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भाई अपडेट का शीर्षक ही वही है " एक अजीब अहसास "Baap ko chor kisi aur third person ka involve bahut bekar lagta maa bete ki chudai loyalty rakho bete ke sath
अभी मिलेगा भाईBhai update thoda jaldi diya kro or shano ki maa ka chakkar doctor ke sath hai
ये कोई cuckold कहानी नहीं है भाई जो बेटा अपनी मां को चुदते हुए देखता रहेगा और हिलाता रहेगा ।Or maa or bete ka involved to thik tha pr doctor ke tha to pdne me thoda ajib lgta hai to story me esa mat kro plz

















Hahaha jbrdast lajawaab hot update
Kaas sanu gand ke bal saaf krne ke baad chat bhi leta to aur maza aata
Super Update![]()
M
Mast Update![]()
Very Nice Update Bhai![]()
mast
बहुत ही गरमागरम कामुक और उत्तेजना से
भरपूर कामोत्तेजक अपडेट है भाई मजा आ गया
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
Super Update
Nice Update![]()
Absolutely super Update
ek dum kamuk
देरी के लिए क्षमा चाहूंगा........कुछ घर और दफ़्तर के प्रॉब्लम में उलझा हुआ था तो समय नहीं निकाल पाया.......आप लेखक उच्च–कोटि के हैं आपकी जितनी प्रशंसा की जाये उतनी कम होगी, लिखते बहुत से लोग है यहां पर जो जान आपके शब्दों में कम ही लोगों में है( माफ़ी चाहूंगा किसीको बात बुरी लगे तो)
भाई बस मन में एक सवाल है यह कहानी के जो आखिरी के दो तीन अध्याय है वो वर्तमान के है जा अतीत के तो इतना जरूर बता देना मैं थोड़ा सा कन्फ्यूज हु कि अगर शानू शाहब ने इतना कुछ अम्मी के साथ कर लिया था तो अम्मी ने अपने से दूर क्यों किया ......#
Behtareen update
Baap ko chor kisi aur third person ka involve bahut bekar lagta maa bete ki chudai loyalty rakho bete ke sath
Bhai update thoda jaldi diya kro or shano ki maa ka chakkar doctor ke sath hai
Or maa or bete ka involved to thik tha pr doctor ke tha to pdne me thoda ajib lgta hai to story me esa mat kro plz
New update is postedBohot badiya update
Super Update BhaiUPDATE 33
कुछ और मांग ले
: हीहीही , पागल क्या कर रहा है अह्ह्ह्ह्ह धत्त दूर हट , मारूंगी शानू
: अह्ह्ह्ह्ह अम्मीई करने दो न उम्मम कितना सॉफ्ट है अह्ह्ह्ह ( मै अपना साबुन लगा लंड अम्मी के सरकती गाड़ के दरारों के पास घिसते हुए बोला जिससे अम्मी पूरा सिहर रही थी और आगे मैने उनका पेट पकड़ रखा था )
अम्मी चाहती तो एक झटके में मुझसे अलग हो सकती थी मगर शायद वो भी ये मस्ती इंजॉय का रही थी
मै अपने सीने को उनकी चौड़ी नंगी मुलायम पीठ से रगड़ रहा था और नीचे मेरा कड़क लंड उनके चूतड़ के दरारों में जगह बना रहा था ।
: उम्ममम मान जा बेटा , मत तंग कर न अम्मी को सीईईईई अह्ह्ह्ह कितना टाइट है अह्ह्ह्ह सीईईईईई उम्मम्म बेटा रुक जा सूऊऊ उम्मम ( अम्मी अब खुद से गाड़ मेरे लंड पर धकेलती हुई सिहरी और मेरा लंड उनकी गाड़ के दरारों के रगड़ता हुआ घुसने लगा )
: अह्ह्ह्ह्ह अम्मी कितना गर्म है अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह गॉड उफ्फ फक्क अह्ह्ह्ह्ह ( और मैने अपनी एड़ियों को उठा कर अम्मी के पेडू को सहलाते हुए अपना तना हुआ खूंटे जैसा लंड और ठेल दिया जिससे अम्मी मचल उठी और मेरे पंजे उनकी रसभरी , जेली जैसी लुजलूजी और मख्खन सी मुलायम चूत के पास सरक गए ।
: उफ्फ अम्मी कितनी सॉफ्ट है आपकी... सीईईईई ओह्ह्ह्ह ( जैसे मेरी उंगलियों ने उनकी चूत के ऊपरी फुले हुए भाग को छुआ अजीब सी गुदगुदाहट मेरे उंगलियों में हुई और मैने अम्मी की मदहोशी का फायदा लेते हुए पूरे पंजे में अम्मी के चूत के ऊपर की चर्बीदार मास को भर लिया और अम्मी एकदम से अकड़ गई )
: अह्ह्ह्ह शानू नहीं छोड़ पागल अह्ह्ह्ह खींच क्यों रहा है आह्ह्ह्ह अम्मीईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम ( अम्मी एकदम से मेरे कंधे के आसरे हो गई और मैने अच्छे से उनकी बुर को मुठ्ठी में भरने लगा )
: अम्मीई देदो न प्लीज ( मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था और मेरे हाथ लगातार उनकी चिकनी फुली हुई बुर को मुठ्ठी में भरे हुए थे , लंड एकदम अकड़ कर गाड़ की दरारों को फैलाते हुए आगे पीछे हो रहा था )
: न नहींइईई, पागल मत बन शानू अह्ह्ह्ह छोड़ न , मै नहीं कर पाऊंगी अह्ह्ह्ह्ह तू कुछ और मांग ले लेकिन..... अह्ह्ह्ह्ह क्या कर रहा है उंगली निकाल ओह्ह्ह्ह उम्ममम अमीईईईई अह्ह्ह्ह ( अम्मी पूरी कोशिश कर रही थी अपना संयम न खोए और मगर जैसे ही मेरी उंगलियों ने उनके बुर के फांके पर दस्तक दी वो और तड़पने लगी )
: बस एक बार न अम्मीई, उफ्फ कितनी रसभरी है एक बार किस्स करने दो न ( मैने अपना लंड उनकी गाड़ में भेदे हुए दोनों हाथों से उनके जांघों और चूत के पास रेंगने लगा और मेरा सीना उनकी नंगी पीठ पर रगड़ रहे थे )
: बस किस करेगा न और कोई शरारत नहीं ठीक है ? ( अम्मी ने सख्ती से कहा और घूम गई मेरी ओर)
हमारी नजरे टकराई और हम दोनो में से कोई भी मुस्कुराया नहीं , बस एक दूसरे की आंखों के झांक कर उस बेताबी को पढ़ रहे थे जिसे रिश्तों की मर्यादा की एक पतली सी डोर ने दोनों को बांध रखा था ।
: जा नीचे, देख क्या रहा है ( अम्मी बोली और अब मुझे हल्की सी लाज आई मै मुस्कुराया और सरक कर नीचे अम्मी के जांघों के पास )
अम्मी ने अपनी टांग उठा कर जांघें खोली और एक मग पानी अपनी चूत पर गिराते हुए उसको धुलने लगी , और उंगलियों से पेडू की चर्बी को ऊपर करके चूत को खोला ।
जुबान , आंखे , लंड सब एक बार उनकी चर्बीदार पाव जैसी सी फूली हुई चिकनी बुर को देखकर ललचा गई, पेडू से पानी रिसकर अम्मी के बुर के फांके से बह रही थी मानो कोई चासनी सी टपक रही हो और मै खुद को रोक नहीं पाया
जीभ की टिप को अम्मी के चूत के मुलायम फ़ाको में नीचे से ऊपर की ओर ले जाता हुआ अपने दोनों होठ अम्मी के बुर के रसीले होठों से जोड़ लिए
उम्ममम कितना रसीला और मुलायम अहसास वो मै बयान नहीं कर सकता था , मैने अपने होठ उनकी गुदाज मुलायम बुर के फांके से जोड़े हुए अंदर की गुलाबी गलियों में जीभ को नचाया
तो अम्मी अकड़ सी गई और झट से मेरे सर को पकड़ कर दबाने लगी : अह्ह्ह्ह्ह सीईईई बेटा ओह्ह्ह्ह उम्ममम तूने तो किस के लिए कहा था न अह्ह्ह्ह कितना करेगा रुकक्क जाह ओह्ह्ह्ह सीईईईई पागल कर रहा तू मुझे अह्ह्ह्ह सीईईईईई
मै जान रहा था कि एक पल के लिए भी अम्मी की मदहोशी कम हुई या मै उनकी बुर से अलग हुआ वो मुझे रोक देंगी , इसलिए मै बिना उनकी बाते सुने अपनी जीभ को उनकी गर्म तपती बुर के घुमाता रहा था और रसीले फांकों को चुबलाता रहा
: ओह्ह्ह्ह बेटा रुक जा अह्ह्ह्ह मै... गिर जाऊंगी अह्ह्ह्ह शानू अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह ( सच में अम्मी के पाव कांपने लगे थे और मै जीभ से नीचे से ऊपर तक उनकी चिपकी हुई फांकों में जीभ घुसा कर एक बार फिराया और फिर उनके बुर के ऊपर वाली चर्बीदार मांस को होठों के ऐसे भर कर चूसा जैसे उनकी रसीली चूचियां चुबला रहा हूं और अलग हो गया
: हट बदमाश कही का , बहुत शैतान है तू , क्या बोला और क्या कर रहा था ( अम्मी मुझे देख कर बोली )
मैने अपना हाथ सामने से उनकी कमर में डाला और उनके उभरे हुए कूल्हे सहलाते हुए उन्हें अपने पास खिंचा
: अह्ह्ह्ह्ह मेरी सेक्सी अम्मी आपको देख कर मै खुद को रोक नहीं पाता ( अगले ही पल मैने उनके लिप्स अपने होठों से जोड़ लिए और उनका हाथ जो मेरी कमर पर था उसे अपने तने हुए लंड पर रख दिया )
मेरे नरम होठों और लंड का स्पर्श पाकर अम्मी एकदम से जोश में आने लगी और मेरे लिप्स चूसते हुए मेरे लंड हिलाने लगी ।
अभी भी मेरे लंड पर उनकी चूतड़ों से निकली हुई साबुन की झाग थी जिससे अम्मी के हाथों तेजी से मेरे लंड पर फिसल रहे थे
: ओह्ह्ह्ह अम्मी अह्ह्ह्ह्ह ऐसे ही उम्मम कितना सॉफ्ट हो आप उम्मम अह्ह्ह्ह्ह
: कबसे तड़प रहा है न मेरा बेटा उम्मम ( अम्मी मेरे बेचैन चेहरे को निहारती हुई तेजी से लंड को आगे पीछे कर रही थी )
: हा , अह्ह्ह्ह सीईईई ओह गॉड फक्क्क् ओह्ह्ह्ह यशस्स अमीईईई अह्ह्ह्ह्ह
: निकाल दूं, उम्मम ( अम्मी मेरा लंड हिलाते हुए नीचे आ गई )
: ओह्ह्ह हा , चूस लो न ( मै बेकाबू होकर कपकपाते स्वर में अपने दिल के जज्बात जाहिर करता हुआ बोला )
अम्मी मेरे लंड को हिलाती हुई मुस्कुराई और आगे होकर हौले से अपने नरम होठ मेरे सुपाड़े की टिप पर रखे और मै पूरा अकड़ गया , एड़ियों के बल टाइट , चूतड़ पूरी सख्त हो गए , पीठ पूरी पीछे होकर तन गई और लंड अतिरिक्त तनाव आ गया
: सीईईईई अह्ह्ह्ह अम्मीईई आह्ह्ह्ह चूसो न ( अब मै जिद करने लगा )
: किया तो ...( अम्मी मेरी ओर देख कर शरारती मुस्कुराहट से बोली )
: ऊहू गिला करो न थूक से ( मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था और अम्मी मुझे पूरी तरह से अपने बस में कर ली थी , जैसे चाहे मुझे छेड़ रही थी )
उन्होंने अपने मुंह में लार बटोरी और सीधा मेरे सुपाड़े पर थूका, उफ्फफ और उसे मेरे पूरे लंड पर मलने लगी
अम्मी की इस हरकत ने मेरी लंड की नसे गर्म होने लगी ।
: अमीईईई मुंह खोल कर लो न प्लीज़्ज... अह्ह्ह्ह्ह ( मै अब चरम पर जा रहा था ,मेरे आंखों के मदहोशी उतर गई थी पलके भारी होने लगी , नथुने फूलने लगे थे , धड़कने दुगनी गति से धड़क रही थी )
: कैसे ? ऐसे !! ( अम्मी ने मेरे लंड के ठीक दो इंच आगे अपना मुंह खोला और जीभ लहराती हुई बाहर निकाली )
घुटनों के बल , पूरी नंगी , भीगी हुई अम्मी अपना मुंह खोलकर जीभ नचाती हुई मेरे आगे थी और ये नजारा मेरे देखे सबसे कामुक नजारो में अबतक का सबसे कामोत्तेजक था जैसे मेरी अम्मी मेरे आगे मेरे लंड से वीर्य निकलने का इंतजार कर रही हो
ये नजारा देखकर मै भीतर से सुन्न हो गया और मेरे लंड की नसों के वीर्य भर चुके थे और इससे पहले ही कि मेरी चेतना मुझे संभाल पाती मेरे सब्र का फब्बारा फूट चुका था
: ओह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क् यूयू अमीआईई अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह
एक के बाद एक करके मेरे लंड से पिचकारी छूटने लगी, सीधा अम्मी के चेहरे जीभ और नथुनों पर
: धत्त गंदा ये ... क्या उम्ममम( अम्मी एकदम से मेरे सुपाड़े पर हथेली लगाती हुई रोकने लगी मगर तबतक 80 फीसदी वीर्य से अम्मी नहा चुकी थी । उनका गोरा चेहरा मेरे वीर्य से सना हुआ टपक रहा था उनकी छातियों पर और मेरा सुपाड़ा अंत तक अपने मुंह खोले अम्मी की हथेली में उल्टियां करता रहा ।
अम्मी ने अपनी ऊपरी दांतों से अपनी जीभ पर लगी मलाई को काछ कर बाहर थूका और खड़ी होकर
: हट कमीना कही का , बोलना नहीं चाहिए आने वाला है , पूरा नहला दिया मुझे ( अम्मी उखड़ी हुई बोली )
मुझे हसी भी आ रही थी मगर अम्मी की नाराजगी का डर भी था
: सॉरी अम्मी आपने एकदम से मुंह खोला तो मै खुद को रोक ही नहीं पाया ,
: अगर मुंह में ले ली होती तो .. तो तू मुंह में ही ( अम्मी मुंह धुलती हुई मुझे देखी और मै बत्तीसी दिखा दिया जिसपे वो और भड़क गई )
: जल्दी से नहा कर निकल अब , जा यहां से कमीना कही का , हूह
मै अपनी मुस्कुराते होठ सिकोड़ कर किनारे होकर बाल्टी से नहाया और निकल गया के ऊपर अपने कमरे में
लेकिन आज कोई मलाल नहीं था , बल्कि अम्मी के मुंह पर झड़ने का मजा सोच कर लंड बैठ ही नहीं रहा था । फिर मै कपड़े पहन कर नीचे आया तो देखा अम्मी नंगी ही खड़ी होकर आलमारी से कुछ निकाल रही थी और फिर उठी ,उनके हाथों में अब्बू की एक सफेद शर्ट थी ।
जैसे ही उन्होंने मुझे देखा वो मुस्कुराई
और उन्हें मुस्कुराता देख मै भी मुस्कुरा दिया
: आ गया तू , देख मोबाइल चार्ज हो गया होगा मेरी फोटो निकाल दे चल( अम्मी वो शर्ट खुद पहनने लगी )
मै लपक कर मोबाइल चार्जिंग पिन से अलग किया और मुस्कुराता हुआ अम्मी को देखने लगा
: अम्मी ये क्या है ?
: चुप रह तू बात मत कर मुझसे , चल फोटो खींच ( अम्मी ने पोज दिया )
उफ्फ क्या कहर ढा रही थी अम्मी
पूरे बदन पर सिर्फ अब्बू की शर्ट उसपे से भी ऊपर की चार बटन खुली हुई मोटी मोटी चूचियां पूरी फैली हुई आधी झलक रही थी ,लंबी शर्ट ने उनकी चूत को ढक रखा था ।
अम्मी की अदा से लंड एकदम से सर उठाने लगा अभी 10 मिनट भी नहीं हुआ होगा मै बुरी तरह से निचुड़ गया था और मेरा लालची लंड फिर से अम्मी को देख हरकत में आ गया ।
मैने दो तीन फोटो निकाली और गले ही पल अम्मी घूम गई और पीछे से शर्ट ऊपर कर अह्ह्ह्ह्ह सीई क्या मस्त उनके गोल बड़े बड़े मटके जैसे चूतड़ नंगे हो गए और मेरा लंड ठुमके मारने लगा लोवर में
अम्मी ने अपने दोनों पंजे से अपने चूतड़ पकड़े और उन्हें फाड़ कर बोली : खींच न देख क्या रहा है
मै चुप रहा है बस आंखे फाड़ कर लालची निगाहों से मै और मेरा लंड अम्मी की कामुक अदाएं निहार रहे थे ।
फिर अम्मी घूम कर मेरे पास आई और वो सारी फोटो धड़ा धड़ करके अब्बू को सेंड कर दी ।
गला सूखने को हो गया , उस नजारे को देख कर मेरे जहन में जो कल्पनाएं उठ रही थी वो सोच कर ही मेरी सांसे तेज होने लगी
अम्मी अब्बू को किस कदर पागल करने वाली थी मै समझ नहीं पा रहा था मगर जो भी होने वाला था वो रोमांचक ही होगा ।
लंड लोवर में झटके दे रहा था और आंख थी कि झपक ही नहीं रही थी ।
मिनट भी नहीं बीता कि अब्बू का वीडियो काल आने लगा
अम्मी ने इतरा कर मुस्कुराते हुए मुझे मोबाइल स्क्रीन दिखाया और मै भी मुस्कुराने लगा
: रुका क्यों है ? जा न ( अम्मी बोली )
मै मुस्कुरा कर ना में सर हिलाया
: पागल है क्या ? मारूंगी जा शानू कह रही हूं न ( अम्मी ने आंखे दिखाई ) मै सरक कर कमरे के सोफे के पर बैठते हुए
: मै कुछ नहीं बोलूंगा प्लीज न अम्मी ( मिन्नते करते हुए मै बोला और वीडियो कॉल की रिंग खत्म होने को थी मजबूरन खीझते हुए अम्मी ने अब्बू की वीडियो काल पिक की और फोन स्पीकर पर आ गया )
: हाय मेरी जान , क्या मस्त सिन दिखाया तूने उफ्फ कातिल लग रही है ( अब्बू एकदम से दिलफेंक आशिक जैसे बोले )
: अभी असली चीज देखी कहा आपने? ( अम्मी वीडियो काल पर मुस्कुरा कर अब्बू ने बोली और तिरछी नजर से मुझे देखा , मै बड़ा ही कौतुक होकर अम्मी को निहार रहा था , लंड अपने रूप में आ रहा था )
: ओहो तो दिखाओ न , लंच हुआ है ज्यादा समय नहीं है ( अब्बू सिहर कर बोले )
अम्मी ने अंगड़ाई ली और वीडियो काल पर अपनी लंबी गोरी गदराई जांघों सहित शर्ट में छिपे हुए अपने दूध एक हाथ से मसलती हुई : आज के टाइम लेलो न मेरी जान , उम्मम बहुत बदन टूट रहा है आजाओ न मेरे पास अह्ह्ह्ह सीईईईईई उम्मम्म
: ओह मेरी जान कितनी गर्म हो रही है, मगर मैं कैसे आ जाऊ तू तो जान ही रही है कि नई जगह काम बढ़ा हुआ है वरना मै .....उफ्फ फरीदा सीईईईई जी कर रहा है तेरे इन गुलाबी अंगूरों को खा जाऊ उम्मम ( अम्मी अब्बू की बातों के बीच ही अपने शर्ट से अपने रसीले मम्में बाहर निकाल दिए )
: तो आजाओ न मेरे राजा सीईईईई बहुत फड़क रहा है ये उम्मम
अम्मी अपनी एड़ियों को बड़ी ही मादकता से आपस में घिस रही थी और उनकी आंखों में अजीब सी खुमारी आ रही थी , अपने ही चुचियों को खुद सहला कर वो पागल हुई जा रही थी और उन्हें देख कर मै । उफ्फ कयामत ढा रही थी अम्मी , लोवर में लंड एकदम फड़फड़ाने लगा था । मेरे भी पैर सोफे पर बैठे हुए फेल रहे थे और अम्मी बीच बीच में नजर भर मुझे देखती और फिर अम्मी से बाते करने लगती ।
: मेरे राजा , आजाओ न आपके लिए ये वाली रसमलाई है रखी है खाओगे नहीं ( अगले ही पल अम्मी ने अपनी नंगी जांघें खोल दी और मोबाइल को सीधा अपने चर्बीदार चूत के पास ले गई और अपनी पाव सी फूली हुई बुर पकड़ कर खुद ही खींचने लगी
: अह्ह्ह्ह्ह फरीदा उफ्फ कितनी चिकनी बुर है तेरी उम्ममम अह्ह्ह्ह, ( अब्बू सिहर कर बोले )
: आपके लिए डॉ साहब से करवाई है मेरी जान , पता है जब वो इसे छिल रहे थे तो कितनी टपक रही थी ,पूरी गीली हो गई थी ,एक दम से चासनी जैसे और डॉ साहब तो ... ( अम्मी ने एक नजर मुझे देखा क्योंकि डॉ अंकल का जिक्र होते ही मेरी आँखें फैल गई )
: क्या सच में ? तूने रहीम से ...( अब्बू शॉक्ड थे )
: आपने मेरे लाडले की कसम दी थी , कैसे मना करती उम्मम ( अम्मी ने मुस्कुरा कर मुझे देखा और मै लाज से मुस्कुरा दिया अपना लंड सहलाते हुए )
: कैसा लग रहा था मेरी जान जब वो तुम्हारे इन नरम चर्बीदार चूत को छू रहा था उम्मम
: अह्ह्ह्ह बस आपकी याद आ रही थी , काश उनकी जगह आप होते तो सीधा आपके मुंह पर अपनी रसभरी बुर रगड़ देती अह्ह्ह्ह्ह उम्मम देखो न जान ऐसे ही पूरी गीली थी तब ( अम्मी ने अपने बुर को फैला कर दिखाया )
: उफ्फ और रहीम , उसने कुछ नहीं किया , उसका मन नहीं ललचाया तुम्हारी फूली हुई रसाई चूत को देख कर उम्मम
: हा वो तो पूरा लार टपका रहे थे मेरी बुर पर और मेरी जलन चेक करने के लिए दो उंगली घुसा दिए थे मेरी बजबजाई बुर में अह्ह्ह्ह ( अम्मी अब अपने रूप में आ चुकी थी , उसे फर्क नहीं पड़ रहा था कि मै वहा कमरे में उनके सामने हु और उनकी हरकते मेरे लंड को बेकाबू किए जा रही थी )
: क्या सच में मेरी जान रहीम ने तेरी बुर में उंगली पेल दी थी ? ( अब्बू की सांसे भारी होती हुई महसूस हो रही थी स्पीकर पर )
: हा मेरे राजा , उनकी मोटी उंगलियां मेरे बुर में अंदर बाहर हो रही थी और मै पागल होकर तड़प रही और उन्होंने मेरी चिकनी रसीली बुर में मुंह लगा दिया ( अम्मी तेजी से अपनी बुर मसल रही थी तड़प रही थी और मुझे देखा , मेरा भी हलक सुख रहा था और तेजी से मै अब अपना लंड निकाल कर हिला रहा था उनके आगे )
: अह्ह्ह्ह मेरी जान उफ्फ और फिर क्या हुआ उम्मम बोल न ( अब्बू की बातों से साफ था वो भी अपना लंड हिला रहे थे )
: अह्ह्ह्ह सीईईईईई मै अह्ह्ह्ह पागल हो गई थी मेरे राजा उनकी जीभ जिस तरह से मेरे चूत पर रेंग रही थी और मैने उनका सर पकड़ कर अपनी बुर में दबा दिया और झड़ने लगी
: ओह्ह्ह्ह्ह गॉड फक्क्क् ओह्ह्ह्ह यशस्स अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह ( अब्बू झड़ रहे थे और सिसक रहे थे )
: अह्ह्ह्ह्ह मेरे राजा आजाओ न चाट लो न मेरी बुर ,खा जाओ न इसे अह्ह्ह्ह्ह धत्त गंदे झड़ रहे हो क्या ? ( अम्मी तड़प उठी )
: हा मेरी जान तेरे फूली हुई बुर देख कर रहा नहीं गया अह्ह्ह्ह इस बार आऊंगा तो खूब चूसूंगा अह्ह्ह्ह अभी रख रहा हु , केबिन में जा रहा हूं बाय ( अब्बू ने एकदम से फोन काट दिया और अम्मी को यकीन नहीं हुआ और न मुझे )
अम्मी का मन उतर गया और मोबाइल उन्होंने बगल में रख दिया और मै झट से उठ कर उनके पास गया , फोल्ड हुई जांघें के पास खड़ा होकर उनके घुट ने छूता हुआ : क्या हुआ अम्मी , आयेंगे अब्बू
: भक्क नहीं , अपना काम निकाल लिए और मुझे छोड़ गए ( अम्मी मुंह बना कर बोली )
: कोई नहीं रात को फिर ट्राई करना ( उम्मीद भरी नजरो से मै उन्हें देख कर बोला मगर मेरी नजरे उनकी रस से गीली हुई उनकी पाव सी फूली हुई चूत पर थी )
: धत्त मुझे नहीं करना कुछ, उन्हें मेरी कुछ पड़ी ही नहीं ,तड़पा कर फोन काट गए ( अम्मी मुंह फेर कर बोली )
मेरे भीतर अम्मी की तड़प को लेकर संवेदना उठ रही थी और मैने उन्हें जांघों को सहलाते हुए बोला: मै मदद करूं अम्मी
: तू क्या करेगा ? ( अम्मी सिसक कर बोली , मगर उनकी आंखों में कुछ झिझक भी थी )
: आपकी मदद उम्ममम कितनी मुलायम है अह्ह्ह्ह्ह ( मैने उनके पास आके सीधा उनकी रस भरी मोटी नंगी चूचियों को मिजने लगा )
: अह्ह्ह्ह शानू उम्मम ये क्याह कर रहा है बेटा अह्ह्ह्ह उम्मम नहीइईई वहां नहीं ( अम्मी मुझे टोकती उससे पहले ही मेरे पंजे अम्मी की गुलाबी चिकनी बुर को पंजे में भर कर मसलने लगे थे )
कितनी रसीली बजबजाई बुर थी एकदम पाव सी नरम नरम चर्बीदार मैने उन्हें अपनी मुठ्ठी में भरने लगा ।
: ओह्ह्ह उम्ममम अमीईईई अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह शानू अह्ह्ह्ह मेरा बच्चा अह्ह्ह्ह ( अम्मी अपनी टांगे फैला कर पूरी बिस्तर पर मथने लगी , और मेरे दोनों पंजे ऊपर उनकी दोनों छातियां मिज़ रहे थे और नीचे उनकी रसीली चूत की फांकों में उंगली कर रहे थे )
: उफ्फ अम्मी कितनी सॉफ्ट है और गीली हो गई है ( मैने अम्मी के बुर से बहती हुई मलाई उनके ही बुर के फांके पर लगाते हुए बोला )
: अह्ह्ह्ह शानू उम्मम क्या करु तेरे अब्बू ने अह्ह्ह्ह सीईईईईई उम्मम मुझे पागल कर देते है ओह्ह्ह्ह उम्ममम क्या कर रहा अह्ह्ह्ह्ह मत कर न बेटा ओह्ह्ह
: उम्मम कितना क्रीमी सा टेस्ट है अम्मी ( मै अब झुक कर अम्मी के बुर के फांके पर जीभ चलाने लगा )
मेरे मुलायम होठ और लपलपाती जीभ बहुत ही आहिस्ता उनके चर्बीदार फुले हुए चूत पर चल रहे थे और मै उनकी गुदाज फांके चुबलाने लगा और बीच बीच में उंगली से दाने को छेड़ने लगा
अम्मी एकदम से पागल होने लगी ,उनकी गाड़ उचकने लगी और मेरे सर को अपनी उंगलियों से छूने लगी और सिसकने लगी : अह्ह्ह्ह्ह बेटा अह्ह्ह्ह उम्मम अह्ह्ह्ह्ह कितना अच्छा... अह्ह्ह्ह्ह उम्ममम ऐसे ही अह्ह्ह्ह्ह खा जा उम्मम
अम्मी के शब्द मुझे उत्तेजित कर रहे थे और मेरा लंड एकदम अकड़ गया था मै उनकी टांगे फैलाए हुए उनकी गाड़ से लेकर जांघों को सहलाते हुए अपने होठ उनकी बजबजाती बुर में दिए हुए था और उनके फांके चूस रहा था
अम्मी पूरी तड़प रही थी अकड़ रही थी
मेरा हाथ मेरे लंड पर था जिसे मैं तेजी से हिला रहा था , दिल बस यही कर रहा था कि अभी घुसा दु अम्मी की बुर में, मगर कलेजा उतना भी मजबूत नहीं था
तो मैने हौले से एक उंगली नीचे से अम्मी की बुर में पेल दी और तेजी से अंदर बाहर करने लगा
अम्मी एकदम से अकड़ने लगी और तड़प उठी चीखती हुई सिसकने लगी : अह्ह्ह्ह ये क्या कर रहा है तू अह्ह्ह्ह्ह सीईईई पहले तेरे अब्बू ने तड़पाया अब तू अह्ह्ह्ह्ह सीईईई ओह्ह्ह उम्ममम अमीईईई अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह शानू
: निकाल दूं क्या ? ( मै तेजी से उनकी बुर में उंगली करते हुए मुस्कुरा कर बोला )
: नहीइइइ..... सीईईईई गंदा ( अम्मी मुझे मुस्कुरा देख लज्जाई ) अह्ह्ह्ह अम्मी ओह्ह्ह्ह्ह सीईईईई अह्ह्ह्ह्ह और तेजज्ज्ज बेटा उम्माह अह्ह्ह्ह
अम्मी की बढ़ती खुमारी और जोश को देख कर साफ था कि वो झड़ने के करीब थी और मै इसी पल की राह में था मैने अपना खड़ा लंड उनकी जांघों पर रगड़ते हुए चूत में तेजी से उंगली करते हुए बड़ी हिम्मत कर बोला : अम्मीई डाल लू?
: क्या .... नहीईईई अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह उम्ममम ( अम्मी अपने कूल्हे उठाने लगी और जांघें कसने लगी )
: अम्मी बस एकबार प्लीजज्ज ... ( मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था और उम्मीद भरी नजरो से मै अपना लंड हिलाता हुआ उन्हें देखा )
: अह्ह्ह्ह.... नहीं शानू मारूंगी ओह्ह्ह्ह उम्ममम ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह अम्मी ओह्ह्ह्ह्ह सीईईईई अह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह उम्ममम ( अम्मी एकदम से अपनी जांघें कस कर अकड़ गई अपने कूल्हे हवा में उठा दिए और मेरी उंगली ने पहले बार उनकी चूत के छल्ले अपने ऊपर कसे हुए महसूस किए , वो मेरे उंगली को ही खींच रही थी और फिर एक गर्म पानी की परत मेरे उंगलियों को महसूस हुई
अम्मी झटके खा कर झड़ रही थी और उनकी पूरी चूत भर गई थी
वो शांत होकर हाफ रही थी और मै उनकी सफेद मलाई को उंगली से निकाल कर बुर पर लिप रहा था , एक हाथ में अपना लंड पकड़े हुए ।
जारी रहेगी ।