• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest अम्मी vs मेरी फैंटेसी दुनिया

क्या आप इस इरोटिक कहानी को आगे बढ़ाया जाए ?

  • हा , शानू और अम्मी की कहानी आगे बढ़ाई जाए

  • नहीं, दूसरी नई कहानी लिखी जाए


Results are only viewable after voting.

Napster

Well-Known Member
7,483
19,616
188
UPDATE 34


अम्मी का लाडला

दोपहर चढ़ रही थी और मै रेडी होकर नीचे उतर आया
हाल से ही अम्मी को आवाज दी : अम्मी चलो मैं आ गया
अम्मी : हा आई बेटा बस एक मिनट
"एक मिनट ? लेकिन अम्मी तो पहले ही तैयार थी तो क्या कर रही है ।
मैने लपक कर अंदर कमरे में झांका तो देखा अम्मी बिस्तर पर हेडबोर्ड के सहारे तैयार होकर लेती है एक पैर फैला आकर दूसरी फोल्ड करके और मोबाइल पर कुछ कर रही है ।


GIF-20250906-184628-501
अब तो मेरी बेचैनी तब भी बढ़ जाती और उस अनजान शख्स को लेकर मेरी तकलीफ बढ़ जाती जब भी अम्मी मोबाइल में बिजी होती ।
तभी मेरी नजर नीचे गई और मेरी आँखें फैल गई , अम्मी ने बुरखे के नीचे कुछ भी पहना था गोरी दूधिया टांगे जांघों तक साफ झलक रही थी ।लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था ऐसा क्यों ? अम्मी ने पहले तो ऐसा नहीं किया कभी ।

तभी उनकी नजर मुझ पर पड़ी और वो मोबाइल बन्द करती हुई झट से खड़ी हो गई : आ गया तू चल चलते है
मै बहुत ही उलझा हुआ महसूस करने लगा , अम्मी के साथ शॉपिंग पर जाने का रोमांच उसपर से अम्मी बुर्के में बिना कपड़ो के , पता नहीं उन्होंने ब्रा पैंटी भी डाली है या नहीं ।

मै बिना कुछ बोले बाहर आ गया और ने घर बंद करके गलियों से होकर निकल गए आगे । अम्मी ने मोबाइल अपने पर्स में रखा था और मुझे किसी तरह वो मोबाइल चाहिए था । लेकिन कैसे, उसपर से आज अम्मी को निहारने वाले कुछ ज्यादा ही देर रहे थे

मगर अम्मी को फर्क नहीं था ।

फिर हम लोग मार्केट में आ गए और बस अड्डे तक जाने के लिए ऑटो लेनी थी , धूप तेज थी तो अम्मी ने लपक कर एक ऑटो पकड़ी । मै उनके पीछे था और जैसे ही वो ऑटो में चढ़ने के लिए आगे झुकी , पीछे से उनका बड़ा सा पिछवाड़ा बुर्के में ऐसा फैला कि बुर्के के कपड़े में फैलाव हुआ और मुझे साफ साफ अम्मी के मोटे चूतड़ों की दरारों की झलक भी


IMG-20250401-WA0053
मेरी आँखें सन्न हो गई एक पल को ये देख कर कि अम्मी नीचे से कुछ नहीं पहनी है ।
मेरी बेचैनी बढ़ने लगी , मै अम्मी के बगल में बैठ गया और वो ऑटो वाला दूसरी स्वारी बुला रहा था
मैं धीरे से : अम्मी ये क्या , आप अंदर कुछ पहने क्यों नहीं
अम्मी ने मुझे देखा और मुस्कुराने लगी : कपड़े खरीदने ही तो जा रही हूं
अम्मी को मजा आ रहा था मुझे परेशान करके ।

तभी कुछ देर में अम्मी का फोन बजने लगा वो अब्बू का था । वो परेशान दिख रहे थे ।
अम्मी ने फोन उठा और मुस्कुरा कर : हम्ममम कहिए शानू के अब्बू
उधर से कुछ हल्की आवाज आ रही थी अब्बू हड़बड़ाए नजर आ रहे थे ।
अम्मी मुस्कुराकर : नहीं आप परेशान न हो , शानू है मेरे साथ , जी
फिर कुछ देर चुप्पी और अम्मी बोली : सब तो दिखाया आपको , बाकी जो नहीं है खरीद लूंगी ।

फिर अम्मी ने फोन काट दिया और मैने मोबाइल स्क्रीन पर देखा व्हाट्सअप का मैसेज के नोटिफिकेशन दिखे , इससे पहले मै उन्हें अच्छे से देख पाता , अम्मी फुर्ती से उसे स्वैप करके मोबाइल वापस पर्स में रखते: हो गए परेशान
मै मुस्कुराया : क्या लगता है , आ जाएंगे आज रात तक
अम्मी बड़े विश्वास से मुस्कुराई : तेरी अम्मी के पास बहुत तरीके है देखता जा तू बस
फिर हम लोग निकल पड़े सवारी फूल हो गई और मै अम्मी से चिपक कर बैठा था , अम्मी का गुदाज बदन मुझे गुदगुदा रहा था , बिना कपड़ो के अम्मी के बदन की नरमी महसूस हो रही थी ।
हंसते मुस्कुराते बाते करते हुए हम लखनऊ में एक बड़े मॉल में गए ।

शुरुआत मेरे लिए कपड़े खरीदने से हुई और इधर कुछ ही देर में अम्मी का फोन बजने लगा ।
अम्मी मुझे कुछ परेशान दिखी और मैने पूछा तो कहने लगी: तेरे अब्बू तड़प रहे है अब
मै मुस्कुराया , मेरा लंड अम्मी के साथ होने से ही उठने लगा था ।
लेकिन मोबाईल फिर बजने लगा
अम्मी : तू कपड़े देख मै वाशरूम से आती हूं
मेरे भीतर की बेचैनी कुछ और ही बयान कर रही थी क्योंकि अगर अब्बू ने फोन किया होता तो अम्मी सीधा उनसे बात करती लेकिन मेरा मन कुछ और भी कल्पनाओं के एक चेहरा बुन रहा था । एक डर जो मुझे बेचैन कर देता , फिर से वही अहसास । पेट के अजीब सी मचलन , माथे पर पसीने आना , गला सूखना और दिल जैसे कांप रहा हो धड़कने में । एक खालीपन सा महसूस होने लगा ।
अम्मी ने जैसे भाप लिया हो मुझे और वो झट से अपनी बात बदलती हुई मुस्कुरा कर : जा रही हूं 10 मिनट में आती हूं, थोड़ा तेरे अब्बू को स्नैप भी भेज दूंगी और मजा आएगा हिहीही

मै फीकी मुस्कुराहट से उन्हें देखा और सहमति दे दी और अपने लिए कपड़े देखने लगा , अम्मी को भी पता था कि मै पीछा करूंगा इसलिए वो सीधे बाथरूम की ओर निकल गई और मै जानबूझ कर ऐसी जगह चला कपड़ो के सेक्शन में कि अम्मी घूम कर देखे भी तो मै न दिखूं
फिर मैने झुक कर नीचे हुए दबे पांव कपड़ो के बीच से उन्हें बाथरूम की हो ओर लॉबी में देखा । एक झटके से वो घूम कर उस दुकान की ओर उन्होंने देखा जिसमें मै रुका था और तेजी से बाथरूम से दूसरी ओर घूम गई , मोबाइल को कान पर लगाती हुई ।
मेरी अंदर से सुलग गई , मै तेजी से दुकान से निकल कर उस ओर बढ़ गया । लॉबी के पहले ही रुक कर उस तरफ देखा तो वहा छोटे बच्चों की दुकानें थी ।
जिनकी संख्या 20 से ज्यादा थी मैं तेजी से एक दुकान देख रहा था कि मुझे अम्मी की झलक एक दुकान में मिली जो एक तरफ जा रही थी और फिर स्टाफरूम में घुस गई ।
मेरी हालत खराब होने लगी और मै भी सीधा उस दुकान में घुस गया और कपड़े देखता हुआ दूसरी ओर स्टाफरूम वाले दरवाजे के पास पहुंचा । इधर उधर टहलता और नजर रखता हुआ और हल्का सा दरवाजा खोला तो आंखे फटी की फटी रह गई ।
स्टाफ रूम में एक कॉर्नर पर बड़ी सी लोहे की अलमारी के ओट में अम्मी खड़ी थी , दो बड़े बड़े पंजों ने उनके बुरखे को उठा कर उनके चौड़े चूतड़ों को नंगा करके मसल रहे थे और अम्मी का सर भी उस आलमारी की ओट में था , पहले डॉ अंकल और अब ये नया कोई था जिसने अम्मी के भड़कीले बदन को मसल रहा था
और तभी अम्मी की सिसकिया आने लगी : उम्ममम सीईईई ओह्ह्ह
अम्मी की सिसकियों में न जाने क्या जादू था एक पल में मेरा लंड अकड़ गया । जिस तरह से उस आदमी ने आपकी की पीठ से पकड़ कर उन्हें अपनी ओर खींच रखा था साफ पता चल रहा था कि वो अम्मी के दूध चूस रहा था ।
अम्मी हांफती हुई : बस रुको , रुक जाओ , मुझे जाना होगा शानू को छोड़ कर आई हूं
फिर एक हल्की सी फुसफुसाहट और अम्मी ने कुछ कहा ।
मै गुस्से से झनक कर बाहर चला गया , एक अजीब सा खालीपन महसूस हो रहा था मुझे । जैसे आज मैने क्या खो दिया हो और मैं वापस उसी दुकान में आ गया ।
कुछ देर में अम्मी वापस आई और ऐसे मिली जैसे सब नॉर्मल हो ।
अम्मी : हिहीही ,उनकी तो हालत बिगड़ गई है
मैने जबरन फीकी मुस्कुराहट लाया
अम्मी : क्या हुआ
मै : कुछ नहीं , मेरा हो गया आपको कुछ लेना है
अम्मी हंसते हुए : हा भाई मुझे तो लेना ही है ( मेरे करीब आकर फुसफुसाती हुई ) सबसे जरूरी है कच्छी लेनी पड़ेगी बार बार फंस जा रही है अन्दर
अम्मी के कहे अल्फाज़ छवियों के तरह मेरे आंखों के उभर रहे थे और मेरी हंसी भी छुटी जिस तरह से वो बोली ।
फिर हम लोग लेडीज दुकानों की ओर बढ़ गए । अम्मी ने कपड़े देखे और फिर अंडर गारमेंट सेक्शन , इस दुकान पर पहले भी मै आ चुका था लेकिन आज बात कुछ और थी ।
वो औरत बड़ी फ्रेंडली अम्मी से मिल रही थी आज , मै भी थोड़ा कंफर्टेबल महसूस कर रहा था ।
अम्मी ने 48 साइज की पैंटी मांगी और उस औरत दी , अम्मी ने ट्राई करने को कहा और वो औरत ने उन्हें ट्रायल रूम की ओर दिखाया ।

अम्मी झट से चली गई
अम्मी के जाते ही मेरी नजर उनके बैग पर गई , झट से मैने अपना मोबाइल निकाला । सामने देखा तो वो औरत ट्रायल रूम की ओर देखे जा रही थी ।
मैंने झट से मोबाइल खोला और व्हाट्सएप खोला ,उसके नगमा2 को मैसेज भेजे गए थे ।
मेरी सांसे चढ़ने लगी और मै एक ओर हो गया मोबाइल लेकर , छिपकर मैसेज पढ़ने लगा ।

" kaha ho " (आखिर के मैसेज थे जो दूसरी तरफ से थे और काफी ज्यादा वॉयस मिसकाल की गई थी )


और ऊपर के वीडियो काल हुई थी
और स्क्रॉल किया तो एक वीडियो दिखाई दी जो अम्मी ने भेजी थी ।
छिप कर मैने जैसे ही वो वीडियो पले किया मेरा लंड गया ,


GIF-20250906-185511-602
अम्मी एक वीडियो बना कर उस नंबर पर भेजा था और वो उस वीडियो में अपना बुर्का खोल कर दिखा रही थी थोड़ा गुनगुना थिरक रही थी अपने बड़ेबड़े चूचे ब्रा में हिलाते हुए , नीचे एकदम से नंगी ।

16 sec का वो वीडियो खत्म हुआ और मेरी सांसे चढ़ने लगी , इतनी ही थी आज की चैटिंग
मैने वापस अब्बू का चैट खोला तो उन्हें भी सेम यही वीडियो भेजा था और अब्बू के वॉइस मैसेज आए थे । वाइव मिसकाल आई थी । और आखिरी में एक सेल्फी थी जो अम्मी ने अपनी नरम फूली हुई बुर की ली थी ।


IMG-20250731-WA0039
इसका मतलब था कि उस स्टाफ रूम से निकल कर अम्मी बाथरूम गई थी ।
लेकिन मै समझ गया कि जो कोई भी ये है । ये और वो स्टाफ रूम में दोनों एक ही है ।
तभी मुझे अम्मी की आवाज आई
अम्मी : शानू मेरा पर्स देना ।
दुकान में दूसरे कस्टमर थे तो उस औरत ने मुझे पीछे जाने दिया ।
मै उधर गया और अम्मी : मोबाइल देना जरा , तेरे अब्बू को दिखाऊं कलर कैसा है ।
अम्मी : एक काम कर वही खड़े होकर निकाल दे एक फोटो
और अगले पल अम्मी ने ट्रायल रूम के खुले दरवाजे के अंदर घूम कर अपनी बड़ी सी हौद जैसी गाड़ को मेरी ओर उठा कर अपना बुर्का उठा दिया , एक चटक लाल रंग की पैंटी उनके बड़े चौड़े चूतड़ों पर कसी थी । देखते ही मेरी आँखें चमक उठी, एक बार मैने बाहर देखा और फिर झट से एक फोटो निकाली और अम्मी को मोबाइल दे दिया


IMG-20250401-WA0057
अम्मी : कैसी लग रही है
मेरा लंड अकड़ गया था और जी कर रहा था कि अभी उनकी चूत उस पैंटी के ऊपर से चाट कर बताऊं कि कैसी लग रही है वो इसमें : घर चलो बताता हूं
अम्मी ने आंखे बड़ी कर मुझे घूरा और मुस्कुराने लगी और मैने चप्प से अपना पंजा उनके चूतड़ पर जमा दिया और वो चिंहुक गई : धत्त पागल क्या करता है , जा अब
मेरे मन बस यही ख्याल आ रहे थे कि
कास अम्मी के साथ पब्लिक प्लेस में भी कोई मोमेंट कर पाता , मगर फिर दिल में टीस भी थी , कि अम्मी ने मुझसे बात छुपाई और फिर अम्मी ने कुछ समान लिया और हम निकल गए घर के लिए।

रास्ते में भी अम्मी खुश नजर आ रही थी, लेकिन मैं अब भीड़ का हिस्सा था और मेरे जहन में वो स्टाफ रूम में हुई हरकते आ रही थी । अजीब सी बेचैनी , ना जाने कब से मै अम्मी को लेकर इतना पोजेसिव होने लगा और अब मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था । दिमाग में वही बातें घूम रही थी , वो पल याद आ रहे थे जब मै अम्मी के सीने से लगा था और वो बोली थी कि अब वो कुछ भी मुझसे नहीं छिपाएंगी ।
हम घर पहुंचे और अब्बू का फोन बजने लगा , अम्मी उनसे बाते करते हुए कमरे में चली गई और फिर वीडियो काल पर उनकी बाते चलने लगी ।
मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था और मैं चुप चाप उखड़े मन से अपने कमरे में चला आया ।

बेड पर कोई बिस्तर भी नहीं था और मै बस ऐसे ही लेता हुआ था कि कुछ देर बाद अम्मी वैसे ही कमरे में आई ।
अभी तक उन्होंने बुर्का तक नहीं उतारा था , उन्हें भनक हो गई थी कि जरूर मुझे किसी बात का बुरा लगा है ।
अम्मी मेरी ओर बढ़ती हुई : शानू , बेटा क्या हुआ
मै कुछ देर चुप रहा और बिस्तर के किनारे बैठ गया और मन मेरा आज मानो किसी विद्रोह से भर गया हो । इतनी असहनीय पीड़ा से , बस किसी तरह मुझे उस बेचैनी से आजादी चाहिए थी , मुझे सच सुनना था अब अम्मी के मुंह से ।

अम्मी मेरे करीब आकर मेरे सर को सहला रही थी और मेरा हाल ले रही थी कि मेरे मुंह से एक ही शब्द निकला

" क्यों "
अम्मी एकदम से रुक गई और बेजवाब थी और उनकी सांसे तेज चलने लगी
: क्यों , मतलब ? ( अम्मी की आवाज में भर्राहट साफ झलक रही थी )
: मतलब आप सब समझ रहे हो अम्मी
: शानू बेटा , क्या कह रहा है तू
: अम्मी प्लीज , मै अपनी जुवान से वो शब्द आपके लिए नहीं निकालना चाहता प्लीज , क्यों आखिर ?
अम्मी की आंखे डबडबाने लगी , वो पीछे होने लगी , उनके जिस्म में कंपकपी थी और हलक सुख रहा था ।
: आपने कहा था कि आप मुझसे कुछ नहीं छिपाएंगी फिर क्यों ?
: बेटा तू .. मै बस नहीं समझा सकती कि मै वहां क्यों थी ( अम्मी की आंखे छलक पड़ी थी )
मेरी आँखें भी लाल और डबडबाई , गुस्सा और उदासी तैर रही थी उनमें
: आखिर क्या रिश्ता है उस आदमी से आपका , जो अब्बू से भी छिप कर बाते करती है , मिलती हैं। मुझे समझाइए अम्मी ( मै जोर से चिल्लाया और फफक पड़ा )
तेजी से भागती हुई अम्मी मेरे पास आई और मुझे अपने करीब कर पकड़ लिया
मै भी रो पड़ा उन्हें पकड़ कर : क्यों अम्मी क्यों ?
अम्मी सरक कर मेरे बराबर आई और मेरे चेहरे को साफ करती हुई मेरी आंखों में देख कर : मै तुझे सब बता देना चाहती थी लेकिन हिम्मत नहीं हो पाई कभी , डरती हूं तुझे खोने से , डरती हु कही तू मुझे अम्मी बुलाना छोड़ देगा तो

मै उनकी बात सुनता रहा, उनकी बाते मुझे पिघलाने लगी , जैसे कितनी ग्लानि कितनी ममता समाई हो उनमें। मैने उन्हें कस लिया और वो भी मुझे : मुझे माफ कर दे बेटा , मै तुझे सब बता दूंगी । बस मुझे थोड़ा वक्त चाहिए प्लीज इतना रहम कर अपनी अम्मी पर ।

मै चुप हो रहा था और अम्मी ने मुझसे अलग होकर मुझे पकड़े हुए : प्यार करता है न अपनी अम्मी को
मै रोते हुए शकल से हा में सर हिलाया
अम्मी : भरोसा करता है अम्मी पर
मेरी आँखें खुद से ही बहने लगी और मुंह और रोतडू सा हो गया
अम्मी ने बहती आंखों से : बोल न
मै : हा
अम्मी ने फिर से मुझे सीने से लगा दिया ।
कुछ देर की चुप्पी थी और सब नॉर्मल होने लगा जैसे , एक तसल्ली सी थी कि शायद अब से सब कुछ ठीक हो जाएगा ।
दिमाग हलका होने लगा तो
एकदम से मुझे अब्बू का ख्याल आया कि अम्मी तो उनसे बात कर रही थी क्या हुआ बात
: अब्बू क्या बोले , आयेंगे आज ( मै अम्मी ने सीने से लगा हुआ बोला )
: ना जाए , मुझे उनकी जरूरत नहीं , मेरा बेटा है मेरा पास
मुझे हसी आई
: क्या हुआ ( वो बोली )
: कुछ नहीं , आप बस अपना फायदा देखते हो मेरे बारे में नहीं सोचते
अम्मी ने मुस्कुरा कर मेरे पेंट के ऊपर से मेरे लंड को खोजने लगी : अरे कहा गया
मुझे गुदगुदी हुई और फिर एकदम से वो बड़ा होने लगा और अम्मी ने उसे अपने हाथ में भर लिया: मिल गया हाहा
मै उनके स्पर्श से कसमसाने लगा , मेरी सांसे तेज होने लगी : उम्मम अम्मी

अम्मी के स्पर्श भर से मेरा मुरझाया लंड एकदम फड़फड़ाने लगा था पेंट में जगह कम होने लगी और मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था , अम्मी के हाथ लगातार मेरे लंड को टटोल रहे : उफ्फ कितना बड़ा है रे तेरा
मै मुस्कुरा कर उनको देखता हुआ : खोल कर देख लो
अम्मी को हसी आई : बदमाश कही का , सब समझती हूं तेरा नाटक मै
फिर अम्मी मेरा पेंट खोलने लगी तो मै उनकी हेल्प करने लगा और जल्दी जल्दी अपना बेल्ट खोलकर पेंट निकालने लगा , अम्मी मेरी हड़बड़ाहट देख कर मुस्कुरा रही थी


IMG-20250111-WA0021
मेरे अंदर वियर में बड़ा सा तंबू बना हुआ था और आलू जैसे आड भी फूल गए थे : लो आप निकालो अब
मैने भी बड़े हक से कहा और नखरे दिखाए और अम्मी मुस्कुराई हुई मेरी पेडू के पास से लास्टिक खींच कर अंदर हाथ डाला : हाय कितना गर्म है रे
और उनकी उंगलियों ने मेरे लंड को छुआ : अह्ह्ह्ह्ह सीईईई अम्मीईई
अम्मी : क्या औरतों जैसे सिसकता है पागल
मै मुस्कुराया और खुद पर कंट्रोल करने लगा लेकिन अम्मी के लिए मेरी दीवानगी और वासना का जोश कहा मानने वाला था । मै ऊपर से कंट्रोल करना चाहा तो चीजे अंदर से बिगड़ने लगी । सांसे चढ़ने लगी , पेट में अजीब सी गुदगुदी ये ख्याल से कि क्या आज अम्मी मेरा लंड चुसेंगी।

उनके दोनों हाथ मेरे लंड और आड़ को सहला रहे थे , जैसे जैसे वो अपने हथेली को कटोरी बना कर मेरे कड़क आड़ो को टटोलती मेरे भीतर कुछ उबाल आ उठता और फिर उनकी नरम उंगलियां मेरे लंड के डंडे को पकड़ कर उसकी खोल सरकाती : सीईईईईई उम्मम्म अम्मीईईई
मै सिहर उठा और अम्मी मुस्कुराई: कबसे ऐसे लेके घूम रहा है उम्मम , मॉल से न

मुझे थोड़ी शर्म आई और मै अपने बिगड़े हुए चेहरे के साथ मुस्कुराया ।
अम्मी मुस्कुरा कर बिना मेरी ओर देखे मेरे लंड को अपने हाथों में नचाती हुई : वैसे तू मुझे कुछ बताने वाला था
मै : कब ?
अम्मी शरारती मुस्कुराहट से मुझे देखी और मै समझ गया कि अम्मी का इशारा वो ब्रा पैंटी वाली दुकान की तरफ था जब अम्मी ने पैंटी में अपने बड़े चूतड़ों की फोटो निकलवाई थी और पूछा था : कैसी लग रही है
मै वो पल याद करके मुस्कुराया : अब दिखाओ तब न बताऊं कि कैसी लग रही थी आप , आपको तो बस मुझसे चीजे छुपाने में मजा है

अम्मी मुस्कुराई और खड़ी हो गई मेरा लंड छोड़ कर , एक पल को लगा कि बीसी ये क्या बकचोदी छेड़ दी कही नाराज तो नहीं हो गई
मेरा चेहरा एकदम से उतर गया था कि अम्मी मेरे सामने खड़ी होकर घूम गई और पीछे से अपना बुर्का उठा कर वही लाल पैंटी मुझे दिखाने लगी जो उन्होंने दुकान में ली थी

उफ्फ उनके बड़े भड़कीले चूतड़ों पर कसी हुई लाल रंग की पैंटी बड़ी ही कामुक दिख रही थी , कितनी दफा मैने उनके मुलायम चूतड़ों को नंगा देखा था लेकिन आज उनके गोरे चूतड़ों पर लाल रंग कितना खिल रहा था जिससे मेरा लंड अकड़ गया
अम्मी मेरी ओर चूतड़ किए हुए : ले देख ले न, अब अपने लाडले को थोड़ी न तरसाऊंगी । देख कर बता कैसी लग रही है
अम्मी की बाते मुझे कामोत्तेजित कर रही थी लंड एकदम फड़फड़ाने लगा था मैने उसको कस कर भर लिया था पंजे में, आंखे एक तक उनके गुलाबी चूतड़ों पर जमी थी ।

हलक से थूक गटकता हुआ मै : उफ्फ अम्मीईईई कितनी सेक्सी लग रही है
फिर अम्मी आगे पटल गई और अपने चूतड़ मसलते हुए अपने बुरखे को खोल दिया और सामने से अपने चूचियां हिलाने लगी उन्हें हाथों में भर कर मसलने लगी
मै आंखे फाड़ कर अपना लंड उनके सामने हिलाने लगा खड़ा होकर : उफ्फ अम्मी आप कितनी सेक्सी हो अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह यस्स अह्ह्ह्ह्ह तभी सोचूं अब्बू आपके लिए इतना पागल क्यों है
अम्मी मुस्कुराती हुई अपनी पैंटी सरकाने लगी और ब्रा भी निकाल दिया : तेरे अब्बू के होश तो मै ऐसे उड़ाती हूं देख


GIF-20250906-190739-835
अम्मी एकदम से अपने बुरका उतर दिया और नंगी हो गई अब नकाब से ही उनका सर छिपा था और अपने चूचे हाथो में लेकर उन्हें उछाल रही थी और मै बिस्तर के मुहाने पर बैठा अपना लंड हिला कर इस शो का मजा ले रहा जिसका मजा अब्बू और वो एक अंजान शख्स ने ना जाने कितने बार लिए थे
मेरा लंड फूल रहा था और मैं तेजी से अपना लंड हिला रहा था
अम्मी फिर से घूम गई और मेरे सामने अपने बड़े बड़े रसीले चूतड़ों को उछालने लगी


GIF-20250906-190814-809
मेरी आँखें चमक उठी सामने का नजारा कहो या अम्मी के खड़े होने की जगह , ऐसी थी कि उनके बड़े भड़कीले चूतड़ों के साथ साथ सामने आईने में अम्मी के झूलते चूचे भी दिख रहे थे

मै पूरी तरह से कामोत्तेजना से भर गया और तेजी से लंड भींचते हुए सिसका : ओह्ह्ह्ह अमीईईई आयेगा

अम्मी एकदम से रुक गई और मेरी ओर देखा : बोला था न जोर जोर से नहीं , हाथ हटा
मै थोड़ा डर गया और साथ में मानो मेरे लंड की फट गई हो बीच रास्ते में ही वीर्य वापस लौट गया
लंड एकदम कड़ा और तना हुआ हवा में झूल रहा था और खुद सास लेकर उठ रहा
अम्मी मेरे पास आई और हौले से अपनी नाजुक उंगलियों से मेरे लंड लंड से जड़ को सहलाया और मेरे भीतर कुछ उबाल आ होने लगा एकदम से मेरी आँखें बंद होने लगी एड़ियां उठने लगी , पैर थरथरा उठे और मेरी आवाज में भी भर्राहत थी: ओह अम्मीईईई उफ्फफ

मेरे बदन में कंपकंपी सी मची थी और अम्मी मेरे लंड को फिर से छूने लगी थी और देखते ही देखते वो मेरे नीचे आ गई
मेरे पैर अब थरथरा रहे थे और दिल जोरो से धड़क रहा था , अम्मी जिस तरह से मेरे लंड को घूर रही थी , और मुझे देख रही थी
मै आंखों ही आंखों में उनसे गुजारिश करने लगा और खुद अपने कूल्हे को उठा कर लंड का टोपा उनके मुंह के करीब ले जाने लगा
अम्मी ने मेरी आंखों देखते हुए मुझे बेचैन कर रही थी और फिर उन्होंने मुंह खोल कर सुपाड़ा मुंह में रख लिया


GIF-20250906-190650-236
उनके नर्म होठों का स्पर्श सुपाड़े पर होते ही मुझमें बिजली से दौड़ने लगी और लंड में जैसे कोई सलीया पड़ गया वो रॉड की तरह अकड़ गया , पूरे जिस्म का खून मानो मेरे लंड में भरने लगा : ओह्ह्ह्ह अम्मीईईई ओह्ह्ह्ह कितना सॉफ्ट है आपका लिप्स उम्ममम
मै आंखे बंद कर हवा में उड़ने लगा था और अम्मी के ठंडे नरम होठ मेरे लंड पर नीचे की ओर सरकते हुए महसूस हुए
आंखे खोलकर देखा तो अम्मी रस लेकर बड़े चाव से मेरे लंड को चूस रही थी और गिला कर रही थी तभी मुंह के अंदर सुपाड़े पर कुछ महसूस हुआ और मेरा बदन हलचल सी हुई


GIF-20250906-190857-896

: ओह्ह्ह यस्स अम्मीईई ओह्ह्ह गॉड फक्क्क् अह्ह्ह्ह कितना मस्त चुस्ती हो आप उम्मम सक इट उम्मम सीई अह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क्
अम्मी बिना कुछ बोले मेरे लंड को सुरकने लगी और होठों से सुपाड़े को खरोचने लगी उनकी जीभ मेरे सुपाड़े की गांठ को छेड़ रही थी नीचे से ऊपर तक मेरा लंड उनकी लार से गिला हो गया था वो जितना हो सकता था मुंह में मेरा लंड ले रही थी एक बार फिर मेरा सब्र टूटने लगा अबकी बार रोकना मुश्किल था, जांघों के तेज जकड़न होने लगी आड़ जैसे अब फुट ही पड़ेंगे, सुपाड़े पर पूरा जोर था

मै भीतर से मचल रहा था घुमड़ रहा था आवाज निकालना मुश्किल जान पड़ता था जोरो से अपना लंड पकड़ लिया: ओह्ह्ह्ह अम्मीईई हटो आयेगा अह्ह्ह्ह
फिर अम्मी ने जो कहा मै कामोत्तेजना के चरम पर जा पहुंचा : आने दे बेटा
फिर एक के बाद एक मोटी गाढ़ी थक्केदार पूरी वीर्य की पिचकारी फुट पड़ी


GIF-20250218-041238-927
सामने अम्मी नीचे फर्श पर बैठी हुई
एक के बाद एक मोटी धार उनके चेहरे पर जाती रही : अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह अम्मीईइ अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह लो पी जाओ अह्ह्ह्ह्ह चाट लो अह्ह्ह्ह्ह बहुत सेक्सी हो मेरी अम्मी अह्ह्ह्ह्ह मेरी जान अह्ह्ह्ह्ह

अम्मी ने जरा भी हिचक नहीं दिखाई न नाराज हुई आंखे बंद कर मेरे लंड के नीचे मेरे वीर्य से खुद को नहलाती रही तबतक कि मेरा लंड अंत तक निचोड़ नहीं गया
मैने आंखे खोलकर देखा तो अम्मी का चेहरा मेरे वीर्य से सना हुआ था और अम्मी मुस्कुरा रही थी , ये दृश्य देख कर मेरा मुरझाया लंड फिर खड़ा होने लगा था और अम्मी ने एक बार फिर मेरा लंड पकड़ कर उसका गिला सुपाड़ा चूस लिया
उफ्फ इस नजारे की मैने कभी कल्पना नहीं की थी जो आज अम्मी ने दिखाया था ।

मै मुस्कुरा कर थक कर बिस्तर पर पीछे लेट गया और अम्मी उठ कर बाथरूम में चली गई

जारी रहेगी
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है भाई मजा आ गया
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,267
27,078
219
Kya gajab or dhamakedar kamum update diya h bhai maja aa gya agr land chusai k sath ammi ki chut chusai bhi ho jati to or maja ata
Mujhe to ammi or sanu ki chudai dekhni h jaldi se or nagma mami ki bhi gnd or chut chudai dekhni h sanu k sath
Shukriya Bhai.enjoy
 

DREAMBOY40

सपनों का सौदागर 😎
9,267
27,078
219
Bahut hi lajawaab jabrdast hot update
But us admi ke bare me nhi bataya lagta hai bat ko ghuma ke bete ke lode ko muh me leke us bat ko ghumana chahti hai
Sahi pakde hai ... Thanks
 
  • Like
Reactions: Napster
Top