को उसकी चूत के गुलाबी रस से भीगे हुए छेद मे फिट करके

हरिया- देख बेटी अब यह जब अंदर घुसेगा तो थोड़ा ज़्यादा दर्द होगा और फिर तुझे एक दम से धीरे-धीरे आराम होने लगेगा, इसलिए ज़्यादा आवाज़ मत करना,

चंदा- आप फिकर ना करो बाबा मे सब सह लूँगी, चंदा के मुँह से यह बात सुनते ही हरिया ने एक तबीयत से ऐसा झटका मारा कि अपनी बेटी की कुँवारी चूत को फाड़ता हुआ सीधा उसका मोटा लंड आधे से ज़्यादा उसकी चूत मे फस गया और चंदा के मुँह से हेय मर गई रे बाबा की ज़ोर से आवाज़ निकल पड़ी हरिया ने जल्दी से उसका मुँह दबा कर एक दूसरा झटका इतनी ज़ोर से मारा कि उसका पूरा लंड जड़ तक उसकी बेटी की चूत को फाड़ कर पूरा अंदर समा गया और चंदा आह करके चीखती है और उसकी आँखो से आँसू आ जाते है उसकी चूत से खून की धार लग जाती है और वह अपनी टाँगे इधर उधर फेकने लगती है, तभी हरिया उसकी गान्ड के नीचे एक हाथ डाल कर उसे उठा कर अपने सीने से चिपका लेता है और धीरे-धीरे अपनी कमर को हिलाते हुए चंदा के दूध को दबा-दबा कर उसकी चूत मे झटके मारने लगता है,
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चंदा आह छ्चोड़ दे बाबा बहुत दुख रहा है आह आह ओ बाबा,

हरिया- बेटी अपने बाबा से खूब कस कर चिपक जा अब बिल्कुल दर्द नही होगा अब देखना तुझे कितना मज़ा आएगा, चंदा अपने बाबा से पूरी तरह चिपक जाती है और हरिया अब कुछ तेज-तेज अपनी बेटी की चूत मे अपने लंड से धक्के मारने लगता है, हरिया का लंड अब चंदा की चूत मे कुछ चिकनाहट के साथ जाने लगता है पर उसके लंड को उसकी बेटी की चूत ने बहुत बुरी तरह जाकड़ रखा था इसलिए हरिया को अपनी बिटिया रानी को चोदने मे बड़ा मज़ा आ रहा था उसने चंदा की दोनो मोटी जाँघो को थाम कर अब सतसट अपने लंड से पेलाई शुरू कर दी और चंदा आह आह ओ बाबा आह अब ठीक है आह आह ओ बाबा बहुत अच्छा लग रहा है और तेज मारो बाबा तुम बहुत अच्छा मार रहे हो थोड़ा तेज मारो बाबा

हरिया अपनी बेटी की बात सुन कर उसे खूब हुमच-हुमच कर चोदने लगता है, अब हरिया खड़ा होकर अपनी बेटी को अपने लंड के उपर टाँगे हुए उसे अपने खड़े लंड पर उपर नीचे करते हुए उसकी चूत मारने लग जाता है, चंदा पूरे आनंद मे अपने बाबा से बंदरिया की तरह चिपकी हुई अपनी चूत मे अपनी औकात से बड़ा और मोटा लंड फसाए हुए मस्त झूला झूल रही थी, करीब आधा घंटे तक हरिया अपनी बेटी को अपने लंड पर बैठाए रहता है,

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a class 0 60हरिया अपनी बेटी के छ्होटे-छ्होटे दूध को भी पकड़ कर मसलता है तब चंदा उससे खूब कस कर चिपक जाती है और उसका पानी निकल जाता है, हरिया अपने लंड पर उसे बिठाए हुए खाट पर बैठ जाता है और चंदा अपने बाबा के लंड पर आराम से अपनी चूत को फसाए हुए बैठी रहती है, हरिया अपनी चिलम निकाल कर एक बार जला कर फिर से एक तगड़ा काश खीचता है और फिर चंदा के मोटे-मोटे चुतड़ों को सहलाते हुए उसे अपने लंड पर लेकर फिर से खड़ा होकर खूब हुमच-हुमच कर चोदने लगता है,

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करीब 10 मिनिट बाद हरिया अपनी बेटी को खाट पर लेता देता है और फिर उसके उपर लेट कर तबाद तोड़ तरीके से अपनी बेटी की चूत मारने लग जाता है और फिर कुछ तगड़े धक्के ऐसे मारता है क़ी चंदा का पानी अपने बाबा के लंड के पानी के साथ ही छूट जाता है और दोनो एक दूसरे से पूरी तरह चिपक जाते है,

कुछ देर बाद हरिया उठ कर पानी पीता है और थोड़ी देर बाद चंदा जब उठती है तो आह बाबा दर्द तो अभी भी लग रहा है

हरिया- अपनी बेटी के गालो को चूमते हुए, बिटिया ज़हरीला चिंटा था उसका जाहंर तो निकल गया पर इस दर्द को पूरी तरह मिटाने के लिए मेरे डंडे से तुझे रोज ऐसे ही अपना दर्द मिटवाना पड़ेगा तब ही कुछ दिनो बाद बिल्कुल दर्द मिट जाएगा,

चंदा-अपने बाबा के मोटे लंड को अपने हाथो मे भर कर दबाते हुए, बाबा तुम्हारा डंडा बहुत मस्त है मुझे तो बड़ा मज़ा आया है, अब तो मे खुद ही इस डंडे से अपना दर्द रोज मिटवाउन्गि

हरिया- अपनी बेटी की बात सुन कर खुश होता हुआ, हा बेटी ठीक है पर एक बात ध्यान रखना यह बात किसी को नही बताना अपनी मा को भी नही समझी, नही तो तेरी शादी नही हो पाएगी

चंदा- नही बाबा मे किसी को नही बताउन्गि

हारिया-अच्छा अब जा जाकर झोपड़ी मे थोड़ा आराम कर ले

देवा वहाँ से दबे पाँव उठ कर अपने खेतो की ओर चल देता है और उसका लंड उसे पागल किए जा रहा था उसके मन मे भी चोदने की एक बहुत ही बड़ी इच्छा ने जनम ले लिया था और वह यह सोच रहा था कि इस हरिया काका की चिलम मे कितना दम है अपनी बेटी को कितनी देर तक कितनी मजबूती से चोद्ता रहा, कितना मज़ा आया होगा उसे अपनी बेटी को चोदने मे, बस यही सोचता हुआ देवा अपने खेतो की ओर चल देता है,
देवा;हाथ मुंह धो के घर चला जाता है।

देवा की माँ रत्ना देवा का इंतज़ार कर रही थी । वो बहुत बेचैन हो जाती थी जब देवा वक़्त पे घर नहीं पहुँचता था।

रत्ना;देवा को देख घर के भीतर चली जाती है और उसके लिए खाना गरम करने लगती है।

देवा; हाथ मुंह धोके रसोई में आता है।
अरे माँ तुम्हे कैसे पता की मै आ गया हूँ।

रत्ना;माँ हूँ मै तेरे कदमों की आहट सुन लेती हूँ चल बैठ जल्दी से और खाना खा ले।

देवा;अपने माँ के गले में बाँहें डालके उसे अपने सिने से लगा लेता है। सच माँ तुम जैसे माँ किस्मत वालो को मिलती है।

रत्ना;बस बस खाना खा ठण्डा हो रहा है ।

देवा;एक नज़र रत्ना पे ड़ालता है और फिर खाना खाने बैठ जाता है।
ये माँ बेटे के बीच में रोज होता था देवा कभी कभी रत्ना को अपने से चिपका लेता और रत्ना भी उसे कुछ नहीं कहती। बस उसके आगे दोनों में से कोई कभी आगे नहीं बढा था।

खाना ख़तम करके देवा बाहर आँगन में बिस्तर पे लेट जाता है और थकान के कारण उसे फ़ौरन नींद लग जाती है।

सुबह जब देवा की आँख खुलती है तो उसे रत्ना और ममता सजे साँवरी दिखाई देती है।

देवा;क्या बात है माँ कहाँ जा रही हो।

ममता ; ओफ़ हो भैया आप्प को तो कुछ याद नहीं रहता मैंने कल आपको कहा था न की मेरी सहेली कुमारी की शादी है माँ और मै वही जा रहें है। तुम भी तैयार हो जाओ और जल्दी से वहां आ जाना।

ये कहते हुए दोनों कुमारी के घर निकल जाते है।

देवा का मूड आज बहुत अच्छा था। कल रश्मि ने मुठ जो मार दी थी।
वो उठ के बारामदे में बने बाथरूम में नहाने चला जाता है की तभी उसे दरवाज़े पे किसी की आवाज़ सुनाई देती है वो मुड के देखता है तो सामने पप्पू खड़ा था वो घर से तैयार होके आया था शादी में जाने के लिये।

देवा;पप्पू को देख खुश हो जाता है।
अरे क्यों रे साले क्या हुआ है तुझे तेरी बहन कह रही थी तेरी तबियत ख़राब है।

पप्पू;मुस्कराता हुआ देवा के क़रीब आता है। हाँ बस थोड़ा बुखार आ गया था।

देवा;चल अच्छा किया जो तू आ गया।

पप्पू;क्या मतलब

देवा: मैं नहाने जा रहा था।

पप्पू; तो
देवा;अब्बे पीठ पे ज़रा साबुन घिस दे ।

पप्पू;मेरे कपडे खराब हो जाएंगे।

देवा;तो उतार देना बाद में पहन लेना। दोनों साथ शादी में चलेंगे।

पप्पू; चुपचाप कुर्ता पैजामा निकाल के रख देता है और एक टॉवल लपेट के देवा के पीछे पीछे बाथरूम में जाने लगता है।

देवा;अब्बे दरवाज़ा तो बंद कर दे पहले।

जब पप्पू दरवाज़ा बंद करके बाथरूम में पहुँचता है तो थोड़ा सहम जाता है देवा बिलकुल नंगा नीचे बैठा हुआ था और अपने जिस्म पे पानी डाल के साबुन लगा रहा था।

पप्पू;उसे देखता हुआ उसके पास बैठ जाता है और पीछे से उसकी पीठ घीसने लगता है।

देवा;अरे तेरे नाज़ुक हाथों में दम नहीं है क्या जोर से घिस ना।

पप्पू;थोडा जोर से अपना हाथ देवा के पीठ पे घीसने लगता है।

देवा;सामने से भी घिस दे ना।

पप्पू; चुपचाप उठ के देवा के सामने जाके बैठ जाता है और उसके गरदन पे ग़ले पे पेट पे और फिर नीचे नहीं बढ़ता तो देवा उसका हाथ पकड़ के अपने जांघ पे रख देता है यहाँ कौन घिसेगा।

पप्पू;तूने तो सिर्फ पीठ पे कहा था ना।
देवा;अब यहाँ कह रहा हूँ चल जल्दी कर।

पप्पू; देवा की जांघ पे अपने नाज़ुक हाथ जैसे ही रखता है देवा के लंड में अकडाहट आने लगती है पप्पू के हाथ नाज़ुक लड़की की तरह थम जाता है वो धीरे धीरे देवा के लंड को भी पकड़ लेता है।

देवा;नज़र उठाके उसे देखता है पर उसकी नज़रें नीचे लंड पे टीकी हुई थी वो धीरे धीरे लंड को मज़बूती से पकड़ के साबुन लगे हाथों से सहलाने लगता है।

देवा; आहह ऐसा मत कर बेटा वरना बहुत पछतायेंगा।

पप्पू;कुछ नहीं बोलता शायद उसके गाण्ड के कीड़े जग गए थे और उसे खुजा रहे थे।

देवा;जिस्म पे पानी डालके खड़ा हो जाता है और टॉवल लपेट के पप्पू का हाथ पकड़ के अपने कमरे में ले जाता है।

वो जैसे ही पलंग पे लेटता है पप्पू उसके ऊपर चढ जाता है।



और धीरे धीरे देवा के छाती को चुमने लगता है।

देवा की ऑखें बंद हो जाती है।

पप्पू देवा के जिस्म पे लिपटे टॉवल हटा देता है और उसके लंड को चुमते हुए अपने मुंह में खिंच लेता है।गलपप गलप्प गलप्प।

देवा;आहह साले आराम से आहः।

पप्पू;बिना कोई अलफ़ाज़ मुंह से निकाले बस मुंह में चुसता चला जाता है गलप्प गलप्प।

कुछ देर बाद देवा पप्पु को अपने नीचे लिटा देता है उसका लंड तो पप्पू के पकड़ने से ही खड़ा हो चुका था और ऊपर से आज पप्पू ने खुद ही उसे अपने मुंह में ले के गीला कर चुका था।

देवा;दोनों हाथों से पप्पू के कमर को पकड़ के फैलाता है और अपने लंड को उसके गाण्ड में पेलने लगता है अहह आहः

देखते ही देखते देवा का लंड पप्पू के गाँड में फिट बैठ जाता है।

उस वक़्त पप्पू के मुंह से पहले मर्तबा आवाज़ निकलती है आहह ज़ालिम मार देंगा क्या।

देवा;तू खुद मरवाने चला आया। ले अब आहह आहः

देवा;पप्पू को अपने नीचे पूरी तरह लिटा के दनादन अपने लंड को पप्पू की नाजुक गाण्ड में पेलने लगता है।



पप्पू; आहह तू बड़ा हरामी है देवा ज़रा सा रहम नहीं करता आहह माँ वो।

देवा;क्या करूँ जब तक मुझे गांव में कोई चूत नहीं मिल जाती । तब तक तेरे गाण्ड से काम चलाना पड़ेंगा आहः

वो पेलता रहा और पप्पू सहता रहा । इस गाण्ड मराई में जितना मजा देवा को आता था उससे कही ज़्यादा पप्पू को आता था। वो खुद अब देवा के लंड का गुलाम बन चूका था । उसे हर दूसरे दिन देवा के लंड के खवाब आते थे। इसी लिए वो नखरे करता हुआ किसी न किसी तरह बहाने ढूंढता था देवा के नीचे पीसने के लिए।

20 मिनट के बाद देवा अपना लावा पप्पू के गाण्ड में उंडेल देता है।

और कुछ देर बाद दोनों कपडे पहन के शादी में जाने के लिए निकल जाते है।

जब वो शादी में पहुँचता है तो हैरान रह जाता है । हर तरफ खूबसूरत औरतें जवान लड़कियां उसे दिखाई देतीं है ये सभी नए नवेली खूबसूरत चेहरे बारात के साथ आये थे।

पप्पू;देवा के काँधे पे हाथ रखता है।
कहाँ खो गए देवा।

देवा;सपनों की नगरी से वापस दुनिया में लौटते हुए हाँ अरे पप्पू माँ कहाँ है।

पप्पू; मेरी या तेरी।

देवा;अबे मेरी माँ कहाँ है तूने कही देखा क्या।

पप्पू;हम्म शायद दुल्हन के पास होंगी मै रश्मि को बुलाता हूँ।
रश्मि अरे ओ रश्मि।

रश्मी;मुस्कुराते हुए उन दोनों के पास आती है।

रश्मी;क्या बात है क्यों बुलाया मुझे।

पप्पू;अरे वो रत्ना काकी को ज़रा बुला ला कहना देवा बाहर बुला रहा है।

रश्मी;देवा को घूरते हुए ही वहां से चली जाती है।

पप्पू;अब इसे क्या हुआ ।

देवा;पता नहीं शायद इसने कुछ तीखा खा लिया होगा।

कुछ देर बाद वहां रत्ना आ जाती है।

रत्ना;क्या बात है बेटा क्यों बुलाया।

देवा;अपनी जेब से कुछ पैसे निकाल के रत्ना के पास दे देता है। ये लो कुमारी को हमारे तरफ से भेंट दे देना।ये इस गांव का ये रिवाज था की सभी मेहमान दुल्हन को तोहफे ना देके पैसे देते थे जो आने वाले वक़्त में उस के काम आता।

रत्ना;चल तू अपने हाथों से दे दे।

देवा;रत्ना के पीछे पीछे घर के अंदर चला जाता है।

कुमारी दुल्हन के लाल कपड़ों में बहुत प्यारी लग रही थी वो एक भोली भाली शरीफ लड़की थी देवा उसके सर पर हाथ रख के उसके हाथ में वो पैसे दे देता है।

पास में बैठी हुई रश्मि उसे अभी भी घूर रही थी पर ये घूरना क़ातिलाना था जैसे किसी चीज़ का बदला लेना चाहती हो।।उसके पास बैठी शालु देवा को देख रत्ना से कहती है।

शालु;रत्ना अब तू भी देवा के लिए जल्दी से कोई लड़की देख ले लड़का जवान हो गया है।

रत्ना से पहले देवा बोलता है।
काकी आपको कैसे पता चला की मै जवान हो गया हूँ।।

ये सुन के वहां बैठे सभी लोग हंसने लगते है और शालु का चेहरा लाल हो जाता है । शादी के मौक़ों पे ऐसे छोटे मोटे हंसी मज़ाक आम बात थी।

शालु;उसे घुर के रह जाती है।

देवा मुस्कुरा देता है और कुछ देर बाद बाहर निकल जाता है।

शादी अपने रस्मो रिवाज के मुताबिक हो जाती है सभी लोग खाना खा चुके थे।
देवा;खाना खाने के बाद पप्पू से कहता है ।
चल पप्पू ज़रा घर से होके आते है।

पप्पू;ना बाबा तू जा मुझे बहुत काम है।

देवा;पप्पू के कमर पे ज़ोर से थप्पड मार के अकेला घर की तरफ चल देता है।और वो चैन की नींद सो जाता है।

सुबह के 7 बजे।
देवा;तैयार हो चुका था और वो नाश्ता करके खेत की तरफ चला जाता है।

आज खेत में उसे मज़दूरों से काम लेना था वो जो सुबह से काम में लगता है तो 11 बज जाते है।

गर्मी के कारण मज़दूर अपने अपने घर को चले जाते है देवा वही कुंवे पर हाथ मुंह धोने लगता है तभी उसे शालु अपनी कमर मटकाते हुए आती दिखाई देती है।

शालु;सीधा देवा के खेत में आती है । आज उसके साथ बकरियाँ नहीं थी वो अकेली ही आई थी।

देवा;क्या बात है काकी आज तुम अकेली आई हो मेरा मतलब है बकरियाँ चराने नहीं लाई।

शालु;अरे पप्पू ले गया है नदी पर उन्हें। मै तो यहाँ आम तोड़ने आई थी अच्छा हुआ तू मिल गया ज़रा कुछ कच्ची कैरिया तोड़ दे मुझे।

देवा;शालु को नीचे से ऊपर तक देखने लगता है और सोचता है साली खुद तो पका पकाया आम है जितना निचोड़ो उतना कम ।

शालु;देवा के ऑंखों की गर्मी अपने शरीर पे महसूस कर चुकी थी।
क्या हुआ नहीं तोड़ना हो तो बोल दे।

देवा;अरे नहीं काकी आपको नहीं दूंगा तो फिर किसे दूँगा।

शालु;बडा आया देने वाला चल जल्दी कर कच्ची वाली तोड़ना।

देवा;काकी जो मजा पके चीज़ में है वो कच्ची में कहाँ।

शालु;अच्छा तुझे कैसे पता।

देवा;लो कर लो बात। पके आम को दबा दबा के खाने में कितना मजा आता है।

शालु; बेटा कच्ची चीज़ बहुत मजा देती है चटखारे मारता रह जाता है इंसान।

देवा;मुझे तो पके हुए पसंद है।

शालु;तुझे क्या क्या पसंद है मै अच्छे से जानती हूँ। ज़्यादा बाते न बना चल जल्दी कर।

देवा;काकी जल्दी का नाम शैतान का धीरे धीरे में जो मजा है वो जल्दी में नही।

शालु; देवा को घुरने लगती है देवा की डबल मीनिंग बातें शालु खूब समझती थी।
चल मेरा काम करता है या नही।

देवा; मैं तो कब से तैयार हूँ काम करने के लिए आप ही मुझे बातों में उलझा रही हो चलो इधर आओ ।

शालु;क्या मतलब।

देवा;अरे बाबा मै आपको ऊपर उठाता हूँ आप अपनी मर्जी के कच्ची वाली आम तोड़ लो।

शालु;आगे बढ़ती है और देवा उसे कमर के पास से पकड़ के ऊपर उठा लेता है।

देवा;बहुत भारी हो गई हो तुम काकी।

शालु;बस निकल गया दम बड़ा मरद बनता फिरता है । दो पल तो सँभाल नहीं सकता अपनी जोरु को क्या सँभालेंगा।

देवा;ग़ुस्से में आके शालु को और ऊपर उठा लेता है जिससे शालु की कमर देवा के मुंह के सामने आ जाती है।

शालु;कच्ची कैरिया तोड़ने लगती है और देवा शालु के दोनों मोटे मोटे कमर नहीं बल्कि कमरों को इतने पास से देखने लगता है।

देवा;के मुंह में पानी आने लगता है कल से लंड रह रह के उछाले मार रहा था अचानक उसका मुंह शालु के चूतड़ के बीच के दरार में घुस जाता है।

शालु;का पूरा जिस्म कांप जाता है हाथ में आये हुए आम नीचे गिर जाते है और वो खुद को किसी तरह सँभाल पाती है।

देवा;फिर से वही करता है वो अपनी नाक को शालु के गाण्ड के ठीक ऊपर लगा के हलके से शालु की मोटी गांड को अपने चेहरे से दबा देता है।

शालु;आहह क्या कर रहा है मै नीचे गिर जाऊँगी।

देवा;जैसे ही अपनी नाक निकलता है शालु उसके हाथ में से फिसल जाती है और शालु धडाम से नीचे गिर जाती है।



शालु;हाय रे सत्यानाश हो जाये तेरा। क्या कर रहा था माँ कितना दर्द हो रहा है मुझे आहः

देवा;घाबराके उसके पैर के पास बैठ जाता है।
दीखाओ मुझे कहाँ लगा है।

शालु;आहह दूर हट मुए।

देवा;काकी देखने तो दो पता तो चले ज़्यादा गहरा मार तो नहीं लगा तुम्हें।

शालु;पैर पकड़ के सिसकने लगती है उसे सच में बहुत दर्द हो रहा था।

देवा;शालू के पंजे को पहले देखता है वहां सब ठीक था फिर धीरे धीरे वो शालु की साडी ऊपर करने लगता है।

शालु;क्या कर रहा है देवा।

देवा;काकी चुप चाप बैठो। देखने तो दो मुझे लगता है तुम्हारे पिडलियों पर चोट लगी है।

शालु;हाय रे मै मर गई माँ आहः

देवा;शालू की साडी घुटने तक चढ़ा लेता है।
गोरी गोरी उसके टाँगे भी साफ़ दिखाई दे रही थी पर ज़्यादा अंदर का देखना नहीं दे रहा था क्योंकी शालु ने अपने हाथ से साडी पकड़ रखी थी।

देवा;हलके हलके शालु की मालिश करने लगता है कुछ देर बाद शालु की हलकी हलकी चीखें सिसकारियों में बदल जाती है।

शालु;हाँ वही आहह वही दर्द हो रहा है।आहः

देवा;का हाथ शालु के नरम मख़मली जाँघो को टच होने लगता है जिससे बार बार शालु को करेन्ट सा लगने लगता है।

शालु;मुझे घर जाना है ये कह के वो जैसे ही उठती है वापस बैठ जाती है।उसका दरद नाक़ाबिल बर्दाश्त था।

देवा;काकी ऐसा करते है मै आपको गोद में उठाके घर ले चलता हूँ।

शालु;नहीं नहीं मै चली जाऊँगी।
वो एक बार फिर उठने की कोशिश करती है और फिर चीख़ के नीचे बैठ जाती है।

देवा;इस बार शालु से नहीं पूछता वो एक हाथ गरदन के नीचे और दुसरा हाथ कमर के नीचे डाल के फूल से भी हलकी शालु को अपने मज़बूत बाँहों में उठा लेता है।

शालु;गिरने के डर से दोनों हाथ देवा के गर्दन में डाल देती है।

देवा;शालू को इसी तरह उठाके शालु के घर की तरफ चल पड़ता है।
धूप बहुत तेज़ होने के कारण गांव के सभी लोग घरो में या खेतों में थे।

रास्ता एकदम सुनसान था इसलिए शालु को भी किसी के देखने का डर नहीं था।

देवा;के हाथ की उँगलियाँ शालु की कमर को छू रही थी जिससे शालु को नशा सा छाने लगा था । उसे यक़ीन नहीं हो रहा था की देवा उसे इतनी आसानी से उठाके घर ले जा रहा है ।

देवा;काकी तुम बहुत हल्की हो मुझे लगा भारी होंगी।

शालु;अभी तो कह रहा था बहुत भारी हूँ मैं।

देवा;जब मैंने तुम्हें सही तरह से नहीं लिया था न अब सही बता रहा हूँ।

शालु;एक मुक्का देवा के छाती पे जड़ देती है और दोनों शालु के घर पहुँच जाते है।

शालु;अंदर चलके चाय पी'।

देवा;नहीं मुझे खातो में कुछ काम है

खेत पर पहुचने के बाद देवा अपनी खाट बाहर निकाल कर गन्नो के बीच एक चोकोर जगह पर खाट डाल कर लेट जाता है पर उसकी यादों मे तो बस चंदा की गुलाबी चूत ही नज़र आ रही थी, थोड़ी देर लेटे रहने के बाद देवा को कुछ दूरी पर रमिया आती हुई नज़र आ रही थी, रमिया 20 साल की हो चुकी थी और उसका शरीर वक़्त से पहले ही इतना भर चुका था कि उसे अगर अपने चूतड़ हिलाकर चलते हुए कोई भी देखे तो उसका लंड खड़ा हो जाए,

और वह भोली इतनी थी जैसे कोई बच्ची हो, रमिया जैसे ही
देवा के पास आती है रामू उसे देख कर सोचने लगता है उसकी बहन रमिया तो चंदा से भी गोरी और भरे बदन की है रमिया की चूत कितनी बड़ी और गुलाबी होगी अगर रमिया की चूत मुझे उसी तरह चाटने और चोदने को मिल जाए जैसे हरिया ने अपनी बेटी की चूत चाट-चाट कर चोदि थी तो वाकई मज़ा आ जाएगा, पर इसके लिए उसे हरिया काका की चिलम पीना

पड़ेगी तभी वह अपनी प्यारी बहन को तबीयत से चोद पाएगा,

रमिया- अरे भैया आम खाओगे खूब पके है पास के पेड़ से गिरे थे तो मे उठा लाई,

देवा - रमिया के मोटे-मोटे पके आमो जैसी चुचियो को घूर कर देखते हुए, अरे

रमिया आम खाते थोड़े है आम को तो चूसा जाता है,

रमिया-अपने भैया से सॅट कर बैठते हुए, तो भैया चूसो ना और रमिया उसकी और एक पका हुआ आम बढ़ा देती है, रमिया ने एक स्कर्ट और उपर एक सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी शर्ट के अंदर ब्रा नही थी और उसके बटनो के बीच की गॅप से रमिया के मोटे-मोटे चुचे ऐसे कसे हुए नज़र आ रहे थे कि आम की साइज़ भी उसके तने हुए मस्त ठोस चुचियाँ से छ्होटे नज़र आ रही थी,

वही उसकी पुरानी सी स्कर्ट उसके घुटनो के भी उपर तक थी जिसकी वजह से उसकी भरी हुई गोरी पिंदलिया और मोटी-मोटी गदराई जंघे बहुत मादक नज़र आ रही थी,देवा का लंड अपनी बहना को देख कर अपनी धोती मे पूरा तन चुका था. देवा ने रमिया का हाथ पकड़ कर उसे अपने पास खिचते हुए,

देवा - क्यो री मा क्या कर रही है घर मे,

रमिया- अभी जब मे आई तो नहा रही थी,

देवा - वही घर के आँगन मे नहा रही थी क्या

र- हाँ और दीदी भी उनके साथ नहा रही थी

देवा - दीदी ने क्या घाघरा चोली पहना था

रमिया- नही पेटिकोट पहन कर मा से अपनी टाँगे रगडवा रही थी,

देवा - अरे दीदी से कह दे कभी से देवा भी टाँगे रगडवा ले मे बहुत अच्छी टाँगे रगड़ता हू

रमिया- इठलाते हुए हटो भैया मुझे आम चूसने दो

देवा - आ मेरी गोद मे बैठ कर आराम से मे तुझे चुसता हू

रमिया झट से देवा की गोद मे जैसे ही बैठने जाती है देवा अपना हाथ उसकी स्कर्ट मे भर कर उसके भारी-भारी चुतड़ों से उपर उठा देता है और फिर उसके नंगे चुतड़ों को अपनी जाँघ पर रख कर उसे प्यार से सहलाता हुआ हल्के से उसकी तनी हुई चुचियो पर अपने हाथ रख कर उसे देखने लगता है, रमिया आम को दबा-दबा

कर उसका रस चूस रही थी और देवा रमिया के रसीले होंठो को देख रहा था, देवा उसका गाल चूमते हुए उसकी चुचियों को थोड़ा सा अपने हाथो मे भर कर अपने भैया को नही चूसाएगी,

रमिया-अपने भैया की ओर देखती हुई उसके मुँह की ओर आम कर देती है तब देवा आम को एक दम से हटा कर रमिया के रसीले गुलाबी होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है और उसका हाथ अचानक ही रमिया की मोटी-मोटी चुचियो को शर्ट के उपर से खूब ज़ोर से मसल्ने लगता है,

रमिया- आह भैया यह क्या कर रहे हो मुझे दर्द हो रहा है, छ्चोड़ो ना

देवा - उसका मुँह छ्चोड़ कर उसके गाल को चूमता हुआ,


देवा से रहा नही जा रहा था उसका लंड पूरी तरह तन चुका था लेकिन वह जानता था कि रमिया इतनी भोली है कि बहुत सोच समझ कर उसे चोदना होगा,

रमिया आम खाने के बाद खड़ी होकर एक अंगड़ाई लेती है और भैया कोई मोटा सा गन्ना दो ना मुझे चूसने के लिए

देवा - उसकी बात सुन कर अपने लंड को मसल्ते हुए, रानी बहना गन्ना तो बहुत मोटा है पर क्या तू इतना मोटा गन्ना चूस लेगी,

रमिया वही गन्ने के बीच अपने भारी-भारी चुतड़ों को मतकाते हुए टहलने लगती है और अपनी बहन की कातिल कुँवारी जवानी देख कर देवा का मोटा लंड पागल होने लगता है, देवा अपनी बहन की एक छोटी सी स्कर्ट मे मटकती मोटी गान्ड देख कर उसके पीछे पीछे बिल्कुल उससे सतते हुए चलने लगा उसने रमिया के मोटे चुतड़ों को थामते हुए उससे पूछा ये इधर उधर क्या देख रही है रमिया,


तब रमिया ने कहा वह तो कोई अच्छा सा गन्ना चाहती है जिसमे खूब रस भरा हो, आज उसका एक मोटा सा गन्ना चूसने का मन है, देवा का मोटा लंड पूरी तरह तन चुका था आज वह अपनी बहन रमिया को चोदने के लिए पागल हुआ जा रहा था, एक तो हरिया काका ने जिस तरह से अपनी 16 साल की चिकनी लोंड़िया को चोदा था बस उस नज़ारे को याद करके देवा का लंड और भी झटके मार रहा था,

देवा- अपनी बहन की मोटी गान्ड की दरार मे अपनी एक उंगली हल्के से दबा कर, मेरी बहना तू इधर उधर क्या देख रही है जब कि एक मस्त गन्ना तो मेरे पास है अगर तू मेरा गन्ना चूसना चाहती हो तो बोल,

रमिया- आप का गन्ना अच्छा लंबा और मोटा है


देवा- एक बार जब तू अपने इन गुलाबी होंठो से उसे चुसेगी तो तुझे ऐसा मज़ा मिलेगा कि तू फिर रोज मुझसे कहेगी कि भैया अपना गन्ना अपनी बहन को चूसा दो ना,

रमिया-तो भैया चुसाओ ना अपना गन्ना,

देवा - अच्छा तो चल मेरे साथ लेकिन वहाँ खेत का कुछ चारा दोनो मिल कर काट लेते है और फिर देवा रमिया को लेकर खेत मे चारा काटने लगते है देवा जानबूझ कर अपनी धोती के साइड से अपने मोटे लंड को बाहर निकाल लेता है रमिया उसके सामने बैठी-बैठी चारा काटती रहती है तभी अचानक रमिया की नज़र देवा के मोटे काले लंड पर पड़ जाती है और रमिया, का चेहरा एक दम से लाल होने लगता है, रमिया अपना थूक गटकते हुए बार-बार उसके मोटे लंड को देखती जा रही थी, और देवा तिरछी नज़रो से उसकी प्रतिक्रिया देख रहा था,

देवा बड़ा चतुर था जैसे-जैसे रमिया उसके लंड को देख रही थी देवा रमिया की चूत की कल्पना करके अपने लंड को और खड़ा कर रहा था, देवा का लंड जैसे-जैसे बढ़ने लगा रमिया की साँसे तेज होने लगी थी, अब रमिया का यह हाल था कि वह एक तक देवा के लंड को देखे जा रही थी, यही मोका था कि देवा ने रमिया को आवाज़ देकर

रमिया- क्या देख रही है,

देवा की आवाज़ सुन कर रमिया एक दम से घबरा गई और कुछ नही भैया करने लगी

देवा ने अपने लंड की ओर देखा और फिर रमिया को देखते हुए, तू मेरे लंड को देख रही है,

रमिया- नही भैया मे कहाँ देख रही हू

देवा -सच-सच बता दे तू मेरे लंड को देख रही थी ना, अगर सच नही बताएगी तो मे मा से तेरी शिकायत करूँगा

रमिया- वो भैया ग़लती से नज़र चली गई,

देवा - उसके पास सरक कर अब तूने मेरा देखा है तो अपना भी दिखा नही तो मे मा से बता दूँगा कि तू मेरा लंड देख रही थी,

रमिया- नही भैया मा से ना कहना नही तो वह मारेगी,

देवा - तो फिर चल अपनी स्कर्ट हटा कर मुझे भी अपनी चूत दिखा और फिर उस देवा उसके चुतड़ों के बल वही बैठा दिया और झट से उसकी स्कर्ट पकड़ कर उपर कर दी, अपनी बहन की फूली हुई गुलाबी फांको वाली चूत देख कर देवा का लंड लोहे जैसा तन गया,

देवा - थोड़ा अपने चेहरे पर गुस्से के भाव लाता हुआ, थोड़ा अपनी जाँघो को और फैला

रमिया ने देवा की बात सुन कर अपनी जाँघो को और चौड़ा कर लिया और उसकी चूत का गुलाबी लपलपता छेद देखा कर देवा का लंड झटके मारने लगा, देवा ने धीरे से अपने हाथ को रमिया की रसीली फूली हुई चूत पर फेरते हुए,

देवा - रमिया तेरी चूत तो बहुत फूली हुई है

रमिया-देवा के खड़े विकराल लंड को बड़ी हसरत भरी निगाहो से देख रही थी और देवा अपनी बहन की चूत की फांको को अपने हाथो से फैला-फैला कर देख रहा था, रमिया की चूत मे बहुत मस्ती चढ़ने लगी थी और उसे अपने भैया के हाथो से धीरे-धीरे अपनी चूत कुरेद वाना बहुत अच्छा लग रहा था,

तभी देवा ने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ कर देखते हुए, अरे रमिया मेरा लंड तो तेरी चूत को देख कर बहुत गरम हो रहा है ज़रा पकड़ कर देख और फिर देवा ने रमिया का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया, रमिया डरते हुए धीरे-धीरे देवा के लंड को सहलाने लगी और देवा ने रमिया की फूली हुई चूत को दुलारना शुरू कर दिया, कुछ देर तक देवा
अपनी बहन से अपने लंड को सहलवाता रहा फिर देवा ने उससे कहा चल खाट पर आराम से बैठ कर बाते करते है और उसका हाथ पकड़ कर खाट पर लाकर बैठा देता है, देवा उससे चिपक कर लेट जाता है,

देवा - रमिया तुझे अच्छा लग रहा है

रमिया- हाँ भैया

देवा - तेरी चूत सहलाऊ

रमिया- उसकी बात का कोई जवाब नही देती है और देवा उसकी चूत को धीरे-धीरे सहलाने लगता है और उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर जैसे ही रखता है रमिया कस कर अपने भैया का मोटा लंड अपने हाथो मे पकड़ लेती है,

देवा - रमिया के होंठो को चूमता हुआ, अच्छा यह बता रमिया अभी तू जब घर से आई थी तब मा और दीदी दोनो पूरी नंगी होकर नहा रही थी क्या,

रमिया- नही भैया दोनो ने पेटिकोट पहन रखा था, देवा अच्छा तो मा और दीदी के दूध तो पूरे नंगे रहे होंगे ना

रमिया-हाँ भैया दोनो के दूध पूरे नंगे थे,

देवा -अच्छा मा के दूध ज़्यादा बड़े है कि दीदी के

रमिया- बड़े तो दोनो के है पर मा के कुछ ज़्यादा मोटे-मोटे है,

देवा -अच्छा क्या त

तेरे दूध भी मा और दीदी के दूध के बराबर है,

रमिया- अपने दूध को देख कर नही भैया मेरे तो छ्होटे है

देवा - अपनी ललचाई नज़रो से रमिया की कसी हुई चुचियो को देख कर, पर मुझे तो तेरे दूध मा और दीदी से भी बड़े नज़र आ रहे है

रमिया- नही भैया छ्होटे है चाहो तो खोल कर देख लो

देवा-अच्छा दिखा और फिर देवा रमिया के शर्ट के बतनो जल्दी-जल्दी खोल देता है और जब वह अपनी बहन के मोटे-मोटे बिल्कुल ठोस कसे हुए दूध को अपने हाथो मे भर कर कस कर मसलता है तो उसे मज़ा आ जाता है और रमिया एक मीठे से दर्द के मारे सिहर जाती है,

तभी अचानक उन्हे गन्ने की सरसराहट की आवाज़ आती है तो दोनो अलग हो जाते है और रमिया उठ कर खड़ी होकर देखने लगती है तभी सामने से हरिया काका चला आ रहा था, रमिया मटकती हुई झोपड़ी की ओर चल देती है और देवा खड़ा होकर, अरे आओ हरिया काका

हरिया- और बेटा क्या हो रहा है, अरे बैठा-बैठा बोर हो रहा था सोचा चलो देवा के पास ही चल कर बैठेंगे,

देवा -अच्छा किया काका जो आ गये और बताओ आज चिलम नही लगाए हो का

हरिया अरे बेटा चिलम लगाए होते तो अब तक तो हमारा हथियार लूँगी मे ही खड़ा होता

देवा -मुस्कुराते हुए, तो काका अगर चिलम लगा लो तो हथियार ज़्यादा खड़ा होता है का

हरिया- बेटा ये तो हम नही जानते पर हाँ इतना ज़रूर है कि जब हम चिलम लगा लेते है तो हमे चोदने का बड़ा मन करने लगता है

देवा - अभी लिए हो का काका

हरिया- का चिलम

देवा - हा

हरिया- अरे वो तो हम हमेशा साथ लेकर ही चलते है, पर लगता है आज तुम्हारा मन भी इसे पीने का कर रहा है

देवा - हाँ काका आज हमे भी पिला दो

हरिया- ठीक है बेटवा अभी पिला देते है और फिर हरिया काका चिलम तैयार करके देवा को देता है और देवा कस मारना शुरू कर देता है, दोनो चिलम पी कर मस्त हो जाते है और फिर

तभी उधर से रमिया पानी लेकर आती है जब वह पानी पिला कर जाने लगती है तो उसके मटकते मोटे-मोटे चुतड़ों को अपनी लाल आँखो से घूरते हुए हरिया कहता है देवा बेटा अब तुम्हारी बहना भी बड़ी लोंड़िया नज़र आने लगी है, तुम तो बेकार ही यहाँ वहाँ परेशान हो रहे हो ज़रा आस पास नज़र डालो तो तुम्हे बड़ी मस्त-मस्त लोंड़िया मिल जाए चोदने के लिए,

देवा - अपनी बहन की गदराई जवानी को देख कर हरिया को देखता हुआ, पर काका हम किसे चोदे

हरिया- अरे तुम्हारी यह रमिया है ना बड़ी मस्त लोंड़िया लग रही है, मेरा कहा मानो तुम दिन भर इसे लेकर यही गन्नो के बीच रहते हो, बड़ा अच्छा मोका है तुम्हारे पास यही लोंड़िया को खूब कस-कस कर पेलो, तुम्हारे तो मज़े हो जाएगे

देवा - पर काका वो तो हमारी बहन है,

हरिया- अरे तुम बहन की बात करते हो हमने तो अपनी 16 साल की लोंड़िया की मस्त पेलाई की है.

देवा - क्या बात कर रहे हो काका

हरिया- अपने लंड को मसल्ते हुए, अरे हम सच कह रहे है और ऐसी कुँवारी लोंड़िया की गुलाबी चूत मे जब अपना लंड पेलते है ना तो बड़ा मज़ा आता है, जब तुम अपनी रमिया की गुलाबी चूत देखोगे ना तो उसकी चूत को चूसे बिना नही रह पाओगे,

हरिया- और फिर तुम्हारे घर मे तो बहुत माल है, तुम्हारी बड़ी बहन भी मस्त चोदने लायक हो गई है राजा मोका अच्छा है दोनो लोंड़िया अभी कुँवारी है किसी भी तरह दोनो लोंदियो को चोद डाल,

देवा - काका तुम्हे अपनी बेटी चंदा को चोदने मे बहुत मज़ा आया था,

हरिया- अब क्या बताऊ देवा बहुत चिकनी और गुलाबी चूत है उसकी जब उसकी जंघे फैला कर उसकी रस से भरी फूली चूत देखता हू तो पागल हो जाता हू जी भर कर अपनी लोंड़िया की चूत चूस्ता हू और फिर खूब कस-कस कर उसकी चूत को अपने मोटे लंड से चोद्ता हू, सच मे उसकी कसी चूत मे इतना कसा-कसा जाता है मेरा लंड कि क्या बताऊ,

देवा - चंदा भी खूब कस्के लिपटती होगी आप से

हरिया- अरे उसे तो हमने अपनी गोद मे उठा कर उसे अपने लंड पर बैठा लिया था और वह हमारी छाती से चिपकी हुई अपने चूतड़ हमारे लंड की ओर धकेल रही थी,

देवा - पर काका हम रमिया को चोदने के लिए कहे कैसे,

हरिया- अरे रमिया को प्यार से अपनी गोद मे बैठा ले और फिर उसकी दोनो चुचियो को धीरे-धीरे सहलाते हुए कभी उसके गालो को चूम कभी उसके होंठो को चूम ले और बीच-बीच मे उसकी मोटी कसी हुई छातीयो को कस कर दबा दे और फिर उससे पुंछ कैसा लग रहा है रमिया और फिर जहाँ तू उसे थोड़ा गरम कर देगा वह खुद ही अपनी चूत तेरे सामने खोलने लगेगी, चल बेटवा अब हम चलते है हमारी लोंड़िया हमारा इंतजार कर रही होगी और फिर हरिया वहाँ से चला जाता है उसके जाने के बाद देवा वहाँ से खड़ा होकर रमिया के पास जाकर खड़ा हो जाता है,

देवा - रमिया का हाथ पकड़ कर सहलाते हुए तू यहाँ क्यो खड़ी है चल वहाँ बैठेंगे और फिर रमिया का हाथ पकड़ कर खाट के पास लेजता है और उसे अपनी गोद मे बैठा लेता है,

देवा - उसके गालो को चूमता हुआ मेरी गुड़िया रानी इतनी गर्मी मे तू यह शर्ट अपने सीने पर कैसे कसे रहती है मुझे देख मे केवल अपनी धोती पहने कैसे खुला हवा लेता हू ला तेरी यह शर्ट के बटनो खोल देता हू कुछ हवा लग जाए और फिर
देवा ने रमिया के बटन खोलने शुरू किए

रमिया- कसमसाते हुए भैया कहाँ गर्मी लग रही है

देवा - अरे इन्हे हवा लगाना बहुत ज़रूरी है तूने देखा नही मा और दीदी कैसे खोल कर नहा रही थी तू तो पागल है मेरी गुड़िया कुछ भी नही समझती इनकी तो मालिश भी करना पड़ती है नही तो इनमे दर्द रहता है और फिर रामू उसकी शर्ट के बॅटन खोलने के बाद उसके मोटे पके हुए बड़े-बड़े कलमी आमो की तरह तने हुए चुचो को अपने हाथो मे भर कर जब कस कर मसलता है तो रमिया कराह उठती है,

रमिया- आह भैया बड़ा दर्द हो रहा है

देवा - मे ना कहता था इनमे दर्द रहेगा, इसी लिए तो कह रहा हू इनको हवा लगने दो और मे इनकी आज अच्छे से मालिश कर देता हू तो तेरा दर्द बिल्कुल ख़तम हो जाएगा,

देवा - तू एक काम कर मेरी तरफ मुँह करके अपने पेर मेरे आस पास करके आराम से बैठ जा मे तेरी अच्छे से मालिश कर देता हू, रमिया अपने भैया की गोद मे जैसे ही बैठती है उसकी गान्ड मे अपने भैया का मोटा लंड चुभने लगता है पर वह एक दम से बैठ जाती है और देवा उसके भारी चुतड़ों को पकड़ कर अपनी और दबा लेता है, अब देवा अपने हाथो से अपनी बहन के मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर मसल्ने लगता है और रमिया आह आह करती हुई अपने भैया से चिपकने की कोशिश करने लगती है,

देवा रमिया के रसीले होंठो को चूमता हुआ उसके दूध पागलो की तरह मसल्ने लगता है और रमिया उसकी बाँहो मे तड़पने लगती है.

रमिया- आह भैया धीरे दबाओ ना तुम तो दर्द मिटाने की बजाय दर्द दे रहे हो,

देवा - रमिया के होंठो को चूम कर मेरी गुड़िया रानी आज मे तुझे बहुत मीठा-मीठा दर्द दूँगा,

रमिया- उसकी गोद से अपनी गान्ड उठाते हुए अपने हाथो से देवा का मोटा लंड उसकी धोती से बाहर निकाल कर, भैया ये मुझे चुभ रहा है,

देवा - मेरी बहना यह तेरे भैया का गन्ना है इसे चूसा भी जाता है,

रमिया- मुस्कुरकर इसे कैसे चूसा जाता होगा भैया,

देवा - अरे तू नही जानती सब औरते सभी आदमियो का गन्ना बड़े प्यार से चाट-चाट कर चुस्ती है, ले तू भी इसे अपनी जीभ से चूस कर देख,

रमिया- नही भैया मे नही चुसुन्गि मुझे अच्छा नही लगता है

देवा - मेरी प्यारी बहना एक बार चूस कर देख फिर मे तेरे लिए सुंदर सी पायल ला कर दूँगा,

रमिया- खुश होते हुए सच कह रहे हो,

देवा - धीरे से उसकी फूली हुई चूत पर अपना हाथ रख कर मेरी रानी अब चूस भी ले और फिर देवा अपने लंड को रमिया के मुँह मे दे कर उसकी चूत के गुलाबी रस से भरे हुए छेद मे धीरे से एक उंगी डाल कर अपनी बहन की कुँवारी चूत को सहलाने लगता है, रमिया को अपने भाई के लंड को चाटने और चूसने मे मज़ा आने लगता है और वह अपने भाई के लंड को अपने हाथो मे भर कर खूब दबोच-दबोच कर चूसने लगती है,
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देवा से रहा नही जाता है और वह खटिया मे लेट कर रमिया की मोटी गान्ड को पकड़ कर अपने मुँह की ओर खींच लेता है और उसे अपनी छाती मे चढ़ा कर उसके चुतड़ों और चूत की फांको को खूब ज़ोर से फैला कर अपनी बहन की रसीली चूत को खूब ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगता है वही रमिया अपने भाई के पेट पर लेटते हुए उसके मोटे लंड को फिर से अपने मुँह मे भर लेती है ,
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देवा अपनी बहन रमिया की कच्ची कुँवारी चूत और गान्ड को अपने मुँह से चाटने लगता है और उसकी चूत के रस को पीने लगता है,

रमिया- हे भैया ये क्या कर रहे हो बहुत अच्छा लग रहा है सी आह सी ओह मा मे मर गई, कुछ देर तक देवा अपनी बहन की चूत को चाटते हुए पूरी लाल कर देता है उसकी चूत मे बहुत मीठी-मीठी उठती चुदास उसे पागल बना रही थी,देवा ने जैसे ही उसकी चूत के लपलपते छेद मे अपनी जीभ डाल कर कस कर चूसा तो रमिया तड़प उठी और अपनी गान्ड मतकाते हुए अपने भैया का लंड अपने हाथो से खूब कस-कस कर मसल्ने लगी,

देवा ने रमिया की जाँघो को बड़े प्यार से सहलाते हुए उसे अपनी जाँघो पर चढ़ा लिया और फिर अपने लंड पर खूब सारा तेल लगाकर उसने रमिया की कुँवारी चूत के लाल हो चुके छेद मे अपना लंड रख कर एक ज़ोर का झटका मार दिया और रमिया के मुँह से एक दबी हुई चीख निकल गई,देवा
का पूरा लंड डंडे की तरह तना हुआ आधे से ज़्यादा रमिया के चूत मे फसा था और रमिया अपनी आँखे बंद किए कराहती रहती है,
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आह भैया बहुत दर्द कर रहा है,

देवा - थोड़ा सा दर्द होगा फिर देखना तू खुद कहेगी कि भैया और चोदो मुझे, और फिर देवा एक दूसरा धक्का ज़ोर से मार कर अपने बचे हुए पूरे लंड को अपनी बहन की चूत मे उतार देता है और फिर खूब कस-कस कर रमिया के कसे हुए आमो को दबा-दबा कर उसके होंठो का रसीला रस पीने लगता है, रमिया आह-आह करती हुई अपने चुतड़ों को धीरे-धीरे अपनी भाई के लंड पर मारने लगती है, देवा अब खूब कस-कस कर रमिया को चोद रहा था,

कुछ देर बाद देवा ने रमिया को अपनी गोद मे बैठा कर उसे अपने लंड पर खड़ा होकर उठा लिया और जब वह रमिया के गोरे-गोरे चुतड़ों को थामे अपने लंड को उसकी चूत की जड़ मे पेल रहा था तो रमिया उसे पागलो की तरह चूमने लगी थी, हे भैया बहुत मज़ा आ रहा है और चोदो खूब कस कर चोदो अपनी बहन को, ओह भैया मे मर जाउन्गि और मारो खूब मारो भैया,

देवा ने रमिया को अपने लंड मे बैठाए-बैठाए खूब कस-कस कर उसकी चूत मार-मार कर लाल कर दिया और फिर रमिया का बदन एक दम से अकड़ गया और उसकी चूत का पूरा पानी अपने भैया के गोद मे चढ़े-चढ़े ही निकल गया
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देवा ने रमिया को अपने लंड पर खूब ज़ोर से कस लिया और अपने लंड के पानी की एक जोरदार पिचकारी रमिया की चूत मे मार दी, देवा ने रमिया को अपनी गोद मे उठाए हुए खेत के ट्यूब्वेल के पानी से उसके हाथ पेर और चूत को अच्छी तरह धोकर साफ किया जब रमिया की चूत धोने के बाद कुछ लाल रंग की लाली लिए चमकने लगी तो देवा ने रमिया को देख कर पूंच्छा

देवा - रमिया तेरी चूत और चुसू तुझे अच्छा लगा ना

रमिया- हा भैया मुझे बहुत अच्छा लगेगा और मुस्कुराते हुए अगर तुम्हारा मन कर रहा है तो चाट लो

फिर क्या था देवा ने वही उसकी टाँगो को खूब चौड़ा करके उसकी चूत को पागलो की तरह चाटना शुरू कर दिया,

देवा - रमिया अब तू जब भी खाना लेकर खेत मे आएगी मे रोज तुझे यही अच्छे से चोदुन्गा,

रमिया- मुस्कुराते हुए भैया तुम मेरी चूत बहुत अच्छी चूस्ते हो,

देवा - अब मे रोज तेरी चूत इसी तरह चाटूँगा,

उसके बाद शाम को देवा रमिया को अपनी बाँहो मे समेट कर अपने घर की ओर चल देता है,
 
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दो classic कहानियो को मिला कर मुरब्बा बना दिया है
 
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