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Bahot badhiya update bhai
Vinod ko kaam lagwa dia or BM ke rishtedar ko gher dilwa hi samjho ab jab Renuka dekhegi Ajay ko yaha dekhegi tab kia reaction aata h dekhna dilchasp hoga
Shaandar update bhai
Naik Bhai for awesome review.
Thanks Alok BhaiAwesome update Thakur bhai..
Thanks Shahrukh BhaiAwesome and fantastic update bhai keep posting it
Ab update padhane ki jarurat hi nahi hey Jakeस्टोरी फ्लैशबैक से वापस वर्तमान मे आ गया है। लेकिन अब तक समझ मे नही आ रहा है कि करीब सौ साल से भी पहले उस घटना का इस कहानी के साथ क्या सम्बन्ध है !
अमर के उम्र के लड़के इस उम्र मे लड़कियों के आगे पीछे चक्कर काटते रहते है , उन्हे पटाने की कोशिश करते है , उनके साथ फ्लर्ट करते है लेकिन यह लड़का तो उन सब लड़कों से पुरी तरह ही भिन्न है। सब समय इनसे कन्नी काटने के फेर मे रहता है। ऐसा प्रतीत होता है यह अच्छे संस्कारों का बोझ वहन कर रहा है।
पर थिएटर मे जो कुछ हुआ , बहुत मस्त था। कॉमेडी के अंदाज मे बेहतरीन तरीके से पेश किया हुआ था।
अतीत मे अजय के साथ कुछ खास चीजें हुई थी जिसकी वजह से वो बाहर की लड़कियों के साथ सहज महसूस नही करता। इस पास्ट पर से पर्दा उठाइए ताकि हमे सच्चाई मालूम हो सके।
और स्टोरी के प्रारम्भ होते ही कहा था कि शहर 1 ,2 के बदले शहर का नाम रखिए। स्टोरी के इतने अपडेट आने के बाद अब शहर के नाम का जिक्र तो बनता है।
विनोद को बैंक मे काम दिलाकर कहीं अपने लिए बखेड़ा तो नही खड़ा कर लिया अजय ठाकुर ने ! क्योंकि विनोद का अतीत कोई साफ-सुथरा नही था।
अश्विनी का किरदार एक मस्त और बिंदास लड़की के रूप लिए हुए है। और इस रोल्स मे वो अच्छी भी लग रही है।
देखते है , इसके तकदीर मे अजय ठाकुर है या कोई और !
रेनूका , भले ही कुछ समय के लिए ही इस कहानी मे दिखी है पर, उतने समय तक अपनी उपस्थिती अच्छी तरह दर्शा कर गई है।
बहुत ही बेहतरीन और खुबसूरत अपडेट ठाकुर साहब।
आउटस्टैंडिंग।
Story ka past aane Wale future ki niv rakhega isliye uski jhalak jaruri thi .स्टोरी फ्लैशबैक से वापस वर्तमान मे आ गया है। लेकिन अब तक समझ मे नही आ रहा है कि करीब सौ साल से भी पहले उस घटना का इस कहानी के साथ क्या सम्बन्ध है !
अमर के उम्र के लड़के इस उम्र मे लड़कियों के आगे पीछे चक्कर काटते रहते है , उन्हे पटाने की कोशिश करते है , उनके साथ फ्लर्ट करते है लेकिन यह लड़का तो उन सब लड़कों से पुरी तरह ही भिन्न है। सब समय इनसे कन्नी काटने के फेर मे रहता है। ऐसा प्रतीत होता है यह अच्छे संस्कारों का बोझ वहन कर रहा है।
पर थिएटर मे जो कुछ हुआ , बहुत मस्त था। कॉमेडी के अंदाज मे बेहतरीन तरीके से पेश किया हुआ था।
अतीत मे अजय के साथ कुछ खास चीजें हुई थी जिसकी वजह से वो बाहर की लड़कियों के साथ सहज महसूस नही करता। इस पास्ट पर से पर्दा उठाइए ताकि हमे सच्चाई मालूम हो सके।
और स्टोरी के प्रारम्भ होते ही कहा था कि शहर 1 ,2 के बदले शहर का नाम रखिए। स्टोरी के इतने अपडेट आने के बाद अब शहर के नाम का जिक्र तो बनता है।
विनोद को बैंक मे काम दिलाकर कहीं अपने लिए बखेड़ा तो नही खड़ा कर लिया अजय ठाकुर ने ! क्योंकि विनोद का अतीत कोई साफ-सुथरा नही था।
अश्विनी का किरदार एक मस्त और बिंदास लड़की के रूप लिए हुए है। और इस रोल्स मे वो अच्छी भी लग रही है।
देखते है , इसके तकदीर मे अजय ठाकुर है या कोई और !
रेनूका , भले ही कुछ समय के लिए ही इस कहानी मे दिखी है पर, उतने समय तक अपनी उपस्थिती अच्छी तरह दर्शा कर गई है।
बहुत ही बेहतरीन और खुबसूरत अपडेट ठाकुर साहब।
आउटस्टैंडिंग।
ise muze story ki approach ko aage kaise le jaana he iska pata chalega.Padhle ,maja na aaya to paisa paratAb update padhane ki jarurat hi nahi hey Jake![]()
